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बुधवार, 7 मार्च 2018

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष

 महिलाओ को आत्मनिर्भर बनाने तथा समाज में अपनी जगह बनाने बनाई पहचान
अनूपपुर/कोतमा। महिलाओ के सम्मान के लिए 8 मार्च को अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। जिससे महिलाएं आत्मनिर्भर बन समाज में अपनी जगह बनाकर पहचान बनाई है। जिले में भी कई महिलाएं जो हार नही मानते हुए तथा लगातार संघर्ष करते हुए अपनी प्रतिभाओ को निखारा और आज समाज की सेवा कर रही है।

अनिता प्रभा शर्मा
नगर के वार्ड क्रमांक 6 पुरानी बस्ती मे शिक्षक सीता प्रसाद शर्मा की पुत्री अनिता शर्मा संघर्ष करते हुए डीएसपी के पद पर भोपाल मे पदस्थ है, जो कि नगर की पहली पुलिस अधिकारी बन अन्य महिलाओ के लिए प्रेरणा बनी। इनकी शिक्षा स्थानीय विवेक शिक्षा निकेतन मे 10 वीं पास करने के बाद आगे की पढ़ाई ग्वालियर मे की। वन रक्षक एवं सूबेदार मे चयन होने के बाद भी लक्ष्य अधूरा मानकर संर्घष जारी रखा और अखिरकार डीएसपी बनने का गौरव हासिल कर लिया।

वन्दना जैन
कोतमा नगर की वार्ड क्रमांक 2 निवासी विनोद जैन की पुत्री वंदना जैन ने वर्ष 2016 बैच मे डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित होकर नगर के एकमात्र महिला अधिकारी बनी। 18 फरवरी 1990 को किराना व्यवसाई के घर मे जन्मी तथा 12 वीं तक की शिक्षा नगर मे पूर्ण करने के बाद भोपाल में अपना भविष्य सवारने मे जुटी रही जिसमे वर्ष 2012 मे केन्द्रीय सचिवालय के डिप्टी फील्ड ऑफिसर, वर्ष 2013 मे नायब तहसीलदार, वर्ष 2014 मे एमपी पीएससी से जिला उप पंजीयक, वर्ष 2015 मे जिला संयोजक (आजाक) विभाग मे चयन हुआ लेकिन हार ना मानते हुए उन्होने वर्ष 2016 मे डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयन कर क्षेत्र का नाम रोशन किया।

सुश्री कमला कोल
क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 11 कदम टोला मे आदिवासी परिवार मे जन्मी सुश्री कमला कोल मुख्य नगर पालिका अधिकारी के रूप मे प्रदेश के अलग-अलग जिलो मे रहकर जनता की सेवा को अपना लक्ष्य बनाया। विषम परिस्थतियो मे अपनी पढाई एवं परिवारिक बंधनो को लांधते हुए अपने लक्ष्य को लेकर कोचिंग के लिए दिल्ली सहित बडे शहरो मे रहते हुए लगातार तैयारियो मे भाग लेते हुए वर्ष 2006 मे नगर पालिका सीएमओ के पद पर चयनित हुई। वहीं सुश्री कमला कोल कोतमा, बिजुरी, अनूपपुर, पाली मे अपनी सेवा देते हुए इन दिनो मैहर मे अपनी सेवा दे रही है।
श्रीमती मोहनी वर्मा
नगर की प्रथम महिला के रूप मे अपनी पहचान बनाने वाली श्रीमती मोहनी वर्मा कोतमा नगर पालिका अध्यक्ष के रूप मे महिलाओ की आदर्श मानी जा रही है। भोपाल मे जन्मी और एमए तक की शिक्षा प्राप्त महाविद्यालय से ही समाज सेवा की रूचि के साथ महिलाओ को आगे बढने तथा उनकी शिक्षा पर जोर देती रही। वर्ष 2002 मे नगर के समाजसेवी धर्मेन्द्र वर्मा से विवाह उपंरात कोतमा नगर मे आई और नगर मे छात्राओ के साथ घटी कुछ घटनाओ से ंिचंतित है जिसको लेकर छात्राओ एवं महिलाओ की सुरक्षा पर जल्द अभियान चलाने हेतु नगर वासियो से सहयोग चाहती है।

सुनीता गुप्ता
वर्ष 2015 से जिले के कोतमा मे उप निरीक्षक (पुलिस) विभाग मे पदस्थ रहकर समाज की सेवा करते हुए महिलाओ को साहस प्रदान कर रही है। महिलाओ के खिलाफ बढते अपराध से निराश होती है लेकिन अपराध को सहन ना करते हुए उसका विरोध एवं शिकायत करने का सुझाव वो लगातार देती है। शहडोल जिले के बुढ़ार मे जन्मी तथा बीएससी एवं पीजीडीसीए करने के बाद महिलाओ की सुरक्षा एवं उनके सम्मान को लक्ष्य बनाकर पुलिस विभाग मे चयनित हुई। उन्होने बताया कि जागरूकता की कमी एवं अशिक्षा के कारण महिलाएं शोषण एवं प्रताडना का शिकार होती है। आज के समय मे छात्राओ को शिक्षा अनिवार्य रूप से ग्रहण करनी चाहिए। शिक्षा से ही स्वंय एवं समाज का उत्थान संभव है।

सुश्री सोनल जैन

नगर के वार्ड क्रमांक 2 में प्रतिष्ठित व्यापारी जवाहर जैन के परिवार मे जन्म लेकर प्राथमिक शिक्षा कोतमा मे करने के बाद सीए की तैयारी इंदौर में जाकर जुट रही। जहां परिजनो के सहयोग से वे वर्ष 2008 में सीए कम्पलीट कर टीसीएस मे जॉब करने लगी। अपनी सफलता का श्रेय कडी मेहनत के साथ पूरे परिवार को बताया जिन्होने हर विपरीत समय मे भी हौसला कम होने नही दिया। वर्तमान मे पुणे मे सीए के पद पर कार्यरत है। जिन्होने अपनी कडी मेहनत से इस मुकाम पर पहुंचकर अन्य महिलाओ के लिए प्रेरणा बनी हुई है। 

