हाईकोर्ट के
निर्देशों का होगा पालन प्रशासन व कोल प्रबधंक बैठक में निर्णय
अनूपपुर। रविवार 1
अप्रैल की शाम भालूमाड़ा एसईसीएल रेस्ट हाउस में आमाडांड गांव के प्रभावित
भू-स्वामियों, कॉलरी
प्रबंधन तथा जिला प्रशासन के बीच हुई बैठक में जिला प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में
हाईकोर्ट के निर्देशों में एवं भू-अर्चन के प्रावधानों में पुर्नवास नीति के
अनुसार ही प्रभावित किसानों को मुआवजा प्रदान करने की बात कही। जिसमें हाईकोर्ट
द्वारा दिए गए मुख्य दो बिन्दूओं के पालन करने की बात कही गई। आमांडाड के किसानों
द्वारा रोजगार एंव मुआवजे को लेकर पूर्व में दिए गए आत्मदाह की चेतावनी में 1 अपै्रल को जिला
प्रशासन द्वारा दूसरी बार भालूमाडा विश्राम गृह में पीडित किसानों, कॉलरी प्रबंधन के
साथ बैठक कर चर्चा की। जिसमें किसानों ने बताया कि वर्षो से जमीन अधिग्रहित के बाद
भी क्षेत्र के किसान नौकरी के लिए मोहताज है। साथ ही कॉलरी प्रबंधन द्वारा उन्हें
प्रताडित किया जाता रहा है। बार बार कॉलरी प्रबंधन द्वारा नौकरी दिए जाने का
आश्वासन देकर अबतक मुकरी रही। जिससे नाराज किसानो ने आंदोलन के अल्टीमेटम देने के
साथ 30
मार्च को आत्मदाह के लिए चिता सजाई थी। लेकिन प्रशासन ने बैठक कर चर्चा का आश्वासन
दिया। 1
अप्रैल रविवार को आयोजित बैठक में एसडीएम मिलंद्र नांगदेवे,जीएम आसित पांडेय, थाना प्रभारी
के.के.त्रिपाठी,डिप्टी
जीएम, सरंपच
आमाडांड, निमहा, कुहका, किसान नेता अशोक
त्रिपाठी सहित सैकडो की संख्या में प्रभावित किसान रहे। बैठक में हाईकोर्ट के
द्वारा दिए 2 बिन्दुओं
को ध्यान में रखते हुए नौकरी देने तथा मध्य प्रदेश पुर्नवास नीति के पालन की बात
कही। पूर्व में भर्ती लोगो की स्कूटनी कर पात्र किसानों को चिह्नित करने की
कार्रवाई होगी। वहीं सभी की सहमति से पूर्व में 31 दिसम्बर को होने वाली ग्राम सभाएं रद्द
की जा चुकी है जो कि अब डीआरसीसी के तहत 9 अप्रैल
को आमाडांड, 18 को
निमहा एंव 22 को
कुहका गांव में सभाएं आयोजित होगी। जिसमें कृषको की बातें सुनने के साथ ग्रामीणों
के बीच तय करते हुए नौकरी एंव मुआवजे की कार्रवाई की जाएगी।
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