अनूपपुर। मध्यप्रदेष वन कर्मचारी संघ अनूपपुर द्वारा अपनी 19 सूत्रीय मांगो को लेकर 24
दिन से जिले के 175 अधिकारी एवं कर्मचारी जिला मुख्यालय के इंदिरा तिराहे के पास
अनिष्चित कॉलीन हडताल पर बैठे हुए है। जहां सातवे दिन भी वन अधिकारियों एवं
कर्मचारियो के हड़ताल पर बैठे होने के कारण वन विभाग के कई महत्वपूर्ण कार्य पूरी
तरह से प्रभावित है। वहीं मध्यप्रदेश वन कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष सुरेश बहादुर
सिंह ने बताया कि उनकी मंागो में मध्यप्रदेष वन विभाग में कार्यरत कर्मचारियो को
राजस्व/पुलिस के समान वेतनमान एवं 13 महा का वेतन प्रदान किए जावे, वन कर्मचारियो को सशस्त्र-बल घोषित करने हेतु आईपीसी एवं सीआरपीसी में संषोधन
कर न्यायिक मजिस्ट्रेट के अधिकार प्रदान किए जाने, वनरक्षक से लेकर प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर तक के सभी अधिकारियो/कर्मचारियो
को वर्दी अनिवार्य की जाए तथा अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 45 की उन्मुक्ति
प्रदान किए जाने, समस्त वनरक्षको
को नियुक्ति दिनांक से 5680 ग्रेड पे 1900 का लाभ दिया जाए एवं जिन्हे लाभ प्राप्त
हो गया है उनकी वसूली पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय अनुसार रोक लगाई जाए, वनरक्षक को नियुक्ति दिनांक से 10,20,30 वर्ष के बाद समयमान वेतनमान प्रदान
किया जाए, सिाईकर्मी केा
चुतर्थ श्रेणी में म.प्र. शासन के आदेषानुसार समायोजित कर सातवां वेतनमान, अनुकंपा नियुक्ति एवं वर्दी प्रदान की जाए, वन कर्मचारियो को महाराष्ट्र सरकार की तर्ज पर 5 हजार रूपए वर्दी भत्ता, वन कर्मचारी वनरक्षक, वनपाल, उपवन
क्षेत्रपाल के निवासी को सर्व सुविधायुक्त बनाया जा कर परिवार के निवास हेतु तहसील
एवं जिला स्तर पर भवन आवंटित किया जाए, वन कर्मचारियो को 13 माह का वेतन, पोष्टिक भत्ता, नक्सलाइड
क्षेत्र में कार्य करने वाले कर्मचारियो को नक्सलाइड भत्ता एवं टाइगर रिजर्व की
बीटों में 2 वन रक्षक की पदस्थिति की जाए, म.प्र. वन विभाग में कार्यरत लिपिकीय कर्मचारियो को पुलिस के समान कार्यपालिक
पदनाम, वेतनमान, देय भत्ता एवं अन्य सुविधाएं प्रदान की जाए साथ ही वन विभाग में उच्च/वरिष्ठ
अधिकारियो की भांति स्वीकृत कार्यपालिक एवं लिपिकीय अमले में वृद्वि किए बिना पदो
का अपग्रेडेषन किया जाकर वर्षो से पदस्थ एक ही वर्ग में कार्यरत अपग्रेडेड वन
मंडलो में वन संरक्षक कार्यालयो के समान लिपिकीय अमला पदस्थ किया जाए, वन विभाग में कार्यरत लघुवेतन कर्मचारियो की पदोन्नति 10 वर्षो में की जाना
सुनिष्चित की जाए एवं पदोन्नति का कोटा 50 प्रतिषत किया जाए, वन विभाग के कर्मचारियों की सेवा को तकनीकी सेवा घोषित की जाए एवं कर्मचारियो
को विश्राम समय प्रदान किया जाकर 12 घंटे की ड्यूटी तय की जाए, वन सेवा के दौरान दिवंगत कर्मचारियो को वन शहीद का दर्जा दिया जाए एवं वन शहीद
स्मारक का निर्माण करवाया जाए, वन अपराध के दौरान हुई वन हानि की वसूली वन कर्मचारियो से बंद की जाए। ठूंठो
की गणना 1 गर्थ क्लास कम करके की जाए एवं डिपो में परिवहन की गई वनोपज का मिलान 1
