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गुरुवार, 25 फ़रवरी 2021

अनुरक्ति के सबसे बड़े साधक कबीर कहे जाते हैं - प्रो. श्रीप्रकाष मणि त्रिपाठी


इंगांराजवि में कबीर और आज का युग विषय पर ई-संगोष्ठी संगोष्ठी

अनूपपुर। आज का दौर भक्ति और अनुरक्ति का है। जिसके सबसे बड़े साधक कबीर कहे जाते हैं। इन्हें ध्यान और अनुमान का कवि,समाज सुधार का अग्रदूत कहा जाता हैं। इनकी रचनाओं में साखी, सबद, रमैनी प्रसिद्ध हैं। शब्दावली में इतना तेज था कि आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी उन्हें वाणी का डिक्टेटर कहते थे। अपनी रचनाओं में हमेशा अच्छाई और भद्रता की बात करने वाले उलटबंासी के माध्यम से परिष्कार का प्रयास करते हैं। कबीर कहते हैं-बुरा जो देखन मैं चला, बुरा न मिलाया कोय, जो दिल खोजा आपना, मुझसे बुरा न कोय। यह बात इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक के हिन्दी विभाग में आयोजित कबीर और आज का युग विषय पर ई-संगोष्ठी  गुरूवार को संगोष्ठी की कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी ने कही।

कुलपति ने कहा हम सभी को इसी पर आत्ममंथन और आत्मचिंतन की जरूरत है। कबीर इकलौते कवि हैं जो उलटबासी के माध्यम से समाज की संरचना करते हैं। आज किसी कवि में वह साहस नहीं जो भक्तिकाल में कबीर के पास थी। मगहर को तेजस्विता की भूमि बताते हुए उन्होंने ने कहा कि अमरकंटक सारे कंटक को दूर करने वाली भूमि है। आज के युग को कबीर की तलाश है। कबीर को संबल और प्रेरक व प्रेम का भाव रखने वाले कबीर स्वत्व को ईश्वरत्व और अमरतत्व तक पहुँचाने का काम भी करते है।

निर्भीकता के कवि कबीर हमें विभेद रहित समरस समाज का आग्रह करना सिखाते हैं।

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिन्दी विश्वविद्यालय वर्धा के हिन्दी विभाग के प्रो कृष्ण कुमार सिंह ने कहा कि शब्द की ताकत को जानना है तो सबसे पहले कबीर आते हैं। भाषा से जो कबीर कहलवाना चाहते हैं वह भाषा कह देती है। कबीर के चार शब्द सत्य, प्रेम, सहजता व एकता को परिभाषित करते हुए कहा कि कबीर की कविता से आधुनिक युग की कविता का तार लगा हुआ है आधुनिक युग के कवियों में सर्वश्रेष्ठ कवियों में शामिल रवीन्द्र नाथ टैगोर ने कबीर की 100 कविताओं का अनुवाद अंग्रेजी में किया, जिसके कारण अंतरराष्ट्रीय कविता मंच पर कबीर को जगह मिली। आचार्य हजारी प्रसाद द्विवेदी की पुस्तक न आई होती तो आज हिन्दी आलोचना में बड़े अभाव की पूर्ती न होती। अंहकार के विरोध की बात समझाने के लिए ही कबीर ने लिखा कि-ढ़ाई आखर प्रेम का पढ़े सो पण्डित होय।

प्रो. सिंह जी ने कहा कि रवीन्द्र नाथ टैगोर ने भी अपनी बंगला भाषा में रचित कविता में कहा कि अन्य की बात मुझे समझ में नहीं आती मुझे सीधी बात समझ में आती है। कबीर कहते है कि मेरा मुझमें कछ नहीं जो कुछ है से तेरा , तेरा तुझको सांपता क्या ल्यागे मेराकबीर से पहले खुसरो न भी लिखा है कि बहुत कठिन है डगर पनघट की। अत : कबीर की प्रांसगिकता आज के दौर में निश्चित रूप से स्मृहणीय है। ई-संगोष्ठी में हिन्दी विभागाध्यक्ष प्रो. तीर्थेष्वर सिंह, प्रो.खेमसिंह डहेरिया, प्रो.रेनू सिंह,डॉ.पूनम पाण्डेय, डॉ.वीरेन्द्र प्रताप डॉ. प्रवीण कुमार शामिल रहें।

कल्याणीका बीएड कॉलेज अमरकंटक के छात्र- छात्राओं ने लगाई आर्ट प्रदर्शनी


 कल्याणीका बीएड कॉलेज अमरकंटक के छात्र- छात्राओं ने लगाई आर्ट प्रदर्शनी

अमरकंटक। कल्याण के केंद्रीय शिक्षा निकेतन के ब्रांच कल्याणीका बीएड कॉलेज के प्रथम वर्ष के छात्र छात्राओं द्वारा आर्ट प्रदर्शनी का उद्घाटन कल्याण सेवा आश्रम के प्रबंधन्यासी श्रीहिमाद्री मुनि महाराज व जगदीश आनंदजी महाराज ने गुरुवार को किया। प्रदर्शनी में सामाजिक व पर्यावरण पर पड़ रहें प्रभावों को चित्रित किया गया था।

स्वामी हिमाद्री मुनि महाराज ने आर्ट गैलरी को देख बच्चों के उत्कृष्ट प्रदर्शन पर खुश होकर 5100 रुपए की राशि प्रशस्ति के रूप में प्रदान करते हुए कहा कि आयोजनों में बढ़-चढक़र हिस्सा लेना चहिएं। साथ ही पढ़ाई में ध्यान देने के लिए कहा।