ठेका मजदूरों को अब मिल सकेगा पीएफ की राशि

अनूपपुर। हसदेव क्षेत्र के राजनगर खुली खदान परियोजना में पूर्व में कोयला परिवहन में संलग्न मेसर्स चाणक्य ट्रांसपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी के द्वारा मजदूरों का हक मारते हुए मजदूरों सीएमपीएफ/पीएफ की राशि वर्ष २००४-२००५ से आज तक प्रदाय नहीं की गई। मजदूरों को मिलने वाली पीएफ की राशि मजदूरों को सही समय पर मिल जाये, इस बात की जिम्मेदारी नियोक्ता ट्रांसपोर्ट कम्पनी और प्रधान नियोक्ता एसईसीएल की संयुक्त रूप से होती है। प्रधान नियोक्ता ने वर्ष २००४-०५ में ट्रांसपोर्ट कम्पनी के बिल से २ लाख ९३ हजार ५९९ रूपये एसईसीएल ने सीएमपीएफ के मद में काट तो लिय, परंतु उक्त राशि को ना तो मजदूरों को दी गई और ना ही सीएमपीएफ कार्यालय जबलपुर में जमा कराया गया, इस प्रकार से मजदूरों को मिलने वाली पीएफ की राशि नियोक्ता और प्रधान नियोक्ता की गलतियों की वजह से आज तक मजदूरों को नहीं मिल सका है। मजदूरों के पक्ष में ट्रांसपोर्ट कम्पनी के प्रबंधक के बिल से काटी गई पीएफ की राशि नियमानुसार मजदूरों की गा$ढी हक की कमाई है अब इस हक पर भी डाका डालने का प्रयास किया जा रहा है। ट्रांसपोर्ट कम्पनी के प्रबंधक के द्वारा काटी गई राशि मजदूरों को न देते हुए अपने पक्ष में अब मांग की जा रही है। नियमानुसार मजदूरों की राशि ब्याज सहित प्रदाय किया जाना चाहिए। क्षेत्रीय आयुक्त कोयला खान भविष्य निधि संगठन जबलपुर द्वारा जारी पत्र से महाप्रबंधक एसईसीएल हसदेव क्षेत्र में कहा है कि प्रधान नियोक्ता स्वत: श्रमिकों की पीएफ एवं पेंशन अंशदान की कटौती एवं समय से जमा किये जाने के लिए उत्तरदायी है साथ ही यह भी कहा कि ठेकेदार का बिल रिलीज किये जाने से पहले उनसे संबंधित ठेका श्रमिकों का पीएफ/पेंशन की कटौती और उसका जमा किया जाने हेतु प्रधान नियोक्ता की है। क्षेत्रीय आयुक्त कोयला खान भविष्य निधि संगठन जबलपुर के इस पत्र से मजदूरों का हक उन्हें मिलने की संभावनाएं ब$ढ गई है और ट्रांसपोर्ट कम्पनी में उस वक्त कार्यरत मजदूरों को जब इस बात की खबर लगी कि हमारे कमाई की लाखों रूपये जो उस समय हमें नहीं मिल पाया था वह रकम अब हमें पीएफ के रूप में मिलने वाला है तो गरीब मजदूरों के चेहरे पर मुस्कराहट आ गई। इस पूरे मामले को कोयला खान भविष्यनिधि कार्यालय के समक्ष क्षेत्र के समाजसेवी सुनील कुमार चौरसिया ने प्रस्तुत किया जिससे मजदूरो को उनका पीएफ मिलने की संभावना है बन गई है।


जहर खुरानी से एक गंभीर

अनूपपुर। जिला मुख्यालय से लगभग १५ किमी दूर स्थित ग्राम बिजौडी में निवास करने वाले २२ वर्षीय युवक हरीश प्रसाद बैगा पिता वीर सिंह बैगा ने अज्ञात कारणो से जहर का सेवन कर लिया। वहीं युवक की हालत बिगडते देख परिजनो ने उसे तत्काल उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरो द्वारा उसका उपचार किया जा रहा है। 

झोलाछाप डॉक्टरो कर रहे मरीजो के स्वास्थ्य से खिलवाड़

स्वास्थ्य विभाग बना मौन, नही होती कार्यवाही
अनूपपुर एक ओर प्रदेश शासन द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओ के विस्तार के लिए अनेको योजनाओं के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए प्रयासरत है, वहीं दूसरी ओर सामुदायिक स्वास्थ केन्द्रों कोतमा में डॉक्टरो की अनुपस्थिति तथा अपने प्राईवेट क्लीनिको में अधिक समय देने के कारण ग्रामीण क्षेत्रो से सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र इलाज कराने पहुंचे मरीजो को उपचार के लिए घंटो इंतजार करना पड़ता है। जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रो के अशिक्षित लोग नगर व ग्रामीण क्षेत्रो में झोलाछाप डॉक्टरो के यहां उपचार कराने पहुंच जाते है।
बिना अनुभव के झोलाछाप डॉक्टर करते इलाज
शासकीय अस्पतालो में डॉक्टरो के घंटो इंतजार व स्वास्थ्य व उपचार के नाम पर किसी तरह के ध्यान नही दिए जाने के कारण मरीज को मजबूरन झोलाछाप डॉक्टरो का सहारा लेना पड़ता है, वहीं इन झोलाछाप डॉक्टरो के पास न तो अनुभव है और ना ही शासन से किसी भी प्रकार मान्यता, बावजूद इसके जिले के स्वास्थ्य अधिकारी झोलाछाप डाक्टरों पर किसी तरह की कार्यवाही नही की जा रही है।
इन जगहो पर संचालित अवैध क्लीनिक
सामुदायिक स्वास्थ केन्द्र कोतमा अंतर्गत झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा बडे पैमाने पर मरीजों का उपचार किया जाता है, वहीं बिना अनुभव के झोलाछाप डॉक्टर अपनी क्लीनिक में मरीजो को भर्ती कर बॉटल चढ़ाने एवं अंगे्रजी दवाईयों का उपयोग किया जाता है। कोतमा बाजार में भी ऐसे कई अवैध क्लीनिक संचालित है जो मरीजो के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने में लगी हुई है। इसकी दुकाने जिला मुख्यालय के साथ कोतमा बाजार, बस स्टैण्ड, भालूमाडा, बदरा, जमुना, निगवानी,कटकोना, आमाडांड, बैहाटोला, सेमरा, गोविंदा कॉलोनी, पयारी में अवैध है।
लापरवाहियो से गई कई जाने
झोलाछाप डाक्टरों की मेहरवानी से कई मरीजों को अपनी जाने गवानी पडली है, तत्काल परिणाम पाने के लिए झोलाछाप डाक्टरों से उपचार कराने पर कई लोगो की जान गवानी पड़ी है। इतना ही नही कोतमा बाजार एवं आसपास क्षेत्रों में नशीली दवाईयों का कारोबार मेडिकल स्टोर्स एवं झोलाछाप डॉक्टरो द्वारा विक्रय किया जा रहा है
स्वास्थ्य विभाग बना उदासीन

स्वास्थ विभाग के अधिकारियों की उदासीन रवैये के कारण नगर सहित ग्रामीण क्षेत्रो में झोलाछाप डॉक्टरो की क्लीनिको के फैले मकडजाल पर किसी तरह की कार्यवाही नही की गई। इतना ही नही नगर के मेडिकल स्टोरो में नशीली दवाईयों का विक्रय लगातार बढ़ता जा रहा है इन सब की शिकायतो के बाद स्वास्थ विभाग के अधिकारी जानकर भी अंजान बने बैठे है।

