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शुक्रवार, 22 सितंबर 2023

विधायक की लोकप्रियता बनी स्‍थानिय नेताओं के आंखों कि किरकिरी, माननीय बनने पार्टी को दिखा रहें आंख

विरोधी विधायक का विरोध करते कहीं कर न बैठे संगठन से बगावत

अनूपपुर। शहडोल लोकसभा की 8 विधानसभा क्षेत्र में एक मात्र समान्य विधानसभा क्षेत्र कोतमा के लिए एक अनार सौ बीमार वाली स्थिति हैं, जहां कई नाम अनाम चेहरे दो बड़ी पार्टी में अपनी- अपनी दावेदारी कर रहें। इसमें सेवानिर्वत अधिकारी भी शामिल हैं। तो कोई भ्रष्टाचार का पर्याय बनने के बाद सरकारी नौकरी से त्‍यागपत्र देकर लक्ष्‍मी के कृपा कर सत्‍ता दल से टिकट के जुगाड़ में हैं। जो स्‍वंम भ्रष्टाचार को सत्‍ता के दम माननीय बनने का सपना देख रहें हैं। जिससे भ्रष्टाचार के चल रहें मामलों को दबाया जा सकें। इतना ही नहीं विपक्ष के कई नेता अपने लिए कोतमा से जगह तलास रहें हैं इसमें पूर्व रह चुके माननीय भी कई दावेदारों के साथ जोर अजमाई पर लगे हैं सफलता किये मिलती हैं यह समय बतायेंगा। वहीं इन्‍हीं के नेतृत्‍व में गत दिनों वर्तमान विधायक सुनील सराफ के विरोध में छोटी सभा कर अपनी पार्टी से बगावत कर रहें हैं। वहीं वर्तमान विधायक सुनील सराफ कि लोकप्रियता में कोई फर्क नहीं दिखाई दे रहा हैं। जिससे पार्टी के स्‍थानिय चुनिंदा नेताओं के आंखों कि किरकिरी बने हैं।

वर्ष 2018 के विधानसभा चुनाव के दौरान भाजपा उम्‍मीदवार दिलीप जायसवाल को चुनावी मैदान में बुरी तरह से पछाड़कर,कोतमा विधानसभा के इतिहास में सर्वाधिक मतों से जीत हासिल करने वाले सुनील सराफ ने पूरे कार्यकाल के दौरान गांव-गांव, घर-घर तक अपनी पहुंच कर लोगों के दुख और सुख में सहभागी बन यथासम्भव उनकी मदद की हैं। किन्तु राजशाही तौर पर राजनीति करने वाले चंद नेताओं को विधायक का लोगों के घर-घर पहुंचना रास नही आया। मसलन लोगों कि आवाज बनकर घर-घर तक अपनी पहुंच रखने वाले विधायक अपनी ही पार्टी के चंद लोगों में नासूर बने हैं। सुनील लोगो से सीधे पहुंच कर अपनी छवि अन्‍य नेताओं के मुकाबले बेहतर बनाया हैं। प्रदेश में भाजपा कि सरकार बनने के बाद भी लोकप्रिय के ग्राफ में कमी नहीं दिखाई देती।

कोतमा विधायक ने लोगों को यह अहसास नही होने दिया कि हम अब विपक्ष में हैं। बल्की मजबूती के साथ विधानसभा में जनता कि आवाज बनकर ना केवल दहाडे़। बल्की जनता व जनहित के लिऐ सड़कों में बैठकर आंदोलन करते हुऐ हर समस्या में उनके साथ कदमताल करते रहें हैं। नवागत नगरपरिषद डोला, डूमरकछार, बनगवां एवं बरगवां आदी स्थानों पर हुऐ जमकर फर्जी भर्तियों पर जहां भाजपा नेताओं के कण्ठ से स्वर नही फूट रहे थे। इससे अपने ही संगठन में उपेक्षाओं का दंश झेल रहें हैं। कांग्रेस कोतमा क्षेत्र में बिखरी हुई पार्टी के रूप में शुमार होकर रह गयी है।

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