बीएड कॉलेज के प्रार्चाय रामसेवक कुशवाहा ने बताया कि वर्तमान समय में हमारे यहां लगभग 250 बच्चे अध्ययनरत है। प्रथम वर्ष के छात्र छात्राओं द्वारा आर्ट गैलरी का आयोजन किया गया जिसमे हीरा लखेरा व अन्य शिक्षक गण का योगदान हैं। इस दौरान एमके शर्मा, रंजीत सिंह, जोहर लाल चंद्रवंशी, श्रवण उपाध्याय, शंकर पांडेय सहित कॉलेज के छात्र छात्राएं एवं समस्त स्टाफ उपस्थित रहा।

मां नर्मदा जन्मोत्सव के बाद मनाई गई मां की छठी

 


मां नर्मदा जन्मोत्सव के बाद मनाई गई मां की छठी

अनूपपुर। मां नर्मदा जन्मोत्सव के बाद छठवें दिन मां की छठी नर्मदा मंदिर परिसर में गत रत्रि विषेश पूजन अर्चना के साथ कन्या पूजन कर मनाई गई। मंदिर के मुख्य पुजारी नीलू महाराज ने गुरूवार को बताया कि मां नर्मदा जन्मोत्सव के छठवें दिन मां की छठी मनाई जाती हैं इस दौरान नर्मदा मंदिर परिसर में गत रात्रि में विषेश पूजा और आरती की गई,इसके बाद कन्या पूजन का भोग लगाया जाता हैं। कन्या भोग पश्चात समूहिक भंड़ारा कर लोगो में प्रसाद वितरण किया गया।


बुधवार, 24 फ़रवरी 2021

श्री कल्याण सेवा आश्रम ने परिक्रमा वासियों के लिए सुविधायुक्त खोला नया हाल


 श्री कल्याण सेवा आश्रम ने परिक्रमा वासियों के लिए सुविधायुक्त खोला नया हाल

अमरकंटक पवित्र नगरी अमरकंटक के श्री कल्याण सेवा आश्रम वर्ष 1975 से अनवरत परिक्रमा वासियों संत महात्माओं की सेवा करते चले आ रहे हैं। यहा वर्ष भर कार्यक्रम होता रहता है जिससे नगर व आसपास के नागरिकों को धार्मिक आयोजन का लाभ मिलता रहता है।

कल्याण सेवा आश्रम का गठन से ही परिक्रमा वासियों की सेवा में अनवरत योगदान दे रहा है। बाबा कल्याण दास जी के आशीर्वाद से आश्रम में बने नवनिर्मित सुसज्जित सर्व सुविधायुक्त सत्संग हाल को बुधवार को मां नर्मदा के भक्तों परिक्रमा वासियों के लिए खोल दिया गया। जहां परिक्रमा वासियों को ठहरने के साथ भोजन प्रसाद की व्यवस्था होगी।

श्री कल्याण सेवा आश्रम अमरकंटक के प्रबंध न्यासी हिमाद्री मुनि महाराज ने बताया कि मां नर्मदा के भक्तों की सेवा करने में एक अलग ही अनुभूति प्राप्त होती हैं। परिक्रमा वासियों के लिए छोटा हाल को देखते हुए बाबाजी ने नए बने हाल बनाने की नींव रखी जो तय समय में बनकर तैयार हो गया जिसे बुधवार को विधिवत पूजा अर्चना कर परिक्रमा वासियों के लिए खोल दिया गया। अब मां नर्मदा की परिक्रमा करने वाले भक्तों को अमरकंटक के कल्याण सेवा आश्रम में ठहरने में कोई परेशानी नहीं होगी।

नवोदय अमरकंटक में कक्षा 9वीं में दो रिक्तियों के प्रवेश के लिए 612 ने दी परीक्षा


 नवोदय अमरकंटक में कक्षा 9वीं में दो रिक्तियों के प्रवेश के लिए 612 ने दी परीक्षा

अनूपपुर। जावहर नवोदय विद्यालय अमरकंटक में कक्षा 9वीं में दो रिक्तियो के लिए प्रवेश के लिए परीक्षा आयोजित की गई,1012 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था। बुधवार को दो केंद्रों में आयोजित परीक्षा में 612 परिक्षार्थियों ने परीक्षा दी 400 आवेदनकर्ता अनुपस्थित रहें।

जावहर नवोदय विद्यालय अमरकंटक की प्रार्चाय कविता सिंह ने बताया कि कोरोना नियमों का पालन करतें हुए अमरकंटक में कक्षा 9वीं में 2 सीट के लिए दो परीक्षा केंद्र बनायें गये। जिसमें 1012 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था। 612 परिक्षार्थियों ने परीक्षा दी 400 अनुपस्थित रहें। नवोदय विद्यालय में 813 में 492 छात्र उपस्थित 314 अनुपस्थित रहें। शा.उ.मा.विद्यालय में 199 में 113 परिक्षार्थियों ने परीक्षा दी 86 अनुपस्थित रहें।

चालक को आई झपकी दीवार तोड़ घर में घुसी कार,गृहस्थी का समान चकनाचूर


चालक को आई झपकी दीवार तोड़ घर में घुसी कार,
गृहस्थी का समान चकनाचूर

अनूपपुर। राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर बुधवार की सुबह अनियंत्रित होकर वाहन सडक़ किनारे बने कच्चे मकान की दीवार को तोड़ते हुए घर में जा घुसा। इस घटना में किसी को कोई गंभीर चोट तो नहीं आई, लेकिन घर में रखा सामान का नुकसान हुआ।

