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शनिवार, 20 अक्टूबर 2018

राजेन्द्रग्राम में गिरा दिया रावण का पुतला,जनजातीय संगठनों ने किया था विरोध

अनूपपुर। एससी/एसटी एक्ट के लागू होने के बाद जनजातीय बहुल जिले का माहौल तेजी से बदल रहा है। कुछ लोगों द्वारा राजनीति चमकाने के लिये समाज मे विद्वेष फैलाने,जातिगत भेदभाव खड़ा करने की कोशिश हो रही है। दशहरा के दिन जिला अन्तर्गत राजेन्द्रग्राम में एक ऐसी ही घटना ने सामाजिक ताने बाने को छिन्न भिन्न् करने का कार्य किया है। रामलीला उत्सव समिति द्वारा निर्मित रावण के पुतले को लोगों के विरोध के बावजूद बलपूर्वक गिरा दिया गया। लोगों द्वारा आपत्ति किये जाने पर एससी/ एसटी एक्ट का मामला दर्ज कराने की धमकी दी गयी। डरे सहमे सामान्य जाति के लोगों मे भारी आक्रोश देखा जा रहा है। सूत्रो से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के पुष्पराजगढ़ मुख्यालय में रावण का पुतला गिराने मे 7 आदिवासी संगठनों के पदाधिकारियो का हाथ बतलाया जा रहा है। इन लोगों ने  रावण के पुतले के दहन का विरोध करते हुए खड़े रावण के पुतले को गिरा दिया। आदिवासी संगठनों में मूलनिवासी संघ, जयस,भीम सेना, संत रविदास संगठन, सर्वांगीण विकास समिति,अजाक्स, बिरसा ब्रिग्रेड ने  रावण दहन का विरोध किया था। जबकि सार्वजनिक दुर्गा समित ने प्रशासन से रावण दहन की ली थी अनुमति। आदिवासी संगठनों के द्वारा रावण दहन करने पर आपराधिक मामला दर्ज कराने की दी जा रही थी धमकी। धमकी से डर कर समिति ने रावण दहन का निर्णय बदल दिया। 40 साल मे पहली बार परम्परागत त्योहार नही मनाया गया। बाद में छोटे छोटे बच्चों ने रावण के टूटे हुए पुतले को जला कर रावण दहन किया। इलाके में  तनाव व्याप्त है। प्रशासनिक अमला व पुलिस इस मामले मे कोई कार्यवाही करता नही दिख रहा है।
इनका कहना है
ऐसा कोई मामला नही है जिसने पुतला बनाया था उसने ही गिराया है किसी अन्य पक्ष ने नही। अपवाहो पर ध्यान न दे।

वैष्णो शार्मा अतिरिक्त पुलिस अधिक्षक 

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