महा में किया जाए इसके पष्चात वनोपज कमी को अमान्य किया जाए, वन कर्मचारियो को मेडीक्लेम से जोडकर उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवा का लाभ
दिलवाया जाए, 10 वर्ष पूर्व
से नियुक्त वन विभाग में कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटर को संविदा नियुक्ति दी जाए एवं
मुख्यालय के समान प्रदेष के समस्त कम्प्यूटर ऑपरेटरों को समान वेतन दिया जाए, तेन्दुपत्ता प्रबंधको को न्यूनतम 15 हजार रूपए मानदेय प्रदान किए जाने सहित वन
विभाग के मानचित्रकारो को छत्तीसगढ़ राज्य की भांति पदनाम परिवर्तित करते हुए नवीन
मानचित्र का ग्रेड पे पूर्व ग्रेड पे के अनुसार संषोधन एवं मानचित्रकार के पद में
1 एसडीओ कोटे से पदोन्नति दी जाए संबंधी मांगो को लेकर अनिष्चित कॉलीन हड़ताल पर
बैठे हुए है। बुधवार, 30 मई 2018
19 सूत्रीय मांगो को लेकर सांतवे दिन भी जारी रही म.प्र. वन कर्मचारी संघ की हड़ताल
अनूपपुर। मध्यप्रदेष वन कर्मचारी संघ अनूपपुर द्वारा अपनी 19 सूत्रीय मांगो को लेकर 24
दिन से जिले के 175 अधिकारी एवं कर्मचारी जिला मुख्यालय के इंदिरा तिराहे के पास
अनिष्चित कॉलीन हडताल पर बैठे हुए है। जहां सातवे दिन भी वन अधिकारियों एवं
कर्मचारियो के हड़ताल पर बैठे होने के कारण वन विभाग के कई महत्वपूर्ण कार्य पूरी
तरह से प्रभावित है। वहीं मध्यप्रदेश वन कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष सुरेश बहादुर
सिंह ने बताया कि उनकी मंागो में मध्यप्रदेष वन विभाग में कार्यरत कर्मचारियो को
राजस्व/पुलिस के समान वेतनमान एवं 13 महा का वेतन प्रदान किए जावे, वन कर्मचारियो को सशस्त्र-बल घोषित करने हेतु आईपीसी एवं सीआरपीसी में संषोधन
कर न्यायिक मजिस्ट्रेट के अधिकार प्रदान किए जाने, वनरक्षक से लेकर प्रधान मुख्य वन संरक्षक स्तर तक के सभी अधिकारियो/कर्मचारियो
को वर्दी अनिवार्य की जाए तथा अपराध प्रक्रिया संहिता की धारा 45 की उन्मुक्ति
प्रदान किए जाने, समस्त वनरक्षको
को नियुक्ति दिनांक से 5680 ग्रेड पे 1900 का लाभ दिया जाए एवं जिन्हे लाभ प्राप्त
हो गया है उनकी वसूली पर सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय अनुसार रोक लगाई जाए, वनरक्षक को नियुक्ति दिनांक से 10,20,30 वर्ष के बाद समयमान वेतनमान प्रदान
किया जाए, सिाईकर्मी केा
चुतर्थ श्रेणी में म.प्र. शासन के आदेषानुसार समायोजित कर सातवां वेतनमान, अनुकंपा नियुक्ति एवं वर्दी प्रदान की जाए, वन कर्मचारियो को महाराष्ट्र सरकार की तर्ज पर 5 हजार रूपए वर्दी भत्ता, वन कर्मचारी वनरक्षक, वनपाल, उपवन
क्षेत्रपाल के निवासी को सर्व सुविधायुक्त बनाया जा कर परिवार के निवास हेतु तहसील
एवं जिला स्तर पर भवन आवंटित किया जाए, वन कर्मचारियो को 13 माह का वेतन, पोष्टिक भत्ता, नक्सलाइड
क्षेत्र में कार्य करने वाले कर्मचारियो को नक्सलाइड भत्ता एवं टाइगर रिजर्व की
बीटों में 2 वन रक्षक की पदस्थिति की जाए, म.प्र. वन विभाग में कार्यरत लिपिकीय कर्मचारियो को पुलिस के समान कार्यपालिक
पदनाम, वेतनमान, देय भत्ता एवं अन्य सुविधाएं प्रदान की जाए साथ ही वन विभाग में उच्च/वरिष्ठ