जानकारी के अनुसार राजस्थान से छग अंबिकापुर जा रहीं कार आरजे 27 यूबी 3573 बुधवार की सुबह पयारी कदम टोला निवासी प्रकाश महरा के घर की दीवाल तोडक़र जा घुसी,जिस कमरें में कार घुसी उसमे कोई नही था घर के सभी सदस्य बगल के कमरें में सो रहें थे। जिससे किसी के हताहत होने की सूचना नहीं हैं। किन्तु घर में रखा सारा समान टूटकर बिखर गया। ऐसा माना जा रहा हैं भोर में चालक को झपकी लगने से यह हादसा हुआ। वाहन में एक परिवार के तीन महिला तथा दो पुरुष किसी निजी कार्य से अंबिकापुर जा रहे थे। इस घटना की रिर्पोट देर शाम तक किसी पक्ष ने दर्ज नहीं कराई। पुलिस ने वाहन को निकाल कर थाने ले गई।

अमरकंटक में सहस्त्र चंडी महायज्ञ के साथ पूर्ण हुई नर्मदा पुराण की कथा,गुरुवार को पूर्णाहुति व भण्डार


अनूपपुर
। माँ नर्मदा की उद्गम स्थली के पावन तट माई की बगिया रोड़ स्थित श्री श्री 1008 बौराहा बाबा आश्रम में 14 फरवरी से सहस्त्र चंडी महायज्ञ विश्व कल्याणार्थ एवं 18 फरवरी से प्रारंभ नर्मदा पुराण का बुधवार को पूर्ण हुआ। गुरुवार को यज्ञ पूर्णाहुति व विशाल भण्डारे के साथ समापन होगा।

प्रतिदिन वाराणसी के यज्ञाचार्य आसुतोष शुक्ला के साथ 11 पुरोहितों द्वारा ब्रम्ह मुहूर्त से संध्या कालीन तक बेद मंत्रोच्चार से विश्व के जन कल्याणार्थ हवन पूजन स्वत: बाबा जी द्वारा कर वातावरण को शुद्ध ,पवित्र बनाया गया।

यज्ञ के बीचो बीच माँ नर्मदा पुराण की कथा शास्त्री राम कृष्ण मिश्रा उमरिया वाले लोगो को भाव विभोर कर रहें थे। कथा में शास्त्री जी ने बताया कि अमरकंटक धाम नर्मद में कोई प्राणी एक बार आ जाता है तो उसके कई पीढिय़ों के पाप नष्ट हो जाते है। नदियों में नर्मदा को श्रेस्ठ बताया है जो पाप नाशिनी माँ नर्मदा दर्शन मात्र से बेड़ा पार कर देती है। कथा में तबला वादन अभिषेक त्रिपाठी, ऑर्गन में अनुपम तिवारी, राज मिश्रा भजन में साथ दिया। इस दौरान बलराम साहू, तुलसी नामदेव, मैकल बाई, राजकुमार सिंह, दिलीप,संतोष मिश्रा,हिमाक्षी दीदी, शोभा दीदी सहित अन्य ने सेवाकार्य कर सहयोग दिया।

हिन्दुस्थान समाचार/ राजेश शुक्ला

मंगलवार, 23 फ़रवरी 2021

हलचल अनूपपुर की खबर पर खाद्य मंत्री ने लिया संज्ञान,पड़मनिया दुकान को हुई ऑफलाइन

 पीओएस मशीन की जगह समग्र आईडी के माध्यम से वितरण प्रारंभ

अनूपपुर जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ अंतर्गत संचालित आदिम जाति सेवा सहकारी समिति पड़मनिया में मोबाईल नेटवर्क नही होने से पात्र हितग्राहियों को बॉयोमैट्रिक प्रमाणिकरण के लिए 21 फरवरी को शासकीय दुकान से 3 किमी दूर जंगल में ले जाकर पीओएस मशीन में अगूंठा लगवाया जा रहा था, जहां अचानक जंगल में बाघ के आ जाने से ग्रामीणों में भगदड़ मचने की खबर हलचल अनूपपुर  ने 22 फरवरी को प्रमुखता से दी थी, जिस पर खाद्य एवं नागरिक उपभोक्ता संरक्षण मंत्री बिसाहूलाल सिंह संज्ञान में लेते हुए 24 घंटे के अंदर शासकीय दुकान पड़मनिया को ऑफलाइन करा दिया। जहां हितग्राहियों को 23 फरवरी से खाद्यान्न का वितरण ऑफलाइन समग्र आईडी के माध्यम से प्रारंभ हो गया हैं।

अब समग्र आईडी के माध्यम से मिलेगा खाद्यान्न

पूर्व में शासकीय दुकान पड़मनिया में पात्र हितग्राहियों को खाद्यान्न वितरण के पहले उन्हे जंगल स्थित पहाडिय़ों में ले जाकर खाद्यान्न नेटवर्क की उपलब्धता अनुसार पीओएस मशीन में उनका अगूंठा लगाकर वापस दुकान में आकर सेल्समैन द्वारा खाद्यान्न का वितरण किया जाता रहा है, जहां अचानक बाघ के आ जाने की घटना के बाद दुकान को ऑफलाइन कर दिया गया है, जहां पात्र हितग्राहियों को दुकान से सीधे समग्र आईडी के माध्यम से खाद्यान्न वितरण किया जा सकेगा। इसके लिए सेल्समैन को पीओएस मशीन को मोबाईल नेटवर्क स्थान में लेजाकर पहले डेटा अपलोड करना होगा, उसके बाद हितग्रहियों को उनकी समग्र आईडी पीओएस मशीन में डालकर खाद्यान्न वितरण किया जाएगा और बाद में फिर से नेटवर्क स्थान में आकर डेट को अपलोड करना किया जाएगा।

