राजेश शुक्ला /अनूपपुर। प्रदेश के मंत्री
मण्डल का बहुप्रतीक्षित विस्तार के पूर्व बहुत से विधायक इस आश में थे कि शिवराज
मंत्री मण्डल में स्थान मिलेगा। किंतु तीन विधायकों को जातीय समीकरण के कारण स्थान
दिया गया। इसमें अनूपपुर जिले के एकमात्र विधायक ने भी शिवराज मंत्रीमण्डल में
स्थान पाने के लिए कोशिश में थे किंतु इस बार भी उन्हें यह स्थान नहीं मिल सका।
बार-बार मंत्रीमण्डल विस्तार से दो कदम दूर पहुंचकर स्थान नहीं मिल पा रहा है और
ना ही समीपी जिलों के विधायकों को मौका नहीं मिल पा रहा। जिले के एकमात्र विधायक
रामलाल रौतेल को मंत्रीमण्डल में स्थान न मिलने का कारण सत्ता और संगठन की नाराजगी
का एक सबसे बड़ा कारण है। जिन्होंने दोनों से अपने हितों के कारण दूरियां बना रखी
हैं। जिसमें इन्होंने गत माह पूर्व सत्ता और संगठन दोनों से बैर मोल ले लेने का
कारण अनूपपुर में फ्लाई ओव्हर के निर्माण को लेकर है, जब इन्होंने अपने ही
सरकार के विरूद्ध अनशन, आमरण
अनशन कर जनता की वाहवाही लूटने का प्रयास किया। किंतु वह भी सफल न हो सका, इससे संगठन के लोग
नाराज हो गये और सत्ता पक्ष की नाराजगी झेलनी पडी। इसके बावजूद भी अभी तक प्रशासन
ने फ्लाई ओव्हर निर्माण में कोई तत्परता नहीं दिखाई बल्कि अब तो ओर पेंच फसता
दिखाई दे रहा है। जिसमें जिला चिकित्सालय से लेकर रेलवे फाटक तक 1962 के राजस्व रिकार्ड
के अनुसार यह भूमि चिकित्सालय की है, इसमें
अतिक्रमणकारियों ने कब्जा कर अपने भवन खडे किए हैं। अभी तक तो प्रशासन इन्हें
मुआवजा देने की बात कह रहा था किंतु अब यह मामला भी ठण्डे बस्तें में जाता दिखाई
दे रहा है, किंतु
विधायक की परेशानी अभी तक दूर नहीं हुई। यह कर विधायक ने अपने पैरों में कुल्हाडी
मारी है। भोपाल सूत्रों के अनुसार विधायक से सत्ता और संगठन दोनों ही खासे नाराज
हैं, इसलिए
इन्हें सत्ता की सीढ़ी चढऩे को नहीं मिली। जब तक यह दोनों की नाराजगी दूर नहीं
करते तब तक इन्हें सत्ता सुख के आसार नजर नहीं आ रहे हैं।
तो वहीं
दूसरी ओर शिवराज ने अगली पारी खेलने के लिए अपने चौसर के लिए गोटियां फिट करने
प्रारंभ कर दिये हैं। जिन विधानसभा क्षेत्रों में विधायकों का प्रदर्शन खराब है
वहां उन्हें समय रहते ठीक करने की ताकीद दी है। अगर समय रहते इन्होंने अपना
प्रदर्शन नहीं सुधारा तो उस क्षेत्र से नये प्रत्याशी का चयन कर क्षेत्र में उतारा
जायेगा। ज्ञात हो कि भाजपा के अंदरूनी सर्वे के अनुसार अनूपपुर विधानसभा में
विधायक की स्थिति अच्छी नहीं है। सर्वे के अनुसार इन्हें 28 अंक मिले हैं, जो कि लाल लाईन से
थोडी से ऊपर हैं जिसे अच्छा नहीं कहा जा सकता। ऐसी स्थिति में सत्ता और संगठन
दोनों से नाराजगी लेना विधायक को भारी पड सकता है। मुख्यमंत्री ने मंत्रीमण्डल
विस्तार के बाद यह बात जरूर कही है कि अगर विस्तार शीघ्र होगा, किंतु उस विस्तार
में भी अनूपपुर का नाम नहीं होगा।
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