अधिकारियो की भांति स्वीकृत कार्यपालिक एवं लिपिकीय अमले में वृद्वि किए बिना पदो
का अपग्रेडेषन किया जाकर वर्षो से पदस्थ एक ही वर्ग में कार्यरत अपग्रेडेड वन
मंडलो में वन संरक्षक कार्यालयो के समान लिपिकीय अमला पदस्थ किया जाए, वन विभाग में कार्यरत लघुवेतन कर्मचारियो की पदोन्नति 10 वर्षो में की जाना
सुनिष्चित की जाए एवं पदोन्नति का कोटा 50 प्रतिषत किया जाए, वन विभाग के कर्मचारियों की सेवा को तकनीकी सेवा घोषित की जाए एवं कर्मचारियो
को विश्राम समय प्रदान किया जाकर 12 घंटे की ड्यूटी तय की जाए, वन सेवा के दौरान दिवंगत कर्मचारियो को वन शहीद का दर्जा दिया जाए एवं वन शहीद
स्मारक का निर्माण करवाया जाए, वन अपराध के दौरान हुई वन हानि की वसूली वन कर्मचारियो से बंद की जाए। ठूंठो
की गणना 1 गर्थ क्लास कम करके की जाए एवं डिपो में परिवहन की गई वनोपज का मिलान 1
महा में किया जाए इसके पष्चात वनोपज कमी को अमान्य किया जाए, वन कर्मचारियो को मेडीक्लेम से जोडकर उच्च स्तरीय स्वास्थ्य सेवा का लाभ
दिलवाया जाए, 10 वर्ष पूर्व
से नियुक्त वन विभाग में कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटर को संविदा नियुक्ति दी जाए एवं
मुख्यालय के समान प्रदेष के समस्त कम्प्यूटर ऑपरेटरों को समान वेतन दिया जाए, तेन्दुपत्ता प्रबंधको को न्यूनतम 15 हजार रूपए मानदेय प्रदान किए जाने सहित वन
विभाग के मानचित्रकारो को छत्तीसगढ़ राज्य की भांति पदनाम परिवर्तित करते हुए नवीन
मानचित्र का ग्रेड पे पूर्व ग्रेड पे के अनुसार संषोधन एवं मानचित्रकार के पद में
1 एसडीओ कोटे से पदोन्नति दी जाए संबंधी मांगो को लेकर अनिष्चित कॉलीन हड़ताल पर
बैठे हुए है। प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र निगवानी के ड्रेसर ने खोला अवैध क्लिनिक, ग्रामीणो का कर रहा उपचार
अनूपपुर। जिले में स्वास्थ्य सुविधाओ को बेहतर बनाने जहां
प्रदेश शासन द्वारा विभिन्न योजनाओं के माध्यम से लगातार प्रयासरत है, वहीं कोतमा क्षेत्र अंतर्गत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं प्राथमिक
स्वास्थ्य केन्द्र की लचर व्यवस्था व बेहतर उपचार न होने पर परेशान मरीज क्षेत्र
में मक्कडजाल की तरह फैले झोलाछाप डॉक्टरो के क्लिनिंक जाने विवश है। जिसका प्रमुख
कारण ग्रामीण क्षेत्रो के लोगो की अज्ञानता प्रमुख है। वहीं ग्राम पंचायत निगवानी
में संचालित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र के ड्रेसर द्वारा ग्राम पंचायत निगवानी
सहित आसपास के ग्रामीणो का बकायदा उपचार किया जा रहा है। वहीं इसके लिए ड्रेसर
द्वारा अपने ही घर में बकायदते क्लिनिंक
चलाकर मरीजो का उपचार कर उनकी जान से
खिलवाड़ किया जा रहा है। वहीं स्वास्थ्य विभाग द्वारा झोला छाप डॉक्टरो के खिलाफ
कार्यवाही करने न तो किसी प्रकार का अभियान चलाया जा रहा है, जिसके कारण नगर सहित ग्रामीण अंचल
में इनकी संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जिसका प्रमुख कारण शासकीय अस्पतालो मे
लोगो को गुणवत्ता पूर्ण उपचार न मिलना है। जहां मरीज झोलाछाप डॉक्टरो के पास पहुंच उपचार करा रहे है। इसके लिए बकादा
ड्रेसर द्वारा अपनी क्लिनिक में दवाईयों