क्रेशर संचालक उड़ा रहे नियमो की धज्जियां

 अवैध पत्थरो के उत्खनन एवं परिवहन पर नही लग सकी रोक
अनूपपुर प्रदेश शासन द्वारा खनिज पदार्थो के उत्खनन पर रोक लगाए जाने तथा माफियाओ के खिलाफ कडी कार्यवाही के निर्देश जारी किए जाने के बावजूद क्षेत्र के खनन माफियाओ द्वारा बिना लीज के खनिज सपंदा का दोहन करने में लगे हुए है। जिसके कारण पर्यावरण को नुकसान के साथ शासन को राजस्व की हानि पहुंच रही है।
सांस लेना हुआ दुभर
कोतमा तहसील क्षेत्र मे 2 दर्जन के लगभग क्रेशर संचालित है, जिसमे ज्यादतर क्रेशर संचालक नियमो की धज्जियां उडाते हुए क्रेशरो का संचालन करने में लगे हुए है। वहीं खनिज विभाग द्वारा इस ओर कोई ध्यान ना दे रहा है, जिसके कारण माफियाओ के हौसले बुलंद है।  क्रेशर संचालको की मनमानी के कारण आसपास के रहवासियो एवं ग्रामीणो का क्रेशर से निकलने वाले डस्ट के कारण सांस लेना मुश्किल हो गया है। दिनभर उडते धूल के गुबार से जहां लोग बीमारियो के चपेट में आ रहे है, वहीं उत्खनन कार्य में किए जा रहे विस्फोट से भी लोग दहशत मे है। 
बिना लीज के अवैध तरीके से हो रहा उत्खनन
एक ओर जहां खनिज माफिया बिना किसी डर के अवैध उत्खनन कर पर्यावरण को प्रदूषण करने में लगे हुए है। वहीं क्रेशर संचालको को मिली चिन्हित लीज क्षेत्र से हटकर उत्खनन किया जा रहा है। जिसके कारण पहाडो को तोड गड्ढा कर दिया गया है। जानकारी के अनुसार क्षेत्र मे रेरुला रोड, काली मंदिर के समीप, पथरौडी, बेलिया, बिजुरी, राजनगर, निगवानी, गढी, झिरिया टोला, लोहसरा तिराहा फुनगा मे दर्जन भर क्रेशर संचालित है जो शासन के निर्धारित मापदंडो के विरूद्ध संचालित है। 
क्रेशरो मे अवैध गिट्टी का भंडार

बताया जाता है कि बिना किसी बोर्ड के खुले मैदान मे चल रहे क्रेशर मे आसपास के राजस्व एवं वनविभाग की आराजी से पत्थरो का उत्खनन कर उसका परिवहन कर आसपासा के क्रेशरो में पहुंचाकर खपाया जा रहा है। जिसके कारण क्रेशरो में गिट्टी का अवैध भंडारण जमा हुआ है। सडक के किनारे लगे क्रेशरो की धूल से पूरे गाव परेशान है। जिसको लेकर स्थानीय जनो द्वारा कार्यवाही की मांग की है।

अस्थायी हॉकर्स जोन नही मिला गरीबो को स्थान चहेतो ने कर रखा कब्जा



अतिक्रमण को बढ़ावा देता नपा प्रशासन

अनूपपुर मुख्यालय के मुख्य मार्गों में शामिल कोतवाली-स्टेशन चौराहा मार्ग पर पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा बनाई गई नगरपालिका अस्थायी हॉकर्स जोन पर अब दुकानदारों का स्थायी कब्जा हो गया है। जहां दुकान संचालन के साथ साथ रात्रिकालीन आवासीय परिसर भी बन गई है। यहीं नहीं दुकानदारों ने अपनी दुकानों को निर्धारित स्थलों से बाहर संजाते हुए मुख्य मार्ग के किनारों तक अपनी दुकान जमा ली है। जिसके कारण रोजाना जाम की स्थिति बनने लगी है। जबकि यह अस्थायी चौपाटी नगरपालिका द्वारा अस्थायी तौर पर शहरी हाथ ठेला फुटकर व्यापारी के लिए आवंटित कराई गई थी। जिसमें प्रावधानों के अनुसार बाजारी क्षेत्र में ठेला लगाकर फल-सब्जी बेचने वाले गरीब ठेला संचालक अस्थायी चौपाटी के शेड के नीचे दुकान संचालन कर मुख्य मार्ग को अतिक्रमण मुक्त रखते हुए एक स्थायी स्थल पर अपनी दुकानों का संचालन करेंगे। इसके लिए तत्कालीन सीएमओ कमला कोल ने राजस्व अमले के साथ ३५ चिह्नित हथठेला संचालकों को शेड के अंदर तक पहुंच बनाते हुए अपनी दुकान संचालन करने के निर्देश दिए थे। लेकिन इस प्रक्रिया के कुछ दिनों बाद कुछ रसूखदार व्यापारियों ने ठेला संचालकों को वहां से हटाते हुए अपनी पुरानी स्थायी दुकान फिर से जमा ली। जिसके कारण हथठेला संचालक जगह के अभाव में मुख्य मार्ग किनारे अपनी दुकानों का संचालन करने को विवश है। हाथठेला संचालकों का कहना है कि इस व्यवस्था में नगरपालिका खुद शामिल हैं, जिसमें अपने पाषदों के परिचितों को दुकान आवंटन में कार्रवाई नहीं करती। हर बार नोटिस भेजने की बात कही जाती है। लेकिन आजतक न तो कोई नोटिस भेजी जा सकी है और ना ही कोई कार्रवाई की जा सकी है। 

साफ-सफाई के अभाव में फैली गंदगी, वार्डवासी परेशान

 बदबू और गंदगी के बीच जीवन यापन करना बना मजबूरी
अनूपपुर। नगर पालिका पसान क्षेत्र अंतर्गत आने वाले वार्डो में चारो ओर गदंगी फैली हुई है, जहां नपा प्रशासन द्वारा इस ओर किसी तरह का ध्यान नही दिया जा रहा है। जमुना कॉलरी के ७ वार्डो में निवास करने वाले लोगो के लिए सबसे ज्यादा परेशानी का कारण चारो ओर फैली गदंगी बनी हुई है, जानकारी के अनुसार जमुना कॉलरी अंतर्गत आने वाले वार्डो में नपा के सफाई कामगारो द्वारा सफाई कर कचरे को एक जगह एकत्रित कर छोड देते है, जिसे हफ्तो उस एकत्रित कचरे को उठाने के लिए किसी तरह की व्यवस्था नही की जाती, ये कचरा वार्डो में दोबारा बिखर जाता है। जिससे आने वाली बदबू के कारण आसपास के लोगो का जीना मुहाल हो गया है।
नाला की सफाई न होने से बनी जाम की स्थिति
जमुना कॉलरी अंतर्गत नपा के ७ वार्डो सहित कॉलरी कॉलोनियो से निकलने वाले गंदे पानी की निकासी नाली के माध्यम से की जाती है, जो कि गणेश चौक के पास स्थित नाले में मिलती है, वहीं इस नाले की साफ-सफाई की जिम्मेदारी कॉलरी प्रशासन की है, जिसके लिए कॉलरी प्रशासन द्वारा ठेका के माध्यम से सफाई कार्य करवाती है, लेकिन बीते कई माह से नाले की सफाई न होने के कारण गंदगी भरी पटी है जिसके कारण पानी की निकासी नही हो पा रहा है।
सफाई के नाम पर होता खिलवाड़
जमुना कॉलरी अंतर्गत आने वाले वार्डो एवं कॉलरी कॉलोनियो के सफाई के नाम पर खिलवाड़ किया जा रहा है, वार्डवासियो ने बताया कि नपा के सफाई कामगारो द्वारा सफाई कर कचरे को एक जगह एकत्रित कर दिया जाता है लेकिन उसे कचरे को उठाने के लिए कोई व्यवस्था नही होती, जानकारी के अनुसार जमुना कॉलरी में सफाई के दौरान कचरा उठाने के लिए नपा द्वारा दो वाहनो का उपयोग किया जा रहा था, लेकिन एक वाहन दुर्घटना के दौरान थाने में खडी है वहीं एक वाहन का पता ही नही है।
सफाई निरीक्षक की मनमानी, वार्डवासी परेशान