खाद्यान्न वितरण में नेटवर्क बड़ी समस्या

वर्ष 2019 से खाद्यान्न वितरण के लिए हितग्राहियों का पीओएस मशीन में बॉयोमैट्रिक प्रमाणिकरण के लिए अंगूठा लगाकर ऑनलाईन खाद्यान्न का वितरण किया जाने लगा, जिसके बाद जिले में कई ऐसी दुकाने है जहां नेटवर्क न होने के कारण सेल्समैनों को खाद्यान्न वितरण करने में परेशानी आ रही है। जिसमें उन्हे नेटवर्क के लिए या तो जंगल या तो दुकान से आधे एक किमी दूर स्थानों में ग्रामीणो को बुलाकर पहले उनका बॉयोमैट्रिक प्रमाणिकरण किया जाता है और बाद में उन्हे दुकान लाकर खाद्यान्न का वितरण किया जाता रहा है। नेटवर्क न होने वाले जिले के 21 दुकाने है, जिनमें आज भी केकरपानी शासकीय दुकान सहित 4 अन्य दुकानें जहां ग्रामीणों को आधा किमी दूर लेकर उनका बॉयोमैट्रिक सत्यापन कर वापस दुकान में लाकर खाद्यान्न वितरण किया जा रहा है। जिस पर जिला प्रशासन ने मामले को संज्ञान में लेते हुए दुकानों को भी ऑफलाइन किए जाने के लिए भोपाल से कई बार पत्राचार किया जा चुका है।

 

युवती से दुष्कर्म के बाद फरार चल रहे आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

अनूपपुर, 23 फरवरी (हि.स.)। शादी का प्रलोभन देकर शारीरिक शोषण करने के मामले में अजाक थाने में 9 नवम्बर 2020 को आरोपी गोविंद साहू एवं लक्ष्मण साहू निवासी ग्राम ठाड़पाथर थाना करनपठार के खिलाफ मामला पंजीबद्ध किया था, जिसके बाद लगातार आरोपी फरार चल रहा था, मुखबिर की सूचना पर आजाक पुलिस ने 23 फरवरी को सांधा तिराहे के पास से गिरफ्तार करते हुए आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।

जानकारी के अनुसार 23 वर्षीय युवती ने शिकायत दर्ज कराई थी कि सोशल मीडिया के माध्यम से उसकी मुलकात वर्ष 2017 में गोविंद साहू से हुई थी। 11 मई 2017 को बड़े पिता के लडक़े की शादी में जब वह घर में अकेली थी तभी गोविंद साहू उसके घर आया और शादी का प्रलोभन देकर जबरजस्ती उसके साथ शारीरिक संबंध बनाया गया, जिसके बाद जब युवती ने शादी की बात की तो गोविंद साहू उसे राजस्थान के भीलवाड़ा में किराए के मकान में रखा था, जहां उसके साथ वहां भी कई बार शारीरिक संबंध बनाया गया, जिससे वह 7 माह की गर्भवती हो गई। उसका स्वास्थ्य ठीक नही होने पर गोविंद साहू द्वारा उसे अनूपपुर ले आया और वार्ड क्रमांक 12 में किराए के मकान में रखा था, जहां 18 फरवरी 2020 को जिला चिकित्सालय में मृत बच्चा पैदा हुआ। 2 अगस्त 2020 को गोविंद साहू राखी बंधवाने के नाम से अपने चला गया और फिर वापस नही आया, संपर्क करने पर उसने अपना फोन बंद कर लिया था। मामले में पुलिस ने आरोपी गोविंद साहू के खिलाफ मामला पंजीबद्ध किया था, जिसके बाद से लगातार आरोपी फरार चल रहा था, जिसे पुलिस ने 23 फरवरी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।

इंगांरावि नवाचार के क्षेत्र में आगे बढक़र वैश्विक फलक पर सशक्त भारत के रूप में स्थापित होगा- रमेश पोखरियाल निशंक


मेडिकल कालेज खोले जाने की घोषणा,
स्वर्ण पदकों में लड़कियों ने मारी बाजी 209 को स्वर्ण पदक, 3582 को दी गई दीक्षा

अनूपपुर। आज का दिन किसी भी संस्थान एवं वहां शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्याॢथयों हेतु गौरव का दिन होता है। यह दिन जीवन एवं कर्म पथ पर आगे बढऩे का प्रस्थान ङ्क्षबदु भी होता है। आप आत्मनिर्भर भारत जो कि प्रधानमंत्री का सपना है, के कारण और कारक दोनों हैं। आपके ही द्वारा भारत ज्ञान, विज्ञान, अनुसंधान, नवाचार के क्षेत्र में आगे बढक़र वैश्विक फलक पर सशक्त भारत के रूप में स्थापित होगा। शिक्षा के माध्यम से जनजातीय कला संस्कृति, भाषा, ज्ञान, विज्ञान को लोकल से ग्लोबल भारत बनाने की दिशा में विश्वविद्यालय एवं यहां के शिक्षक महती भूमिका का निर्वहन कर रहें हैं। स्थानीय वनोपज को तकनीकी माध्यम के द्वारा प्रचारित एवं विपणन हेतु विश्वविद्यालय निरंतर प्रयत्नशील है। जिससे यहां के जनजातीय समुदाय का विकास हो रहा है और समग्र विकास की संकल्पना साकार हो रही है। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय में तृतीय दीक्षांत समारोह के मुख्य अतिथि भारत सरकार के शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहीं। तृतीय दीक्षांत समारोह बेबीनार के माध्यम से हुआ। जिसमे विशिष्ट अतिथि अध्यक्ष विश्वविद्यालय अनुदान आयोग नई दिल्ली प्रो.डीपी सिंह रहें।

