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रविवार, 14 मार्च 2021

समग्र विकास का प्रथम पायदान महिला सशक्तिकरण ग्राम


 ग्राम पंचायत भेजरी में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को गोष्ठी आयोजित

अनूपपुर/अमरकंटक। समाज के समग्र विकास की अवधारणा महिलाओं के बिना कोरी है। अब मनुष्य भौतिकतावादी युग में प्रवेश कर चुका है। इस युग में पुरूष और महिलाएं समान अधिकार और अवसरों के साथ आगे बढ़ रहे हैं कई क्षेत्रों में तो महिलाओं ने पुरूषों को कड़ी चुनौतियां भी दी हैं। हमें अपने अधिकार समझने होंगे और मेहनत के साथ इन अवसरों का उपयोग करना होगा। यह बात इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विष्वविद्यालय अमरकंटक में संचालित आजीविका व्यापार प्रषिक्षण केंद्र के समन्वयक डाॅ. आषीष माथुर ने कही। 


पुष्पराजगढ़ विकासखंड की ग्राम पंचायत भेजरी में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के तारतम्य में 14 मार्च रविवार को गोष्ठी का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) शहडोल के द्वारा दिन विशेष को लेकर आयोजन गोष्ठी में भेजरी बहपुरी पोंडी लालपुर नोनघटी सहित आसपास क्षेत्र की महिलाएं शामिल हुईं। मुख्य अतिथि रहे एलबीआई के समन्वयक एवं कामर्स विभाग के अध्यक्ष डाॅ. माथुर ने ग्रामीणों की आजीविका वृद्धि को लेकर एलबीआई द्वारा कोदो पैकेजिंग और शहद प्रसंस्करण के संबंध में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की महिलाएं प्रतिभाओं की धनी हैं और उन्होंने कोदो और शहद को आजीविका से जोड़कर कार्य किया है। डाॅ. माथुर ने कहा कि जल्द ही वह समय आएगा जब क्षेत्रीय स्वसहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के उत्पाद बडे़-बडे़ मार्केट में अपनी जगह बनाएंगे। इस दौरान कार्यक्रम में नाबार्ड के क्षेत्रीय प्रबंधक रविंद्र जोल्हे ने स्वसहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को आगे आकर शासन की योजनाओं का लाभ लेने को कहा। उन्होंने कहा कि महिलाएं समूहों की गतिविधियों से जुड़कर कई छोटे-छोटे उद्योगों का संचालन कर सकती हैं। उन्होंने कहा कि विकासषील देष की कल्पना महिलाओं की सहभागिता के बिना संभव ही नहीं हो सकती है। क्षेत्रीय प्रबंधक जोल्हे ने कहा कि नाबार्ड सदैव ही ग्रामीण आजीविका में वृद्धि एवं कृषि उन्नयन को बढ़ावा देता रहा है। उन्होंने क्षेत्रीय महिलाओं से शहद प्रसंस्करण एवं मधुमक्खी पालन जैसे व्यापार में सहभागिता देकर आगे आने की अपील की। गोष्ठी में विषिष्ट अतिथि रहे गांव के सरपंच श्री दिलराज सिंह ने समूह की महिलाओं को शुभकामनाएं देते हुए व्यवसायिक गतिविधियों में हर संभव मदद का आष्वासन दिया। उन्होंने शहद प्रसंस्करण एवं मधुमक्खी पालन को लाभ का व्यापार बताया और महिलाओं को क्षेत्र में मधुमक्खी पालन हेतु अनुकूल कृषि एवं पौधरोपण की बात कही। इस दौरान कार्यक्रम का संचालन एलबीआई के लाइजनिंग अधिकारी अवकाष गर्ग ने किया और बड़ी संख्या में ग्रामीण महिलाएं व वरिष्ठजन मौजूद रहे। समूहों का किया गया सम्मान अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के तारतम्य में आयोजित कार्यक्रम के दौरान नाबार्ड ने क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले तीन महिला स्वसहायता समूहों को सम्मानित किया। इनमें लक्ष्मी समूह बहपुरी प्रथम एवं गणेष समूह पोंडी व सरस्वती समूह भेजरी को क्रमषः द्वितीय व तृतीय पुरस्कार दिया गया। इसके अलावा तीन महिला कृषक एवं मधुमक्खी पालन एवं शहद उत्पादन कार्यक्रम में सक्रिय कार्य करने वाले सतगुरू सरस्वती एवं जयमाता दी स्वसहायता समूहों को भी पुरस्कृत किया गया। 

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