के साथ बॉटल चढाने की व्यवस्था भी की है तथा उपचार के नाम पर मरीजो को मोटी रकम
वसूली जाती है। कलेक्टर ने जिला चिकित्सालय का किया औचक निरीक्षक
उपलब्ध संसाधनो से ही बेहतर उपचार के डॉक्टरो को दिए निर्देश
अनूपपुर। जिला
चिकित्सालय में डॉक्टरों की मनमानी तथा संसाधनों की समस्या से परेशान मरीजो को
स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने के लिए कलेक्टर पी अनुग्रह ने ३० मई बुधवार की शाम
४ बजे जिला चिकित्सालय का औचक निरीक्षण किया। जिसमें सीएमएचओ सहित सीएस व डॉक्टरों
की टीम उपस्थित रही। औचक निरीक्षण में कलेक्टर ने ट्रामा सेंटर भवन में बने पोषण
पुनर्वास केन्द्र में कुपोषित बच्चों की संख्या में कमी पाई गई, जहां निर्धारित सीटों के अनुसार बच्चों को भर्ती कराने के निर्देश दिए। साथ ही
जिले के पोषण पुर्नावास केन्द्रो पर बच्चों को सुपोषित कराने निर्देशित किया गया।
जिसके बाद कलेक्टर ने अस्पताल में भर्ती बच्चों की माताओं से मिलकर उनकी खान-पान
संबंधी जानकारी ली तथा ट्रामा सेंटर के लिए उपलब्ध कराए गए सफाई स्टाफों के संबंध
में जानकारी लेकर सफाई व्यवस्था बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए। औचक निरीक्षक में
कलेक्टर ने ब्लड बैंक की जानकारी ली, जिसमें सीएमएचओ ने वर्तमान में ३४ यूनिट ब्लड का स्टॉक होना बताया। कलेक्टर ने
एसएनसीयू वार्ड, डायलसिस यूनिट, प्रसव वार्ड सहित सिविल सर्जन कार्यालय का भी निरीक्षण किया। कलेक्टर पी
अनुग्रह ने जिला चिकित्सालय की व्यवस्थाओ के लिए वर्तमान में उपलब्ध संसाधन के
हिसाब से मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य लाभ प्रदान कराने के लिए डॉक्टरो को निर्देशित
किया गया। वहीं लगातार जिला चिकित्सालय में मरीजो को बेहतर उपचार नही मिलने की
शिकायत पर कलेक्टर ने स्वयं ही अस्पताल का निरीक्षण को नियमित रूप में स्वयं करने
का आश्वासन दिया है। रेत, गिट्टी व पत्थर के अवैध परिवहन पर ३ वाहन जप्त
अनूपपुर। पुष्पराजगढ़
अंचल में लगातार पत्थरो व रेत के अवैध उत्खनन व परिवहन की शिकायतो के बाद खनिज
विभाग द्वारा २९ मई को तीन वाहनो को अवैध उत्खनन व परिवहन करते पाए जाने पर वाहन
को जब्त करते हुए कार्यवाही की गई। खनिज निरीक्षक सुरेन्द्र पटले ने जानकारी देते
हुए बताया कि लगातार शिकायत के बाद पुष्पराजगढ़ भ्रमण के दौरान तीन वाहनो पर
कार्यवाही की गई है, जिसमें
लांघाटोला में रेत का अवैध परिवहन करते ट्रक क्रमांक एमपी ६५ जीए ०२४८, ग्राम लेढऱा में गिट्टी का अवैध परिवहन करते वाहन क्रमांक एमपी ६५ एच ०२१८ तथा
बरटोला में पत्थर के अवैध उत्खनन के दौरान ट्रैक्टर क्रमांक एमपी १८ एए ३५५० को
जब्त कर खनिज अधिनियम के तहत कार्यवाही की गई। कार्यालयीन समय पर गहरी नींद पर उपायुक्त सहकारिता
अनूपपुर। संयुक्त
कलेक्ट्रेट अनूपपुर में संचालित २५ विभागो में कई विभाग ऐसे है जहां पर विभाग
प्रमुख द्वारा कार्यालयीन समय पर अपने कक्ष का दरवाजा बंद कर एसी व कूलर की हवा मे
सोते नजर आ रहे है, इसके साथ ही
भृत्य को अपने कक्ष में बिना किसी आदेश के कक्ष में प्रवेश करने से मना कर दिया