विश्वविद्यालय द्वारा स्थानीय निवासियों के विकास हेतु किए जा रहे विभिन्न कार्यों जैसे गांवों को गोद लेकर विकसित करना, जीविका उपार्जन व नवाचार केंद्र के कार्यों, नई शिक्षा नीति के क्रियान्वयन हेतु किए जा रहे कार्यों की सराहना करते हुए उन्होंने विश्वविद्यालय में रोजगार परक शिक्षा के अवसरों की वृद्घि के लिए चिकित्सालय एवं चिकित्सा विज्ञान संकाय (मेडिकल कालेज) खोले जाने की घोषणा की। 

उन्होंने विश्वविद्यालय स्थापना का उद्देश्य जनजातीय विद्यर्थियों को उच्च शिक्षा के क्षेत्र में अवसर प्रदान कर उन्हें देश के विकास से जोडऩा तथा उनकी कला व संस्कृति का संरक्षण एवं संवर्धन करना है। प्रसन्नता है कि कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी के नेतृत्व में इस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष कहा कि आज ज्ञान, विज्ञान, अनुसंधान के जिस उद्देश्य से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विष्वविद्यालय की स्थापना का संकल्प लिया गया था, वह पूरा होता हुआ दिख रहा है। शिक्षा के माध्यम से ही सामाजिक परिवर्तन और राष्ट्र निर्माण का कार्य होता है। विष्वविद्यालय की युवा शक्ति सद्मार्ग और मूल्यपरक शिक्षा व आचरण द्वारा नई शिक्षा नीति २०२० को सफल बनाकर भारत को वैष्विक फलक पर गौरवान्वित करने में सफल हो, यही मेरी शुभकामनाएं हैं।


इंगांराजवि में तृतीय दीक्षांत समारोह में दीक्षार्थियों को बेबीनार माध्यम से दी गई दीक्षा 

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय में तृतीय दीक्षांत समारोह के दौरान कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश मणि त्रिपाठी ने विश्वविद्यालय की संक्षिप्त जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2007 में स्थापित है विश्वविद्यालय ज्ञान, विज्ञान, अनुसंधान एवं सामाजिक सांस्कृतिक क्षेत्र में अपने योग्य शिक्षकों कर्मठ कर्मचारियों एवं ऊर्जावान विद्यर्थियों के कारण राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित है और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विदित है। विश्वविद्यालय के 12 संकायों के अंतर्गत 32 विभाग कार्य कर रहे हैं। जिनमें 29 स्नातक 35 स्नातकोत्तर और 31 पीएचडी कार्यक्रम चलाए जाते हैं। विष्वविद्यालय की विशिष्टता का आकलन इस तथ्य के आधार पर किया जा सकता है कि इसके कुल छात्रों की संख्या का 72 प्रतिशत समाज के कमजोर वर्ग से आते है। जिसमें अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों की संख्या 30 प्रतिशत अनुसूचित जाति की 15 अन्य पिछड़े वर्गों की 10 तथा आर्थिक दृष्टि से पिछड़े वर्ग की संख्या 1 प्रतिशत है। सामान्य श्रेणी के विद्यार्थियों की कुल संख्या 28 प्रतिशत है। विद्यार्थियों की संख्या लड़कियों की शिक्षा के बढ़ते अनुपात को दर्शाती है। जिसमे 42 प्रतिशत लड़कियां शिक्षा प्राप्त कर रही हैं। 32 विभागों में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर पर परंपरागत पाठ्यक्रम के साथ-साथ व्यवसायिक पाठ्यक्रमों को भी प्रोत्साहन दे रहा है। इस क्षेत्र की भौगोलिक, जनजातीय तथा जैविक बहुलता को देखते हुए तथा राष्ट्रीय शिक्षा नीति में निहित इन प्रकरणों को महत्व देने की दृष्टि के अंतगर्त विश्वविद्यालय अपने शिक्षण एवं शोध के माध्यम से पूरे क्षेत्र के उस ज्ञान और कौशल को संरक्षित और प्रचारित करने के लिए कटिबद्घ है जो आदिवासी संस्कृति, परंपरा और जीवन शैली में समाहित है। इस अवसर पर विभिन्न विषयों के योग्य विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की गई,

स्वर्ण पदकों में लड़कियों ने मारी बाजी

विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान की जाने वाली उपाधि प्रत्येक अकादमिक वर्ष में विद्यार्थियों की उपलब्धियों के आधार पर मूल्यांकन के पश्चात प्रदान किया जाता है। इसी मूल्यांकन के आधार पर कई प्रकार की उपाधियां दी जाती है। विश्वविद्यालय स्वर्ण पदक, कुलाधिपति स्वर्ण पदक, कुलपति स्वर्ण पदक, उशा स्मृति स्वर्ण पदक, गिरिराज किशोरी अग्रवाल स्मृति स्वर्ण पदक और बिसाहु दास महंत स्वर्ण पदक विषयवार सर्वोत्तम उपलब्धि के आधार पर प्रदान की जाती है।