जानकारी के अनुसार जमुना कॉलरी में नपा तथा कॉलरी प्रबंधन द्वारा अपने क्षेत्र में साफ-सफाई तो की जाती है, लेकिन कॉलरी के सफाई ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए नपा के सफाई निरीक्षक द्वारा अपने सफाई कामगारो को कॉलरी के कॉलोनियो में सफाई के लिए भेज दिया जाता है, जिसके कारण नपा क्षेत्र के वार्डो में गदंगी का अंबार लगा हुआ है। 

कुएं में गिरने से मौत युवक की मौत

अनूपपुर कोतवाली थाना अंतर्गत ग्राम किरर में स्थित कुएं में गिरकर १८ वर्षीय युवक की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार ७ मार्च की सुबह ग्राम किरर में स्थित कुएं में राजकुमार यादव पिता नत्थू यादव उम्र १८ का शव कुएं में तैरता पाया गया, जिसके बाद ग्रामीणो ने इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कुएं से बाहर निकाल पंचनामा तैयार कर शव को पीएम के लिए जिला चिकित्सालय लाया गया। जहां पीएम उपरांत शव परिजनो को सौंप दिया गया। वहीं पुलिस ने मर्ग कायम कर पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। 

दिग्विजय सिंह देवरी में करेगे रात्रि विश्राम

यात्रा को मिल रहा जन समर्थन
अनूपपुर दिग्विजय सिंह की नर्मदा परिक्रमा के १५९ वें दिन ७ मार्च मंगलवार को लालपुर से प्रारंभ होकर डुबसरा बसंतपुर तिराहा होते हुए कंचनपुर पहुंचे, दोपहर विश्राम के बाद ३ बजे कंचनपुर से प्रस्थान कर शिवालय घाट तिराहा, खेत गांव व ठाडपाथर होते हुए देवरी पहुंचकर मॉ नर्मदा की पूजा-अर्चना कर रात्रि विश्राम किया। ८ मार्च को देवरी से होते हुए दमेहड, घुंईदादर, कस्तूरी, बिलासपुर, भीमकुंडी, करौंदाटोला, पडरिया से खांटी पहुंचेंगे जहां रात्रि विश्राम कर अगले दिन की यात्रा के लिए प्रस्थान करेंगे।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व म.प्र. के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपने समर्थकों के साथ 3 हजार 300 किमी लंबी,6 माह से नर्मदा परिक्रमा कर रहे है जो नरसिंहपुर जिले की बरमान घाट से प्रारंभ की थी यह यात्रा ५ मार्च को अनूपपुर जिले की सीमा प्रवेश कर चुकी

है। चर्चा के दौरान श्री सिंह ने कहां कि नर्मदा तट पर शराब को पूरी तरह से बंद किया जाना चाहिये।

चुनावी शंखनाद से पूर्व गुटबाजी में उलझी कांग्रेस

पूर्व मंत्री बिसाहूलाल ने संगठन को किया आगाह
अनूपपुर 2018 विधानसभा चुनाव की तैयारी मे जुटी कांग्रेस को चित्रकूट, कोलारस, मूंगावली चुनाव में जीत के बाद भले ही उत्साहित होने का मौका मिला हो, एकजुट होने के लिए कोई कवायद न होने से पार्टी की सत्ता पर काबिज होने की मंशा सवालों के घेरे में है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव दीपक बावरिया तथा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरूण यादव की उपस्थिति में विगत दिवस भोपाल में संपन्न हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया कि जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत बनाने के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में तीन ब्लाक कांग्रेस कमेटियों का गठन कर प्रत्येक मेें तीन मण्डलम् तथा प्रत्येक मण्डल कमेटी मे तीन सेक्टर कमेटी का गठन किया जायेगा।
प्रदेश के पूर्व मंत्री तथा कांग्रेस के कद्दावर नेता बिसाहूलाल सिंह ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर आरोप लगाया है कि जिले के जिम्मेदार पदों पर बैठे पदाधिकारी अपने चाटुकारों और समर्थकों को लेकर उक्त कमेटियां गठित करने की औपचारिकता कर रहे हैं। यहां तक कि बैठकों की सूचना ब्लाक, सेक्टर पदाधिकारियों को नहीं दी जा  रही, कुछ नेताओं को कमेटियां गठित करने का जिम्मा सौंपा गया है वे अपने चहेतों के चेहरे देख-देख कर आवेदन फार्म दे रहे हैं, जिसके कारण संगठन के निष्ठावान कार्यकर्ताओं मे आक्रोश व्याप्त है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से बैठकों की जानकारी प्रदेश नेतृत्व को दी जा रही है। भले ही उस बैठक में अध्यक्ष, ब्लाक अध्यक्ष, मोर्चा संगठन के अध्यक्ष, समन्वयक या कोई भी क्षेत्रीय प्रतिनिधि उपस्थित न हो।

बिसाहूलाल सिंह ने पुष्पराजगढ, अनूपपुर, कोतमा विधानसभा क्षेत्र के निष्ठावान कांग्रेसियों से अपने सेक्टर, ब्लाक में कमेटियां गठित करने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि उनसे संपर्क कर नि:शुल्क आवेदन पत्र तथा फार्म प्राप्त करें ताकि जिले में गुटविहीन, बिना भेदभाव सभी कांग्रेसजनों को सत्ता, संगठन में भागीदारी प्राप्त हो सके।

मंगलवार, 6 मार्च 2018

पार्षद की चेतावनी एक सप्ताह में प्रनआयो की राशि हितग्राहियों को नही मिली तो करेगे आमरण अनशन

