मुख्यमंत्री ने मृतक के परिवार को 9 लाख,घयलों को 2.5 लाख देने की घोषणा, अपर मुख्य सचिव गृह ने जाना घायलो का हालचाल
अनूपपुर। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के जिले के कोतमा नगर के वार्ड क्रमांक 5 स्थित बस स्टैंड के पास शनिवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। रविवार सुबह करीब 11 बजे एक महिला का शव मिला। अब मृतकों की संख्या तीन हो गई है। करीब 18 घंटे बाद भी लगातार बचाव कार्य जारी हैं। एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, लोकल समेत 100 से ज्यादा लोग मलबा हटाने में जुटे हैं। वहीं सर्चिंग के लिए भिलाई और बनारस से भी टीमें बुलाई गई हैं।वहीं पुलिस ने लाज मालिक और बगल में निर्माण कर करवा रहे भूमि स्वामी पर पुलिस ने रविवार को प्रकरण दर्ज कर लिया है।
मुख्यमंत्री ने मृतक के परिवार को 9 लाख देने की घोषणा
मुख्यमंत्री डा. माहन यादव ने जिले के नगर में कल हुए दुखद हादसे में काल-कवलित नागरिकों के परिजनों को 9-9 लाख एवं घायलों 2.5 लाख देने की जानकारी ट्वीट कर दी।
जिसमे मुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान से ₹4-4 लाख, संबल योजना के अंतर्गत ₹4-4 लाख एवं रेडक्रॉस से ₹1-1 लाख की आर्थिक सहायता प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, घायलों को मुख्यमंत्री स्वेच्छा अनुदान से ₹2-2 लाख एवं रेडक्रॉस से ₹50-50 हजार राशि दी जाएगी। राज्य सरकार प्रभावित परिजनों के साथ खड़ी है। ईश्वर से दिवंगतों की शांति और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना है।
कलेक्टर हर्षल पंचोली ने बताया कि शासन की तरफ से प्रत्येक मृतक के परिवार को 9–9 लाख रुपए और घायलों को ढाई–ढाई लाख रुपए दिए जाने की बात कहीं।
प्रकरण दर्ज
वहीं आज कोतमा पुलिस ने लाज मालिक लालू अग्रवाल एवं होटल के बगल में निर्माण कार्य कार्य कर रहे भूस्वामी राजीव गर्ग पुत्र राम नरेश गर्ग के पर प्रकरण दर्ज किया है। कोतमा प्रकरण दर्ज किया है।
भोपाल से अपर मुख्य सचिव गृह विभाग के सी गुप्ता कोतमा पहुंचे जहां उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण कर इलाज कर रहे घायलों का हाल-चाल जानने कोतमा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में घायलों से मुलाकात कर उनसे स्वास्थ्य की कुशालक्षेम जानी उसके बाद पुन: घटनास्थल के लिए रवाना हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बिल्डिंग गड्ढे की ओर झुककर गिरी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि पास में निर्माण के लिए करीब 12 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था, जिसमें पानी भरने से नींव कमजोर हो सकती है। निर्माण की अनुमति को लेकर भी सवाल उठे हैं। नगर पालिका का कहना है कि दस्तावेज देखने के बाद ही स्थिति साफ होगी।
मृतकों में 55 वर्षीय हनुमान दीन यादव और 40 वर्षीय राम कृपाल यादव एवं तीसरी मृतक कोतमा निवासी 45 वर्षीय राधावाई पति हमलाल कोल का शव मिला हैं। सभी चौथी मंजिल पर काम कर रहे थे, तभी हादसा हो गया।
रविवार की सुबह मौके पर जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप अहिरवार भोर के तीन बजे कोतमा पहुंचनें पर मौका निरिक्षण कर कलेक्टर हर्षल पंचोली से घटना की जानकारी लेका बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये। इस दौरन कोतमा विधायक और प्रदेश के राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल, पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान मौके रात भर रह कर बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं।
एसडीआरएफ की टीम ने मलबे में दबे कोतमा निवासी हनुमान दीन के शव को बाहर निकाला। मुंह से खून निकल रहा था। शरीर की कई हड्डियां टूट चुकी थीं। मलबे से बाहर निकालते समय मौके पर मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। राहत और बचाव दल लगातार अन्य लोगों को खोजने में जुटा हुआ है।
धीमी पड़ी चीख-पुकार की आवाज
मलबे के नीचे अभी भी कुछ लोगों के दबे होने की आशंका बनी हुई है। ऊपर से आवाज देने पर भी नीचे से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल रही है। रविवार की सुबह एनडीआरएफ की टीम पहुंची है, मलबे में दबे लोगों को ढूंढने के लिए कुत्ते की मदद से लगे हुए हैं।

















