जाता है। जिसमें ३० मई बुधवार को कलेक्ट्रेट में उपायुक्त सहकारिता विभाग के
उपायुक्त सी.पी. भदौरिया अपने कक्ष में गहरी निंद में देखे गए। वहीं जहां कार्यालय
में समूहो की कई महिलाओ को अपने-अपने पंजीयन कराने के आवेदन लिए परेशान देखी गई।
वहीं कार्यालय के दैनिक कार्य की प्रगति क्या होगी इनके नींद से पता चल सकता है।
वहीं उपायुक्त सहकारिता सीपी भदौरिया के अपने कक्ष में गहरी नींद में रहने की फोटो
कैमरे में कैद हो गई। जिसकी जानकारी भी इन्हे नही लगी। जिसके बाद सूचना तत्काल
कलेक्टर अनुग्रह पी को दी गई, जहां उन्होने तत्काल इस संबंध में जानकारी लेकर कार्यलयीन समय पर उपायुक्त
सहकारिता के सोने का कारण कारण पूछा जाने की बात कही गई। जिले भर के बैंक अधिकारी एवं कर्मचारी दो दिवसीय हड़ताल पर, रैली निकाल जताया विरोध
अनूपपुर। स्टेट बैंक ऑफ
इंडिया अवार्ड स्टॉफ एम्पलाईज यूनियन भोपाल सर्कल अनूपपुर द्वारा 30 मई बुधवार को
राष्ट्रीयकृत बैंक अधिकारी-कर्मचारियों ने वेतन पुर्नरीक्षण समझौता लागू नहीं होने
पर भारतीय बैंक संघ की अनदेखी पर नाराजगी व्यक्त करते हुए दो दिवसीय हड़ताल पर चले
गए। जिसमें सुबह से शाम तक जिले के समस्त बैंको में ताले लटके रहे। वहीं जिला
मुख्यालय में बैंको के पदाधिकारियों व कर्मचारियों ने सामूहिक रूप में नगर में रैली निकाल भ्रमण करते हुए विरोध
प्रदर्शन करते हुए सरकार के नकारात्मक रवैए के खिलाफ नारेबाजी की गई। देशव्यापी दो
दिवसीय बैंक हड़ताल में तीन निजी बैंक और क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक शाखाएं दूर रही।
निजी बैंकों में एचडीएफसी, एक्सिस तथा आईसीआईसीआई बैंक शामिल हैं। शहडोल सम्भागीय सचिव कृष्ण कुमार
अग्निहोत्री का कहना है कि इससे पूर्व ९ मई को हमने अंशकालिक विरोध प्रदर्शन कर
चेतावनी दी थी कि सरकार हमारी मांगों को अगर नजर अंदाज करती है तो आगामी 30 व ३१
मई को दो दिवसीय हड़ताल के लिए मजबूर होगी। बैंक पदाधिकारियो ने बताया कि वेतन
पुर्नरीक्षण १ नवम्बर २०१७ से आईबीए एवं सरकार के पास लंबित है। जिसमें भारतीय
बैंक संघ (आईबीए) द्वारा मात्र २ प्रतिशत की वेतनवृद्धि का प्रस्ताव दे रही है।
जिसका स्टेट बैंक ऑफ इंडिया अवार्ड स्टाफ एम्पलाईज यूनियन बैंककर्मी विरोध कर रहा
हैं। वहीं बैंक की हड़ताल होने पर जिले भर के व्यापारिक लेन-देन सहित अन्य कारोबार
प्रभावित होने के साथ आमजीवन प्रभावित रहा। वहीं हड़ताल की जानकारी नही होने पर कई
ग्रामीण बैंक पहुंच बिना कार्य हुए मजबूर वापस लौटे।
मंगलवार, 29 मई 2018
जादू टोना की आशंका पर पडोसी ने की वृद्धा की हत्या
घर में सो रही वृद्धा के सर पर घन से
वार कर उतारा मौत के घाट
इंट्रो- आदिवासी अंचल पुष्पराजगढ़ में
जादू टोना किए जाने की आशंका पर ७० वर्षीय वृद्धा के सर पर हथौडा (घन) से वार कर
२९ दिसम्बर २०१७ को मौत के घाट उतार दिया, जिसका खुलासा पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार जैन ने प्रेसवर्ता के दौरान पांच माह
बाद २९ मई को एसडीओपी कार्यालय में किया। जिसमें आरोपी ने वर्ष २००९ में जादू टोला
से उसकी एक बच्ची के खत्म होने तथा वर्ष २०१७ में गाय का दूध लगाते समय ७० वर्षीय