अनूपपुर प्रधानमंत्री नगरीय आवास योजना के तहत चयनित हितग्राहियों के आवास सालभर से नहीं बन पाने से नाराज नपा वार्ड क्रमांक २ पार्षद पुरूषोत्तम चौधरी ने मंगलवार ६ मार्च को नपा सीएमओ आशीष शर्मा को ज्ञापन सौंपा। जिसमें चेतावनी देते हुए कहा कि अगर अधिकारी एक सप्ताह में चयनित हितग्राहियों का पैसा नहीं भुगतान करते है तो वे समस्त हितग्राहियों के साथ नगरपालिका कार्यालय के समक्ष आमरण अनशन पर बैठेंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी नगरपालिका अधिकारियों की होगी। सौंपे गए ज्ञापन में पार्षद ने आरोप लगाया कि लगभग १ साल पूर्व चयनित हुए ४५० हितग्राहियों में किसी को पहली, किसी को दूसरी किश्त तो किसी को तीसरी किश्त की राशियां वितरित की गई। लेकिन तीनों की किश्तों में अबतक किसी भी हितग्राही को २.५०००० (ढाई लाख)रूपए अब तक प्राप्त नहीं हुए हैं। आवास योजना के लाभ में हितग्राहियों ने अपनी पुरानी झोपडिय़ा तोड़ मकानों की दीवार खड़ी कर दी। लेकिन सालभर बाद भी हितग्राही अपना मकान तोड़कर किराए के मकान में शरण लिए हुए हैं। यह सब लापरवाही नगरपालिका अधिकारी व कर्मचारियों की वजह से हुआ है। वहीं सीएमओ ने मामले में कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

आग लगने से घर जलकर हुआ खाक

अनूपपुर थाना बिजुरी अंतर्गत नंदगांव डोला में ५ मार्च की रात लगभग 9 बजे जयपाल पाव के घर मे अचानक आग लग गई। जिससे पूरा घर जलकर खाक हो गया। जानकारी के अनुसार नंदगांव डिप्लेयरिंग क्षेत्र में होने के कारण यहां का जलस्तर नीचे चला गया है, जिसके कारण कुआं और नलों से पानी नही आने के कारण आसपास के लोगो ने घर मे उपयोग के लिए रखे पानी से आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन आग पर काबू नही पाया जा सका। जिसके बाद आग लगने की सूचना नगर पालिका व थाना रामनगर थाने को दी गई। जहां मौके पर फायर ब्रिगेड के पहुंचने और आग पर काबू पाने के बीच फायर ब्रिगेड का पानी खत्म हो गया, जिसके बाद भाजपा जिला उपाध्यक्ष लवकुश शुक्ला द्वारा बगल से स्थित डॉक्टर मोटवानी से फोन कर उनके पंप हाउस से फायर ब्रिगेड में पानी डलवाया गया। इस बीच रामनगर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। जिसके बाद स्थानीय निवासियो एवं पुलिस की मदद से आग पर काबू पाया गया। वहीं इस घटना के बाद जानकारी एसडीएम कोतमा को दी गई। जिसके बाद ६ मार्च की सुबह पीडित परिवार को मुआवजा दिलाने हेतु पटवारी राजीव सिंह परिहार द्वारा स्थल का निरीक्षण कर पंचनामा तैयार किया गया। वहीं इस घटना में 1 से डेढ लाख के नुकासन होने की संभावना बताई जा रही है। 

करेंट लगाकर जंगली सूअर का किया गया शिकार, एक गिरफ्तार तीन फरार

राजेन्द्रग्राम। पुष्पराजगढ़ आदिवासी अंचल में जहां जंगली जानवरो का करंट लगा कर शिकार किए जाने के मामले में वन विभाग ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया, वहीं तीन आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे है। जानकारी के अनुसार जंगली जानवरो की सुरक्षा के लिए जहां ३ मार्च को वन मंडलाधिकारी द्वारा जंगलो में गश्त करने के सख्त निर्देश दिए थे। जिसके बाद वन परिक्षेत्र राजेंद्रग्राम अंतर्गत बीटगार्ड सतीश कुमार परस्ते को सूचना मिली की ग्राम अचलपुर में कुछ लोगो द्वारा 11 केव्ही विद्युत लाइन के माध्यम से जीआई तार को खूंटी में फंसाकर करेंट फैलाए हुए है जिसकी चपेट में आने से जंगली सूअर की मौत हो गई थी। सूचना मिलते ही वीटगार्ड सतीश कुमार परस्ते ने घटना स्थल पहुंच सूचना वन परिक्षेत्राधिकारी के.एल. सिंह को दी गई। जहां मौके पर पहुंच वन परिक्षेत्राधिकारी सहित सहायक परिक्षेत्राधिकारी संतोष वमा, बीट गार्ड प्रभारी शंकर दयाल गुप्ता, मुनेंद्र विश्वकर्मा, सुनील निगम ने घटना स्थल का निरिक्षण किया जहां मौके पर ही जला हुआ मृत सूअर सहित जीआई तार, बांस की खुटी, टार्च आदि जप्त कर आरोपी केवल सिंह पिता दलसु उम्र 60 वर्ष निवासी ग्राम जुहली को मौके से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ पर आरोपी ने बताया की महंगू यादव पिता जुगरा यादव उम्र 45 वर्ष, देवा सिंह पिता बुटारी सिंह उम्र 30 वर्ष दोनों निवासी जुहली और बुद्धु सिंह पिता झामु सिंह उम्र 30 वर्ष निवासी अचलपुर के साथ मिलकर जंगली सूअर का शिकार किया गया था। जिसके बाद वन विभाग द्वारा चारो आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 4293/22 धारा 9.39.50 वन्य प्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की कार्यवाही कर आरोपी केवल सिंह पिता दलसु को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। वहीं तीन आरोपी अब भी फरार बताए जा रहे है। 

बैगा महिलाओं को मिले विशेष योजनाओं का लाभ

अनूपपुर। शासन की ओर से बैगा महिलाओं को कुपोषण से मुक्ति दिलाने के लिए चल रही विशेष योजनाओं का लाभ शीघ्रता से प्रदाय करने के लिए सहायक आयुक्त आदिवासी विकास को कलेक्टर ने निर्देश देते हुए क्षेत्र में अपेक्षित प्रगति न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए सहायक आयुक्त आदिवासी विकास को योजना के क्रियान्वयन को गंभीरता एवं जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन करने के आदेश दिए। 