वर्ष 2017 में स्नातक स्तर पर 25 और स्नातकोत्तर स्तर पर 21 स्वर्ण पदक दिया गया है जिसमें बीसीए की छात्रा अमिशा अग्रवाल को सबसे ज्यादा 4 स्वर्ण पदक मिले हैं तथा किषन लाल को दो स्वर्ण पदक मिले हैं वहीं स्नातकोत्तर की कम्प्यूटर साइंस की छात्रा सुरभी अग्रवाल को दो स्वर्ण पदक मिले। वर्ष 2018 में व्यावसायिक अध्ययन की श्रुति सिंह बघेल को 4 स्वर्ण पदक और एकता अष्वनि को दो स्वर्ण पदक मिले तथा स्नातकोत्तर में गणित के लिए ज्योतिमा शुक्ल को दो स्वर्ण पदक मिले । इस वर्ष कुल स्नातक स्तर पर 25 स्वर्ण और स्नातकोत्तर स्तर पर 25 स्वर्ण पदक दिया गया। वर्ष 2019 में स्नातक में 25 स्वर्ण पदक और स्नातकोत्तर में 27 स्वर्ण पदक दिया गया। स्नातक की निशिका विशनानी ने विश्वविद्यालय द्वारा दिए जाने वाले सभी 5 स्वर्ण पदक प्राप्त की। जबकि एमसीए की छात्रा विन्नी अग्रवाल को दो स्वर्ण पदक मिले। वर्श 2020 में स्नातक स्तर पर 27 और स्नातकोत्तर स्तर पर 29 स्वर्ण पदक दिया गया, जिसमें सविता धुर्वे को दो स्वर्ण पदक तथा फार्मेसी की शालिनि शुक्ल को चार स्वर्ण पदक मिले हैं और स्नातकोत्तर में गणित की छात्रा प्रतिभा त्रिपाठी को स्नातकोत्तर का दोनों स्वर्ण पदक प्राप्त हुए। उपलब्धियों  के आधार बेटियों ने सबसे ज्यादा स्वर्ण पदक हासिल कर यह साबित कर दिया है कि उन्हें मौका मिले तो इस वनांचल की बेटियां भी देश की तरक्की में अपना योगदान दे सकती हैं। इस तरह बेटियों की उन्नति निष्चय ही बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, बेटी को प्रगति पथ पर आगे बढ़ाओ‘‘ को सार्थकता प्रदान करती है।

कार्यक्रम का शुभारंभ वाग्देवी सरस्वती पूजन व पं. हरिराम पांडे द्वारा स्वस्ति वाचन के साथ हुआ। कुलाधिपति प्रो. मुकुल ईश्वरलाल शाह ने दीक्षांत समारोह की औपचारिक घोषणा की तत्पश्चात संबंधित संकायाध्यक्षों ने दीक्षार्थियों को दीक्षा हेतु प्रस्तुत किया। इस अवसर पर दीक्षांत स्मारिका एवं विश्वविद्यालय के शिक्षकों द्वारा लिखित पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। दीक्षांत कार्यक्रम में सांसद हिमाद्री सिंह, सांसद ज्योत्सना महंत, कोरबा,विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को, पुष्पराजगढ़, कुलाधिपति मुकुल ईश्वरलाल शाह, कार्यपरिषद विश्वविद्यालय कोर्ट तथा विश्वविद्यालय परिषद के सदस्यगण संकाय अध्यक्ष गण विभागाध्यक्ष गण प्रशासनिक अधिकारी एवं शैक्षणिक एवं कर्मचारियों के साथ ऑनलाइन माध्यम से जुड़े स्वर्ण पदक तथा उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यर्थियों के परिवार जन उपस्थित थे।

आंदोलन का नीतिगत विरोध का समर्थन नहीं,स्थानीय समस्याओं के साथ -रामलाल रौतेल


अनशन स्थल में पहुचे पूर्व विधायक अंशनकारियो से जाना हाल-चाल

अनूपपुरकृषि कानून के विरोध में संयुक्त ठेकेदारी मजदूर यूनियन सीटू एवं मप्र किसान सभा अनूपपुर के आह्वान पर 20 जनवरी से जैतहरीमें अनिश्चितकालीन क्रमिक भूख हड़ताल के 35वें दिन मंगलवार को अचानक अनूपपुर विधानसभा भाजपा के पूर्व विधायक रामलाल रौतेल अनशन स्थल पर बैंठे शंकर लाल राठौर, मोहन राठौर एवं नागेश्वर राठौर सहित प्रतिनिधियों का हालचाल जाना और चर्चा की।

इस दौरान पूर्व विधायक ने कहा आंदोलन का नीतिगत विरोध का समर्थन नहीं है, स्थानीय समस्याओं से संबंधित मांगों का समर्थन करते हैं। उल्लेखनीय है कि मोजर बेयर पावर प्लांट जैतहरी के प्रबंधन द्वारा प्रभावित खातेदारों को पुनर्वास के शर्तों के अनुसार नौकरी नहीं देने,इसके लिए किसान लंबे समय से  द्वारा संघर्ष कर रहें है। गत नवंबर माह से प्रभावित काश्तकारों के पेंशन डेयरी का लाभांश एवं भत्ता का भुगतान नहीं किया जा रहा है। मार्च 2020 में न्यायालय कलेक्टर द्वारा पारित आदेश के संबंध में भी प्रबंधन गंभीर नहीं है। संयुक्त ठेकेदारी मजदूर यूनियन अध्यक्ष जुगल किशोर राठौर ने बताया कि यदि सरकार और प्रबंधन द्वारा किसान मजदूर के जायज मांगों पर समय रहते निराकरण नहीं किया जाता है तो आंदोलन को तेज करेंगे।

 

मीनल केशरवानी को मिला गोल्ड मैडल


अनूपपुर। इन्दिरा गाँधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक के सोमवार को सम्पन्न हुए दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय की बी.काम. ऑनर्स 2019
की छात्रा मीनल केशरवानी ने अपने विषय में यूनिवर्सिटी गोल्ड मेडल हासिल किया है।

मीनल नगर के समाजसेवी जगदीश प्रसाद केशवानी की पौत्री युवा व्यवसाई अनिल एवं निर्मला केशवानी की सुपुत्री हैं। यह समारोह बेबीनार (वीडियो कांफ्रेंसिंग) के माध्यम से सम्पन्न हुआ, जिसमें केन्द्रीय शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक, यूजीसी के चेयरमैन प्रो.डीपी सिंह, सांसद हिमाद्री सिंह सहित अन्य अतिथियों ने बेबीनार के माध्यम से शामिल रहे।