वृद्धा के देख लिए जाने के बाद से गाय व बछड़ा खून की लेट्रिंग करने व गाय का दूध
सूख जाने का कारण उसने वृद्धा की हत्या कर दी।
अनूपपुर। थाना राजेन्द्रग्राम अंतर्गत
ग्राम बेंदी जीराटोला में निवास करने वाली
७० वर्षीय वृद्धा जगोतिन बाई पति हजारी सिंह की हत्या २९ दिसम्बर २०१७ की रात सोते
समय अज्ञात व्यक्ति द्वारा किए जाने की सूचना १ जनवरी २०१८ को नेपाल सिंह पिता जगह
सिंह गोंड उम्र ३१ वर्ष ने थाने थाने पहुंच कर की। जहां सूचना मिलते ही मौके पर
पहुंची पुलिस ने घटना स्थल का निरीक्षण
किया जहां मृतिका के सर पर गंभीर चोट आने से उसकी मौत का कारण होना पाया तथा
अज्ञात अपराधी के खिलाफ धारा ३०२, २०१ के तहत मामला पंजीबद्ध कर मामले की जांच में जुट गई।
नाबालिग बच्ची की वीडियो से पुलिस हुई
गुमराह
विवेचना के दौरान जहां पुलिस को एक
वीडियो मिला, जिसमें पडोस में रहने वाली नाबालिग बच्ची ने इस हत्या का आरोप अपने पिता एवं
उनके एक साथी पर लगाते देखा गया। जिस पर पुलिस ने नाबालिग के पिता व उसके एक साथी
को पकड पूछताछ की गई, लेकिन पूछताछ दोनो निर्दोष पाए गए। जिसके बाद पुलिस इस वीडियो को बनाने वाले
के बारे में पता किया, जहां वीडियो आरोपी के १० वर्षीय पुत्र द्वारा बनाया जाना पाया गया, जिसमें बच्चे ने खेल
खेल में बच्ची से यह बोलवाकर वीडियो रिकार्डिंग की गई थी।
जादू टोना की शंका पर जान से मारने बनाई
थी योजना
नाबालिग बच्ची से वीडियो बनाने वाले का
पता चलने के बाद पुलिस अधीक्षक सुनील
कुमार जैन एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक वैष्णव शर्मा के निर्देशन एवं एसडीओपी
पुष्पराजगए़ के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी राजेन्द्रग्राम रामनाथ आर्मो सहित
पुलिस टीम बनाई गई, जहां पुलिस को हत्या की आशंका बच्चे के पिता नाहर बैगा पिता बजरू बैगा उम्र ५०
वर्ष पर गई, जिसके बाद पुलिस ने नाहर बैगा को गिरफ्तार कर सख्ती के साथ पूछताछ की गई। जिस
पर नोहर बैगा ने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए बताया कि जागोतिन बाई सोधन थी जो
जादू टोना करती थी। जिसके कारण मेरी एक
बच्ची की मौत तथा जगोतिया बाई के देखने पर उसकी गाय एवं बछडा खूल की लेट्रिंग करने
लगे तथा गाय का दूध सूख गया। जहां उसने जगोतिया बाई को जान से खत्म करने की मन बना
लिया था।
लोहे के घन से सर पर वार कर की हत्या
आरोपी नाहर बैगा पिता बजरू बैगा ने
बताया कि २९ दिसम्बर २०१७ की रात्रि लगभग १२ व १ बजे के बीच अपने घर से लोहे का घन
लेकर जगोतिन बाई के मकान की परछी के पीछें निर्माण के लिए रखे ईट का सहारा चढ़कर
परछी तक पहुंचा जहां जगोतिन बाई परछी में ही सो रही थी। जिसके बाद मैने उसके सर पर
लोहे की घन से उसके सर पर वार हत्या कर दी तथा घर पहुंचकर लोहे का घन अपने घर
पहुंच छिपा दिया था। जिसे पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करते हुए लोहे की घन जब्त
किया गया। वहीं आरोपी को गिरफ्तार करने पर थाना प्रभारी राजेन्द्रग्राम रामनाथ आर्मो, उप निरीक्षएक एमबी
प्रजापति, सहायक उप निरीक्षक अकबर खान, जयबली सिंह कुशराम, प्रधान आरक्षक भैरव सिंह की भूमिका सराहनीय रही।
