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बुधवार, 8 अगस्त 2018

वेतन न मिलने से अमरकंटक नप के कर्मचारी परेशान



दुकानों भी अब नही दे रहे उधार,हर बार अगली माह की दे रहे दुहाई
अनूपपुर। जिले के पवित्र नगरी अमरकंटक के विकास में शासन के करोड़ों रूपए के आवंटन तथा लाखों सैलानियों के लिए सुविधा उपलब्ध कराने वाले नगरपरिषद अमरकंटक के द्वितीय-तृतीय श्रेणी कर्मचारी अब खुद अपने ही परिवारिक भरण पोषण में असमर्थ हो रहे हैं। नगरपरिषद द्वारा पिछले पांच माह से उनका मासिक वेतन नहीं प्रदान किया गया है। जिसके कारण नगरपरिषद में कायर्रत 50 से अधिक शासकीय कर्मचारी अब पैसे-पैसे के लिए तरस रहे हैं। बताया जाता है कि नगरपरिषद में कार्यरत 53 से अधिक कर्मचारियों को पिछले पांच माह यानि फरवरी-मार्च के बाद से वेतन नहीं प्रदाय किया गया है। जिसके कारण उनके घरों में भरण पोषण की समस्या उत्पन्न हो गई। कर्मचारियों को दुकानदारों ने अधिक कर्ज होने पर राशन देना बंद कर दिया है। यहीं नहीं कई कर्मचारियों के बच्चों का एडमिशन स्कूलों में नहीं हो सका है। नगरपरिषद कर्मचारी संघ अध्यक्ष मनोज तिवारी का कहना है कि जिले के सुदूर अंचल में संचालित नगरपरिषद के कर्मचारी अपनी पारिश्रमिक मासिक वेतन के लिए तरस रहे हैं। नगरीय प्रशासनिक अधिकारी हर बार कर्मचारियों से अगले माह-अगले माह वेतन मिल जाने की दुहाई दे रहे हैं। लेकिन आश्चर्य है उनके आश्वासन के बाद भी पांच माह बीत गया। मनोज तिवारी के अनुसार कुछ कर्मचारियों ने वेतन नहीं मिलने तथा परिवार के भरण पोषण में बन रही परेशानियों से परेशान होकर मामले की शिकायत कलेक्टर व कमिश्नर की चेतावनी दी। लेकिन नगरीय प्रशासक ने सभी कर्मचारियों से आगामी 14 अगस्त तक ठहरने की अपील करते हुए पैसे भुगतान कराने का आश्वासन दिया है। हालांकि कर्मचारियों का मनना है कि इससे उनके खाते में कोई वेतन नहीं आने वाले, लेकिन अधिकारी होने के कारण उनके आश्वानों पर कुछ दिन और ठहर जाने की बात कही है। नप सूत्रों का कहना है कि इससे पूर्व नगरपरिषद में इस प्रकार की समस्या नहीं बनी। लेकिन इस वर्ष पांच माह से वेतन नहीं मिलने से कर्मचारियों की रीढ ही तोड़ डाली है।
इनका कहना है
हम लगभग 15 कर्मचारियो का वेतन नही दिया है हमारे पास बजट न होने के कारण नही होसका, 15 अगस्त के बाद दकनक हा प्रयास करेगे।
सुरेन्द्र सिंह उइके,मुख्य नपा अधिकारी अमरकंटक

कर्मचारियों के खाते में पिछले पांच माह से किसी भी माह की वेतन राशि नहीं आई है। परिवार के सदस्यों का भरण पोषण मुश्किल हो गया है। दुकानदारों ने अब राशन देने से मनाही कर दी है। कुछ बच्चों के नामांकन पैसे के अभाव में निजी संस्थानों में नहीं हो सका है। सीएमओ ने 14 अगस्त की मोहल्लत मांगी है।
मनोज तिवारी, नप कर्मचारी संघ अध्यक्ष अमरकंटक

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