 

सोमवार, 22 फ़रवरी 2021

खाद्यान्न के लिए अगूंठा लगा रहे ग्रामीणो में शेर की दहाड़ से मची भगदड़, विभागिय मंत्री को कराया अवगत


खाद्यान्न वितरण से पहले जंगल में ग्रामीणो का किया जाता बॉयोमैट्रिक प्रमाणिकरण

अनूपपुर जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ का दूरस्थ ग्राम पंचायत जहां मोबाईल नेटवर्क नही होने से शासकीय दुकान से 3 किमी दूर स्थित पड़रिया घाट के जंगल में पात्र हितग्राहियों को ले जाकर पेड़ के नीचे चट्टान में बैठ पीओएस मशीन से उनका बॉयोमैट्रिक प्रमाणिकरण के लिए अगूंठा लगवाने के दौरान अचानक वहां शेर आ पहुंचा,शेर की दहाड़ सुन पीओएस मशीन में सत्यापन करा रहे लगभग 50 ग्रामीणों जिनमें महिलाएं, पुरूष व बुजुर्ग में भगदड़ मच गई और ग्रामीणो ने सत्यापन कराना छोडक़र अपनी जान बचाकर जंगल से गांव के तरफ भाग निकले। इस भगदड़ के बाद दूसरे दिन सोमवार को सेल्समैन ने जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी देते हुए पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया। घटना की जानकारी से खाद्य नागरिक आपूर्ति उपभोक्ता संरक्षण मंत्री बिसाहूलाल सिंह को भी अवगत कराया गया।


शेर देख गांव की तरफ भागे ग्रामीण

आदिम जाति सेवा सहकारी समिति पड़मनिया में मोबाईल कनेक्टिविटी न होने के कारण हितग्राहियों को फिंगर से खाद्यान्न वितरण करने में हो रही असुविधाओं पर किसी तरह का ध्यान नही दिया गया। जिसके कारण सेल्समैन द्वारा 21 फरवरी को शासकीय दुकान से लगभग 3 किमी दूर पड़मनिया घाट के जंगल में पात्र हितग्राहियों ले जाकर पहाड़ो के बीच बैठ उनका बॉयोमैट्रिक प्रमाणिकरण के लिए अगूंठा लगवाया जा रहा था, जहां अचानक उनके नजदीक शेर पहुंच गया, जिसे देखते ही ग्रामीणों में दहशत मच गई और सभी किसी तरह से अपनी जान बचाकर वहां से भाग निकले।

खाद्यान्न वितरण में नेटवर्क न होना बड़ी समस्या

सेल्समैन द्वारा वर्ष 2019 से हितग्राहियों को बॉयोमैट्रिक प्रमाणिकरण के लिए जंगल में ले जाया जाता रहा है, लेकिन इस बीच ग्रामीणों का पीओएस मशीन में अगूंठा लगवाए जाने  के समय अचानक शेर के आ जाने से जहां ग्रामीणो में भगदड़ मच गई थी और बड़ी घटना घट सकती थी। सेल्समैन रोशन सिंह श्याम ने बताया कि शासकीय उचित मूल्य की दुकान पड़मनिया में नेटवर्क कनेक्टिविटी न होने के कारण जुलाई 2019 से हितग्राहियों का बॉयोमैट्रिक प्रमाणिकरण दुकान में नही होने के कारण उन्हे जंगल में ले जाकर उनका बॉयोमैट्रिक प्रमाणिकरण करना मजबूरी बनी हुई है।

380 के लगभग है पात्र परिवार

खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी अंबोज श्रीवास्तव ने बताया कि शासकीय दुकान पड़मनिया में 380 के लगभग पात्र परिवार है। जिनमें 51 परिवारो का अंत्योदय कार्ड व 24 श्रेणी में आने वाले प्राथमिकता परिवार की संख्या 51 के आसपास है। वहीं जनपद पुष्पराजगढ़ में संचालित आदिम जाति सेवा सहकारी समिति पड़मनिया में नेटवर्क कनेक्टिविटी नही होने के कारण कलेक्टर द्वारा खाद्य, नागारिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण संचालक को पत्र लिख उक्त शासकीय दुकान में खाद्यान्न वितरण के लिए पीओएस मशीन से ऑफलाइन वितरण कराए जाने के संबंध में पत्र लिखा अनुरोध भी किया गया था, लेकिन उक्त दुकान को ऑफलाइन खाद्यान्न वितरण किए जाने की कोई कार्यवाही नही की गई।

ग्रामीणो ने जंगल जाने से कई बार किया था मना

जानकारी के अनुसार ग्रामीणो ने शासकीय दुकान में ही मशीन में उनका अगूंठा लगवाकर खाद्यान्न देने तथा जंगल में जाने के लिए कई बार सेल्समैन और ग्रामीणो के बीच वाद विवाद हुआ। जिसमें ग्रामीणो ने सेल्समैन से भी कई बार अभद्रता करते हुए मारपीट तक की नौमत आ चुकी थी। लेकिन सेल्समैन ने हर बार ग्रामीणो को दुकान व आसपास कहीं भी नेटवर्क नही हो पाने तथा बिना सत्यापन के खाद्यान्न वितरण नही करने संबंधी मजबूरी पर ग्रामीण जंगल में जाकर पहाडिय़ों में चढ़ पहले बॉयोमैट्रिक मशीन से अपना सत्यापन कराते और बाद में वापस आकर दुकान से खाद्यान्न का वितरण किया जाता रहा है।

