अनूपपुर। हसदेव क्षेत्र के राजनगर खुली खदान परियोजना
में पूर्व में कोयला परिवहन में संलग्न मेसर्स चाणक्य ट्रांसपोर्ट प्राइवेट
लिमिटेड कम्पनी के द्वारा मजदूरों का हक मारते हुए मजदूरों सीएमपीएफ/पीएफ की राशि
वर्ष २००४-२००५ से आज तक प्रदाय नहीं की गई। मजदूरों को मिलने वाली पीएफ की राशि
मजदूरों को सही समय पर मिल जाये, इस बात की जिम्मेदारी नियोक्ता ट्रांसपोर्ट कम्पनी और प्रधान
नियोक्ता एसईसीएल की संयुक्त रूप से होती है। प्रधान नियोक्ता ने वर्ष २००४-०५ में
ट्रांसपोर्ट कम्पनी के बिल से २ लाख ९३ हजार ५९९ रूपये एसईसीएल ने सीएमपीएफ के मद
में काट तो लिय, परंतु
उक्त राशि को ना तो मजदूरों को दी गई और ना ही सीएमपीएफ कार्यालय जबलपुर में जमा
कराया गया,
इस प्रकार से मजदूरों
को मिलने वाली पीएफ की राशि नियोक्ता और प्रधान नियोक्ता की गलतियों की वजह से आज
तक मजदूरों को नहीं मिल सका है। मजदूरों के पक्ष में ट्रांसपोर्ट कम्पनी के
प्रबंधक के बिल से काटी गई पीएफ की राशि नियमानुसार मजदूरों की गा$ढी हक की कमाई है अब इस हक पर भी
डाका डालने का प्रयास किया जा रहा है। ट्रांसपोर्ट कम्पनी के प्रबंधक के द्वारा
काटी गई राशि मजदूरों को न देते हुए अपने पक्ष में अब मांग की जा रही है।
नियमानुसार मजदूरों की राशि ब्याज सहित प्रदाय किया जाना चाहिए। क्षेत्रीय आयुक्त
कोयला खान भविष्य निधि संगठन जबलपुर द्वारा जारी पत्र से महाप्रबंधक एसईसीएल हसदेव
क्षेत्र में कहा है कि प्रधान नियोक्ता स्वत: श्रमिकों की पीएफ एवं पेंशन अंशदान
की कटौती एवं समय से जमा किये जाने के लिए उत्तरदायी है साथ ही यह भी कहा कि
ठेकेदार का बिल रिलीज किये जाने से पहले उनसे संबंधित ठेका श्रमिकों का पीएफ/पेंशन
की कटौती और उसका जमा किया जाने हेतु प्रधान नियोक्ता की है। क्षेत्रीय आयुक्त
कोयला खान भविष्य निधि संगठन जबलपुर के इस पत्र से मजदूरों का हक उन्हें मिलने की
संभावनाएं ब$ढ
गई है और ट्रांसपोर्ट कम्पनी में उस वक्त कार्यरत मजदूरों को जब इस बात की खबर लगी
कि हमारे कमाई की लाखों रूपये जो उस समय हमें नहीं मिल पाया था वह रकम अब हमें
पीएफ के रूप में मिलने वाला है तो गरीब मजदूरों के चेहरे पर मुस्कराहट आ गई। इस
पूरे मामले को कोयला खान भविष्यनिधि कार्यालय के समक्ष क्षेत्र के समाजसेवी सुनील
कुमार चौरसिया ने प्रस्तुत किया जिससे मजदूरो को उनका पीएफ मिलने की संभावना है बन
गई है।

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