यातायात विभाग ने ५० वाहनो पर की चलानी कार्यवाही

अनूपपुर सड़क दुर्घटनाओ में कमी लाने के लिए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में यातायात विभाग द्वारा कोतमा नगर में लगातार दो दिनो तक अभियान चलाकर वाहनो के खिलाफ कार्यवाही की गई। दो दिनो तक चली इस कार्यवाही में यातायात प्रभारी बिजेन्द्र मिश्रा ने बस स्टैण्ड कोतमा के पास दो एवं चार पहिया वाहनो के खिलाफ सघन अभियान चलाया गया। जहां यातायात नियमो के पालन करने, हेलमेट का उपयोग न करने, बिना दस्तावेजो के वाहन चलाने सहित नशे में वाहन चलाए जाने वाले वाहन चालको के खिलाफ जांच करते हुए 50 वाहनो से २५ हजार रूपए का सम्मन शुल्क जमा करवाया गया। इस अभियान के तहत जिला यातायात प्रभारी बिजेन्द्र मिश्रा द्वारा सभी वाहन चालको से यातायात नियमो के पालन करने सहित स्वयं की सुरक्षा के लिए दो पहिया वाहन चलाते समय हेलमेट लगाकर वाहन चलाने की समझाईश दी गई। 

कोतमा नगर में लगता लाखो का दांव, पुलिस बनी उदासीन

कोतमा। कोतमा नगर सहित आसपास के क्षेत्रो में जुआडियो द्वारा फड लगाकर जुआ खेलवाया जा रहा है। जिसके का कारण नगर सहित ग्रामीण क्षेत्र के युवा इस खेल में पैसा कमाने के चक्कर में अपराधिक गतिविधियो में भी संलिप्त हो रहे है। जानकारी के अनुसार शाम होते ही ग्राम बुढ़ानपुर के जंगलो मे, पुरानी बस्ती पीपल चौक के नीचे, जुआ फड के संचालित होने की खबरे मिल रही है। जहां जुआडियो द्वारा प्रतिदिन लाखो का दाव लगा रहे है।   वहीं इस खेल के संचालित होने की जानकारी पुलिस को होने के बावजूद इस ओर किसी तरह का ध्यान नही दिया जा रहा है। जिसके कारण जुआडियो के हौसले बुलंद हो चले है और वो बिना किसी भय के जुआं का संचालन करने में लगे हुए है। जानकारी के अनुसार बस्ती पीपल चौक के पास कुछ फडबाज कुछ पुलिस कर्मचारियो से मिलीभगत कर बंद कमरे मे जुआ का संचालन करने में लगे हुए है जिसकी जानकारी शाम ढलते ही मोबाईल फोन के माध्यम से नगर के व्यापारी, युवाओ एवं ग्रामीणो को देकर दांव लगवा रहे है।
इनका कहना है
जल्द ही छापामार कार्यवाही कर जुआडियो के खिलाफ कार्यवाही की जाएगी।

आर.के. मिश्रा, थाना प्रभारी कोतमा 

हिंसक वन्यप्राणी ने किया बैल का शिकार

अनूपपुर वन परिक्षेत्र अनूपपुर के किरर बीट अंतर्गत ग्राम अंकुआ के जंगल में फूल सिंह पिता स्व. कोसइया बैगा का बैल जो कि मवेशियों के साथ खन्नदौरी खोल के जंगल के पास चरने गया था जहां हिंसक वन्यप्राणी द्वारा हमला कर बैल का शिकार किया गया। सूचना मिलते ही घटना स्थल के पास वन्यप्राणी के पंजे का साक्ष्य मिला है, जिस पर वन विभाग के कर्मचारी, पशु चिकित्सक ने मौके से पंचनामा की कार्यवाही की।

निधन पर शोक

अनूपपुर। म.प्र. विद्युत मंडल उत्पादन के कार्यपालन निदेशक डीएन राम के पिता उमराव राम उम्र ९५ वर्ष का देहांत ५ मार्च सोमवार को हो गया। इनके निधन पर अमरकंटक ताप विद्युत केंद्र के अधिकारियो एवं कर्मचारियो में मुख्य अभियंता आर. सी. गुप्ता, संरक्षा अधिकारी जेपी निषाद, ओपी शर्मा, आर.के. कोहली, पत्रकार लक्ष्मी नारायण शुक्ला सहित नगर के लोगो ने शोक व्यक्त किया। स्व. श्री उमराव राम मिलनसार व्यक्तित्व के साथ कबीर पंथी होने के कारण गाजीपुर उत्तरप्रदेश ले जाया गया जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया। 

दिग्विजय की नर्मदा परिक्रमा में ग्रामीणो ने जगह-जगह किया स्वागत

अनूपपुर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व म.प्र. के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपने समर्थकों के साथ 3 हजार 300 किमी लंबी और लगभग 6 माह पहले नर्मदा परिक्रमा नरसिंहपुर जिले की बरमान घाट से प्रारंभ कीजहां ५ मार्च की शाम अनूपपुर जिले की सीमा पर प्रवेश कर शीश घाट आश्रम पहुंच मॉ नर्मदा की विधि विधान से पूजा अर्चना कर रात्रि विश्राम किए। जिसके बाद यात्रा ६ मार्च की सुबह ८ बजे शीश घाट आश्रम से दूधी से चलकर इटौरघोघरी होते हुए दोपहर लगभग २.३० बजे बरांझ पहुंची जहां दोपहर विश्राम के बाद ग्राम बीजापुरीकछरा टोलाचंदन घाट होते हुए लालघाट पहुंचे जहां मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने मॉ नर्मदा की पूजन कर रात्रि विश्राम किए। वहीं इस परिक्रमा यात्रा में ग्रामीणो ने दिग्विजय सिंह का जगह-जगह स्वागत किया गया। इस यात्रा में शामिल पुष्पराजगढ़ विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने बताया कि ७ मार्च को यह यात्रा लालपुर से प्रारंभ होकर शाम को ग्राम देवरी पहुंचेगी। 


मानदेय वृद्धि की मांगों को लेकर सपोर्टिंग स्टाफ ने कार्य का किया बहिष्कार

सीएस ने काटा पांच दिन का वेतन

अनूपपुर जिला चिकित्सालय में पिछले ५-७ सालों से लगातार सपोर्टिंग स्टाफ के रूप में कार्यरत लगभग डेढ़ दर्जन वार्ड आया और वार्ड ब्यॉय ने मंगलवार ६ मार्च को अपनी मानदेय बढ़ाने तथा पूर्व में सूचना देकर हड़ताल पर जाने के बाद भी प्रशासन द्वारा पांच दिनों का मानदेय काटे जाने के विरोध में कार्य का बहिष्कार किया। साथ ही अपनी मांगों तथा अस्पताल प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई के सम्बंध में अनूपपुर विधानसभा विधायक रामलाल रौतेल के आवास पर ज्ञापन सौंपा। सपोर्टिंग स्टाफों का कहना है कि पूर्व में जिला अस्पताल ने मानदेय बढ़ाने पर फरवरी माह से ५००० रूपए दिए जाने का आश्वासन दिया था। लेकिन अबतक प्रशासन द्वारा उनके मानदेय को नहीं बढ़ाया गया। इसी दौरान जनवरी माह में उनके द्वारा सीएस, सहित सीएमएचओ को सूचना देकर हड़ताल पर बैठा गया था। जिसमें पांचवे दिन अस्पताल प्रशासन के आश्वासन पर हड़ताल समाप्त कर कार्य पर वापसी की गई। लेकिन बाद में अस्पताल प्रशासन ने उन पांच दिनों का मानदेय ही काट लिया।