स्वास्थ्य समस्याओ को लेकर नपाध्यक्ष कोतमा ने कलेक्टर से की मुलाकात
अनूपपुर। कोतमा नगरपालिका अध्यक्ष
मोहिनी वर्मा ने २८ मई को संयुक्त कलेक्ट्रेट पहुंच कलेक्टर से मुलाकात कर कोतमा
नगर की स्वास्थ्य समस्याओ के संबंध में जानकारी दी। नपाध्यक्ष ने बताया कि कोतमा
नगर जिले का सबसे बड़ा व्यवसायिक केन्द्र होने के बावजूद स्वास्थ्य सुविधाओ की मूल
भूत सुविधाओ से वंचित है। जिस पर सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में नियमित
चिकित्सकों एवं प्राथमिक जांच हेतु लैब एवं नि: शुल्क मिलने वाली दवाईयों की
तत्काल व्यवस्था कराई जाए ताकि नगर सहित आसपास के लगे गांवो के मरीजों को
छोटी-छोटी बीमारियों के इलाज के लिए अन्यत्र न भटकना पड़ता है। जिस पर कलेक्टर ने यथा
संभव समस्याओं का निराकरण करने का आश्वासन दिया।
कोतमा एसडीएम को हटाए जाने पीडित किसानों ने सौंपा ज्ञापन
अनूपपुर। एसईसीएल जमुना कोतमा क्षेत्र
के आमाडांड खुली खदान में ९ अप्रैल को आमाडांड एवं १५ मई को निमहा में किसानों की
बैठक अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कोतमा की अध्यक्षता में संपन्न हुई थी, जिसमें सर्व सम्मति से
४०० रिक्त पदों में पहले म.प्र. पुर्नवास नियमों के तहत पात्र किसानों को रोजगार
दिया जाना था। जिस पर एसडीएम कोतमा ने कुहका, निमहा, आमाडांड के किसानों की पात्रता सूची का पुर्ननिरीक्षण का भरोसा भी दिया था।
लेकिन एसडीएम ने पात्रता सूची में न तो हस्ताक्षर किया और ना ही पुर्नवास नियम के
तहत पात्र लोगो को रोजगार देने की कोई कार्यवाही रविवार २७ मई को भालूमाडा गेस्ट
हाउस में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस, नायब तहसीलदार, कोतमा नगर निरीक्षक रामनगर की उपिस्थति में सरपंच निमहा तथा एक ही परिवार के
चार सदस्यों एवं ३ पंचों सहित कुल ७ किसानों की बैठक कर एसईसीएल के अधिकारियों ने
डिसेंडिंग के आधार पर रोजगार का निर्णय कर गोपनीय तरीके से बैठक कर लिया गया।
जिसके बाद निमहा के किसानों का गुस्सा फूट पड़ा और २८ मई को निमहा के किसान तहसील
कार्यालय कोतमा पहुंच एसडीएम कोतमा को तत्काल हटाने, अजीत सोडा, महाप्रबंधक संचालन, विधि अधिकारी
देवेन्द्र तिवारी, नोडल अधिकारी राजस्व विनोद सिंह को बर्खास्त करने की मांग का ज्ञापन कलेक्टर
के नाम सौंप ३१ मई तक मांगे पूरी नहीं होने पर आमांडाड में क्रमिक भूख हड़ताल की
सूचना दी गई। किसानों का आरोप है कि एसडीएम कोतमा, कॉलरी के बंगले में
रहता है, कॉलरी का पानी, बिजली, डीजल, सुख सुविधाएं प्राप्त
कर निजी स्वार्थ की पूर्ति करता है जिसके कारण एसडीएम कोतमा एसईसीएल का सीईओ बन
बैठा है ऐसे एसडीएम को तत्काल कोतमा से अन्यंत्र हटाया जाए और किसी निष्पक्ष
अधिकारी की नियुक्ति की जाए। किसानों की मांग है कि एसईसीएल ने जिस तरह अन्य
किसानों को म.प्र. पुर्नवास नियम के तहत रोजगार दिया है उसी तरह अन्य पात्र
किसानों को ४०० रिक्त पदों में नियुक्ति की जाए, अजीत सोडा, विनोद सिंह, देवेन्द्र तिवारी
द्वारा किसानों को अनावश्यक प्रताडित किया जाकर १३ वर्षो से परेशान किया जा रहा है, उन्हे तत्काल बर्खास्त
