https://halchalanuppur.blogspot.com

गुरुवार, 22 अप्रैल 2021

शहडोल मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से कोविड मरीजों की हुई मृत्यु दुर्भाग्यपूर्ण - हरिद्वार सिंह


अनूपपुर
। गत वर्ष कोरोना संक्रमण भारत में फैला था तो पूरे देश में हाहाकार मचा और कितनों की जाने चली गई। तब कोरोना से अनजान थे। सरकार की भी कोई तैयारी नहीं थी। अब देश में कोरोना वायरस के एक वर्ष हो रहे हैं। इस एक वर्ष में सरकार की क्या तैयारी रही है यह सभी जानते हैं। गतदिनों शहडोल मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की कमी से 12 कोरोना संक्रमित असमय काल के ग्रास बने जिन्हें श्रद्धांजली अर्पित करते हुए गुरूवार को मप्र राज्य एटक के अध्यक्ष एवं भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के प्रदेश के सहायक सचिव कामरेड हरिद्वार सिंह ने कहीं।

उन्होंने प्रदेश की भाजपा सरकार को अमानवीय बताते हुए कहा मध्यप्रदेश का जो चिकित्सा बजट था,इस वर्ष उसमें कटौती कर दिया। जबकि सरकार को अच्छी तरह से मालूम था कि कोरोना संक्रमण पूरे प्रदेश में फैल चुका है। इससे लडऩे के लिए बजट को बढ़ाने के बजाय बजट को कम कर दिया।यह प्रदेश की जनता के जीवन के साथ खिलवाड़ नहीं है। एक वर्ष बीत जाने के बाद भी सरकार ने कोरोना से लडऩे के लिए कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए हैं।

हरिद्वार सिंह ने कहा कि आलम यह है कि शहडोल मेडिकल कालेज में बीते शनिवार की रात 12 कोरोना संक्रमित मरीजों की ऑक्सीजन की कमी से असमय मृत्यु हो गई। इससे सरकार की उदासीनता का पता चलता है। पिछले एक वर्ष में कोविड-19 को लेकर सरकार की तैयारी शून्य रही है। समय रहतें तैयारी की होती तो आज लोग ऑक्सीजन की कमी से नहीं मर रहे होते। सरकार सिर्फ अपने सत्ता एवं ताकत के बल पर मौत के वजहों को बदलवाना जानती है। कोविड-19 वैश्विक महामारी बन चुकी है। इसकी चपेट में आ गया है। सरकार को सत्ता के लोभ से बाहर आकर इनके बचाव एवं नियंत्रण के लिए बेहतर इंतजाम करे।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी कार्यपालन यंत्री 30,000 रूपये रिश्वत लेते आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (EOW) रीवा ने रंगे हाथ किया गिरफ्तार

मांगी दो लाख रुपए रिश्वत, डेढ़ लाख पूर्व में लिया दूसरी किस्त तीस हजार रुपए जेते धराये  अनूपपुर। मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में शुक्रवार की...