४० पाव अंग्रेजी शराब जब्त

अनूपपुर वेंकटनगर क्षेत्र में अवैध अंग्रेजी शराब की पैकाड़ी में मंगलवार को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर ५० पाव अंग्रेजी शराब जब्त करने की कार्रवाई की। चौकी प्रभारी सुशील शुक्ला के अनुसार वेंकटनगर मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा लगी है, जहां पिछले कई माह से मध्यप्रदेश की शराब तस्करी कर छत्तीसगढ़ ले जाही जा रही थी, जिसके कारण अंतर्राज्यीय सीमा से सटे ग्राम वेंकटनगर, में इन दिनों अवैध शराब की तस्करी जोरों पर हो रही थी।


इंगांराजवि में दो सप्ताह का क्षमता विकास कार्यक्रम

देशभर के शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षक ले रहे हैं भाग
अमरकटंक (अनूपपुर)।
इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकटंक में सामाजिक विज्ञान, वाणिज्य और प्रबंधन के शिक्षकों और शोधार्थियों के लिए दो सप्ताह का विशेष क्षमता विकास कार्यक्रम सोमवार से प्रारंभ हो गया। कार्यक्रम में देशभर के शैक्षणिक संस्थानों के शिक्षक भाग ले रहे हैं। इस अवसर पर शोधार्थियों का आह्वान किया गया कि वे शोध के दौरान सामाजिक मूल्यों को भी शोध में समाहित करने का प्रयास करें।
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कुलपति प्रो.टी.वी. कटटीमनी ने कहा कि प्रबंधन और समाज विज्ञान के शोध में सामाजिक मूल्यों का अहम योगदान होता है। शोधार्थियों को अपने शोध के दौरान इस पर गहन अध्ययन कर मुख्य बिंदुओं को अपने शोध में शामिल करने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से शिक्षकों की क्षमता और उनके ज्ञान को अद्यतन करने में काफी मदद मिलती है।
कार्यक्रम संयोजक डॉ.नीनावथ श्रीनू ने कहा कि १४ दिवसीय कार्यशाला में मुख्य रूप से शोध संबंधी संकल्पना को विकसित करने और इसे लिखने, शोध परिकल्पना तैयार करने, पुस्तक लिखने, विभिन्न प्रकार के शोध के लिए सहायता प्राप्त करने संबंधी जानकारी प्रदान करने और अध्ययन एवं अध्यापन के बारे में शिक्षकों को कई नई जानकारियां प्रदान की जाएंगी, जिनमें आंक$डों का अन्वेषण, ई-व्यूज, आर-साफ्टवेयर, एमोज, एसपीएसएस आदि साफ्टवेयर का प्रयोग शामिल है।
कार्यक्रम का आयोजन व्यवसाय प्रबंधन विभाग के तत्वावधान में किया जा रहा है। कार्यक्रम में डीन प्रो. शैलेंद्र सिंह भदौरिया और प्रो. ए.पी. सिंह ने कार्यशाला की उपयोगिता के बारे में जानकारी प्रदान की। संचालन डॉ. राहिल युसूफ जई ने किया। धन्यवाद डॉ. एम. संजोय सिंह ने दिया।

सोमवार, 5 मार्च 2018

शिव के राज में म प्र का हुआ सर्वांगीण विकास

सर्वश्रेष्ठ मुख्यमंत्री की लोकप्रियता बरकरार 
 5 मार्च जन्मदिवस विशेष-- मनोज द्विवेदी, कोतमा- अनूपपुर

 कोतमा।२००३ दिसम्बर मे जिस समय दिग्विजय सिंह के नेत्रत्व वाली कांग्रेस सरकार को पटखनी देकर म प्र मे भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी तब प्रदेश मे कांग्रेस सरकार के दस साल के करतूतों के अवशेष यत्र तत्र सर्वत्र बिखरे पडे थे। १८ से २० घन्टे की अघोषित बिजली कटॊती, सडकों की जगह खेत , चरमराती प्रशासनिक- आर्थिक दशा के साथ सर्वाधिक कडी चोट शिक्षा, स्वास्थ्य, खनन पर हुई थी। वस्तुत: भाजपा की नयी सरकार को उजडा,बियावान ऐसा प्रदेश मिला जहां सडक मार्ग से यात्रा करने मे लोग घबराते थे। तब प्रदेश मे लालटेन,मोमबत्ती, ढिबरी के साथ पंक्चर उद्योग फलफूल रहे थे। पहले उमा भारती व फिर बाबूलाल गॊर के बाद शिवराज सिंह चॊहान के रुप मे प्रदेश को एक ऐसा सरल,सॊम्य,संवेदनशील मुख्यमंत्री मिला जिसने अपने पहले कार्यकाल मे ही प्रदेश मे सडक ,बिजली,पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान केन्द्रित कर बदहाल चरमराती व्यवस्था को पटरी पर लाने का कार्य किया। श्री चॊहान ने प्रदेश मे निवेशकों को लुभाने के लिये इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ कानून व्यवस्था पर ध्यान केन्द्रित करते हुए सामाजिक सरोकार से जुडे मुद्दों पर नीति बनाकर धरातल पर उसे सफलता से क्रियान्वित किया।इसका परिणाम यह हुआहै।देश की जनता ने पहले 2008 व फिर चमत्कारिक ढंग से 2013 मे शिवराज सिंह के नेत्रत्व मे प्रचण्ड बहुमत की सरकार का जनादेश दिया।
 शिवराज सिंह चोहान की अगुवाई मे प्रदेश सरकार ने प्रत्येक क्षेत्र मे बेहतर कार्य किया। सबसे बडी उपलब्धि लोगों के जीवन स्तर मे बढोतरी के रुप मे हुई। महिलाओं को आरक्षण दिये जाने से समाज के हर क्षेत्र मे वे आगे आईं।आज हर परिवार से एक न एक बेटी/ बहन/ माता या तो नॊकरी कर रही है या आजीविका परियोजना- स्व सहायता समूह से जुड कर आत्मनिर्भर हो गयी है। लाडली लक्ष्मी योजना,मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह - कन्यादान योजना, गर्भवती माताओं- बच्चों के पोषण ,शिक्षा हेतु मजबूती से कार्य हुआ तो दूसरी ओर सडक,बिजली ,पानी की समस्या का समूल खात्मा किया गया। खेती को लाभदायक कार्य बनाने ,सिंचाई का रकवा बढाने हेतु कार्य हुए जिसके कारण 5 बार क्रषि कर्मण पुरुस्कार प्रदेश को प्राप्त हुआ। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना की लोकप्रियता इस कदर बढी है कि आज प्रदेश के बुजुर्ग श्री चॊहान को प्रदेश का श्रवण कुमार कहते हैं। ह्रदय मे छेद के उपचार के साथ मुफ्त दवा वितरण , अन्य प्रदेशों मे मुफ्त इलाज की व्यवस्था दी गयी। आज अनूपपुर जैसे छोटे - नये जिले मे जिला चिकित्सालय मे डायलिसिस, कीमोथेरेपी ,ब्लड बैंक की सुविधा उपलब्ध है। डायल 100 की सुलभता से अपराध मे कमी आई है,लोगों को त्वरित सेवा प्राप्त है। स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा हेतु योजना बनाई गयी। कोतमा क्षेत्र मे हमारे ध्यानाकर्षण के बाद काफी कार्य कराए गये। पुष्पराजगढ ,जहाँ किसी समय ४ हायर सेकेंडरी स्कूल थे ,आज २५ से अधिक विद्यालय हैं।
 श्री चॊहान मे सरलता,संवेदनशीलता का आलम यह है कि जब जो चाहा,उनसे मिल लिया। लोग खुलकर उनसे अपनी बात कहते हैं, प्रसन्नता- नाराजगी व्यक्त करते है।मुख्यमंत्री ने जनता से संवाद कायम करने के लिये मामा- भांजे के रिश्ते मे मजबूत विश्वास की नींव रखी है। कुछ असंतुष्ट, अभद्र लोग भले इस रिश्ते का मजाक बनाएं ,अन्य राज्यों की तुलना मे या प्रदेश के अन्य मुख्यमंत्रियों की तुलना मे शिवराज अपेक्षाकृत अधिक सरल,सहज, सोम्य साबित हुए हैं।श्री चौहान की बहुत सी सफल योजनाओं को केन्द्र व कुछ राज्यों ने अपनाया है।
   2018 विधानसभा चुनाव के ठीक पूर्व चार उप चुनाव मे भाजपा की पराजय को उसकी लोकप्रियता मे गिरावट के रुप मे देखना गलत होगा। सभी जगह कडी मेहनत की गयी। परंपरागत कांग्रेसी सीटों पर पराजय के बावजूद भाजपा ने अच्छा प्रदर्शन किया। मिशन   2018 विजय के लिये भाजपा संगठन ने कुछ कडे कदम उठाकर अपेक्षाकृत नये अनुशासित, ईमानदार चेहरों को टिकट देने के फार्मूले पर सख्ती से अमल किया तो लगातार चॊथी बार प्रदेश मे भाजपा सरकार होगी। 2018 चुनाव भाजपा की रीति- नीति-कार्यों के साथ मैदान मे उतारे गये चेहरों की छवि पर निर्भर होगा।
श्री शिवराज सिंह चॊहान का 59 वां जन्मदिवस अत्यंत शुभकारी,प्रगतिदायक, मंगलमय होगा। देश प्रदेश भर से उन्हे आज मिल रहे करोडों शुभकामनाओं मे एक अशेष हार्दिक शुभकामना हमारी भी। हमारा जिला उनके यशस्वी, शतायु, कल्याणकारी होने की कामना करता है।
( जय महाकाल..हर हर नर्मदे)