किया जाए, बीते ८ माह से अधिक समय से एक क्रमिक भूख हडताल आमाडांड खुली खदान में संचालित
है, अब अन्य किसान
भी आमाडांड के भूख हडताल की ओर है। किसानों का कहना है कि हमारी जमीन खोद ली गई, कोयला निकाल लिया गया
और हमें रोजगार न देकर प्रबंधन ऐसे लोगो से बैठक करता है जिनकी जमीन में अभी तीन
रोजगार दिया जा चुका है और २० वर्ष बाद भी उन जमीनों में कोयला उत्खनन नहीं होगा
प्रबंधक जब ग्राम सभा की बैठक में असफल रहा तब प्रशासन से मिलकर यह खेल खेला गया।
उच्च न्यायालय के आदेश की अव्हेलना, राजस्व अधिकारी उच्च न्यायालय की याचिका में पारित आदेश दिनांक पुर्नवास समिति
की बैठक एसईसीएल द्वारा आयोजित की गई। बैठक में पारित प्रस्ताव अनुसार आज दिनांक
म.प्र. पुर्नवास नियम १९९१ एवं संशोधित अधिनियमों के तहत पात्र व्यक्तियो की सूची
अनुविभागीय राजस्व द्वारा जारी नहीं की गई। जबकि एसईसीएल द्वारा ४०० खाली पदों की
जानकारी दी जाकर म.प्र. पुर्नवास नियम के तहत पात्र व्यक्तियों को रोजगार देने का
प्रस्ताव पारित किया गया था। राजस्व अनुविभागीय अधिकारी एवं एसईसीएल प्रबंधन के
रवैये के कारण आज दिनांक तक उक्त पीडित किसानों को रोजगार एवं मुआवजा नहीं मिल
सका। वहीं ज्ञापन सौपने वालो में आमाडाड, निमहा, कुहका के किसानों ने कोतमा एसडीएम मिलिन्द्र नागदेवे को हटाए जाने का ज्ञापन
कलेक्टर के नाम नायब तहसीलदार कोतमा को सौंपा। ज्ञापन सौंपने वालो में खेलावन, धनीराम, पुरूषोत्तम, रामावतार, राजकुमार, अमोल, मान सिंह, जमुना गुप्ता, राजेश गौतम, रोशन लाल, रमेश कुमार, सत्य नारायण, कोमल सेवक, रामरतन, ध्यान सिंह, समय लाल, फूलचंद, जयलाल, सुग्रीव, विश्वनाथ, रामसिंह मार्को, हरिलाल, लालदास, रमाशंकर, मोहनलाल केवट, महेन्द्र सिंह, शारदा शर्मा, अशोक मिश्रा, मनोज कुमार, ललन सिंह, शशांक गर्ग, संग्राम सिंह, रमाकांत गिरी, शेखर शरद दुबे सहित
समस्त किसान उपस्थित रहे।
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अनूपपुर कोतवाली में घंटों कटता रहा बवाल. अनूपपुर। सोशल मीडिया में मैटर शेयर करने के बाद एक समुदाय विशेष के कुछ युवकों द्वारा आरोपी युव...
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बातचीत का आडियों वायरल में महिला मित्र को गाड़ी देने की बात कहीं अनूपपुर। विधानसभा चुनाव के तीन दिन ही शेष है 17 नवंबर को मतदान होगा इस ...
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सोशल मीडिया में बायरल हुआ पत्र अनूपपुर। चुनाव में भाजपा को मिली हार के साथ जैतहरी जनपद की हार से परेशान अनूपपूर विधायक व खाद्य मंत्री बिसा...
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मुख्यमंत्री ने जताया शोक अनूपपुर, 13 मार्च (हि.स.)। नर्मदा दशर्न के लिए अनूपपुर से अमरकंटक जा रही कार राजेन्द्रग्राम के पास करौंदी तिराहे प...
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अनूपपुर। डिंडौरी जिले से प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में शहडोल आ रही बस पलट गई। हादसा सुबह करीब 11 बजे अनूपपुर जिले की सरई चौकी अंतर्गत बगदरा...