13 वें दिन भी जारी रही सहकारी संस्थाएं कर्मचारी महासंघ की हडताल

खाद्यान्न वितरण नही होने से डेढ लाख परिवार प्रभावित
अनूपपुर म.प्र. सहकारी संस्थाएं कर्मचारी महासंघ की लंबित तीन सूत्रीय मांगो को लेकर २१ फरवरी से प्रारंभ की गई अनिश्चित कॉलीन हडताल पर होने के कारण जिले के चारो विकासखंडों में खाद, बीज, भवांतर पंजीयन, रबी फसल पंजीयन, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, मध्याहन भोजन सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत शासकीय उचित मूल्य दुकानों का संचालन सहित अन्य शासकीय योजनाओं का क्रियान्वयन बंद हो गया है। जिसके कारण जिले के चारो विकासखंडो में संचालित ३१२ शासकीय उचित मूल्य की दुकान बंद होने के कारण सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से १ लाख ५१ हजार ९८६ पात्र परिवारो को मार्च माह का खाद्यान्न शहरी व ग्रामीण क्षेत्र के गरीब व पात्र परिवारो को नही मिल सका है।
दुकानो में नही हो सका खाद्यान्न भंडारण
म.प्र. सहकारी संस्थाएं कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष मदन द्विवेदी ने बताया कि प्रदेश शासन द्वारा १३ दिनो बाद भी हमारी तीन सूत्रीय मांगो की ओर कोई ध्यान नही दिया गया, जिसके सभी कार्य को पूर्ण रूप से बंद किया गया है, जिसमें माह मार्च के खाद्यान्न का भंडारण भी दुकानो में नही किया गया। वहीं जानकारी के अनुसार जिले के शहरी व ग्रामीण क्षेत्रो की ३१२ शासकीय उचित मूल्य की दुकान के माध्यम से १ मार्च से पात्र परिवारो को खाद्यान्न वितरण करना था, लेकिन कर्मचारियो के हडताल पर चले जाने के कारण माह मार्च का खाद्यान्न का उठाव अब तक ५० प्रतिशत ही हो सका है।
डेढ लाख से अधिक पात्र परिवार हुए प्रभावित
जिले में संचालित ३१२ शासकीय उचित मूल्य की दुकानो के माध्यम से मार्च माह के लिए १ लाख ५१ हजार ९८६ पात्र परिवारो के लिए माह फरवरी में ही आवंटन जारी किया गया, जिसमें १३५२.७ मैट्रिक टन गेहूं, १९८८.७ मैट्रिक टन चावल, १४६.२ मैट्रिक टन नमक तथा ४४५ केएल केरोसीन है। लेकिन  कर्मचारियो के हडताल से पहले जिले के ३१२ उचित मूल्य की दुकानो में इस आवंटन के विरूद्ध मात्र ५० प्रतिशत खाद्यान्न पहुंच तथा शेष खाद्यान्न को दुकानो में खाली कराने से कर्मचारियो द्वारा मांगे पूरी नही होने तक मना कर दिया गया।
नही वितरित करेगे खाद्यान्न

जानकारी के अनुसार म.प्र.सहकारी संस्थाएं कर्मचारी महासंघ के लगभग ३०० सदस्य १३ दिन बाद भी अनशन पर बैठे है। जिन्होने अपनी मांगे पूरी नही होने तक जिले की एक भी शासकीय दुकानो को खोलने से साफ इंकार कर दिया है। जिसके कारण जिले के गरीब व असहाय पात्र परिवारो को इसका खमियाजा उठाना पड सकता है। वहीं जिले पात्र परिवार अब शासकीय उचित मूल्य की दुकान खुलने का लगातार इंतजार कर रहे है। लेकिन इस ओर किसी तरह का ध्यान नही दिया जा रहा है। 

भीषण गर्मी: प्राइमरी कक्षा तक की छुट्टी, 6वीं से 12वीं तक की कक्षाएं यथावत

अनूपपु्र। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले मे गर्मी का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। वही इस भीषण गर्मी से विद्यालय के ...