खाद्य नागरिक आपूर्ति उपभोक्ता संरक्षण मंत्री बिसाहूलाल सिंह को घटना से अवगत कराने पर उन्होंने तत्काल पड़मनिया दुकान में ऑफलाइन खाद्यान्न वितरण का कार्य करवाने की बात कहीं।

 

आउटसोर्स कर्मचारियों की मांगो को लेकर सपाक्स राष्ट्रीय अध्यक्ष को सौंपा ज्ञापन


अनूपपुर
। बिजली विभाग में कंपनियों के माध्यम से आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं तथा मांगो को लेकर सोमवार को अनूपपुर में सपाक्स समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हीरालाल त्रिवेदी से मिलकर ज्ञापन सौंपा। जिसे शासन स्तर से निराकरण कराये जाने की मांग की।

जनता यूनियन के प्रांतीय सचिव जेपीएन शर्मा ने बताया कि ज्ञापन में शासन के निर्देशानुसार विद्युत विभाग मे लाइन मेंटिनेंस, राजस्व वसूली समेत लगभग सभी विभागीय कार्यो के लिए आउटसोर्स (ठेका) के माध्यम से श्रमिकों की भर्ती कर उनसे कार्य लिया जा रहा है। विद्युत विभाग मे कार्यरत ठेका श्रमिकों से विद्युत अधिकारियों के निर्देशन मे पूरा कार्य लिया जाता है जबकि ठेका श्रमिकों से ठेकेदार या कंपनी का प्रत्यक्ष रूप से कोई संबंध नही होता है। इसमे विभाग को ठेका श्रमिकों को वेतन देने के अलावा लाखों रूपये का भुगतान ठेकेदारों को अनावश्यक रूप से किया जाता है। जिससे विभाग को अतिरिक्त वित्तीय क्षति होती है। ठेका श्रमिकों को विद्युत विभाग द्वारा स्वयं नियुक्त किया जाये तथा वेतन का भुगतान ठेकेदारों के माध्यम से न कराकर  विभाग द्वारा किया जाये।

संविदा कर्मियों की तरह आउटसोर्स कर्मचारियों को भी एक निश्चित अवधि तक के लिए नियुक्त करनें। आउटसोर्स श्रमिकों का कार्य अन्य विभागों के श्रमिकों से भिन्न होता है। विद्युत विभाग मे कार्य करते हुये कभी भी आकस्मिक दुर्घटना घटती रहती है। ऐसी स्थिति मे विभाग द्वारा उन्हे कार्य से पृथक कर दिया जाता है तथा उपचार की कोई भी व्यवस्था विभाग द्वारा नही कराई जाती है। दुर्घटनाग्रस्त श्रमिकों के उपचार की व्यवस्था के साथ ही उपचार के दौरान पीडि़त श्रमिक के वेतन की उपलब्धता सुनिश्चित करवाया जाये तथा कार्य के दौरान दुर्घटना से ठेका श्रमिक की मृत्यु होने पर उसके आश्रित को कम से कम 20 लाख रूपये तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराया जाने की मांग की गई हैं।

जिले में 534 किसानों कराया पंजीयन,किसानों का पंजीयन कराने की अपील


अनूपपुर
। जिला अन्तर्गत रबी विपणन वर्ष 2021- 22 में गेहूँ खरीदी के लिए जिले में आठ किसान पंजीयन केन्द्र राजेन्द्रग्राम, बेनीबारी, भेजरी, अनूपपुर, दुलहरा, जैतहरी, निगवानी एवं कोतमा के साथ कृषि उपज मण्डी अनूपपुर, जैतहरी व कोतमा में पंजीयन कराने की सुविधा दी गई हैं। साथ ही गिरदावरी किसान एप एवं कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर/लोकसेवा केन्द्र के माध्यम से अपनी उपज का पंजीयन कराने की अपील की हैं।

जिला आपूर्ति अधिकारी एके श्रीवास्तव ने सोमवार को बताया कि मप्र सहकारिता समिति कर्मचारी महासंघ हड़ताल पर थे जिससे किसानों की समस्याओं का सामना करना पड़ा जिसे देखते हुए होने पर विभाग ने पंजीयन की तिथि 25 फरवरी तक बढ़ा दी हैं। जिले में सोमवार तक 8 पंजीयन केंद्रों में 534 किसानों अपना पंजीयन कराया हैं। जिसमें अनूपपुर में 118, निगवानी 53, कोतमा 16, जैतहरी 118, बेनीबारी 11भेजरी 48,दुलहरा 108 एवं राजेन्द्रग्राम में 62 किसानों  रबी विपणन वर्ष 2021- 22 में गेहूँ खरीदी के लिए पंजीयन कराया हैं।

जिला आपूर्ति अधिकारी ने कृषक बधुओं से अनुरोध किया गया है कि नियत समयावधि में समिति स्तर पर स्थापित पंजीयन केन्द्रों के अतिरिक्त गिरदावरी किसान एप एवं कियोस्क, कॉमन सर्विस सेन्टर/ लोक सेवा केन्द्र अनूपपुर, कोतमा, जैतहरी एवं पुष्पराजगढ़ (राजेन्द्रग्राम) तथा कृषि उपज मण्डी अनूपपुर, जैतहरी व कोतमा कार्यालय के माध्यम से अपना पंजीयन करवायें।

चैकिंग अभियान में आरटीओ ने 11 बसों से वसूला 29 हजार 500 रुपए का जुर्मना


चैकिंग अभियान में आरटीओ ने 11 बसों से वसूला 29 हजार 500 रुपए का जुर्मना

अनूपपुर सीधी बस हादसे के बाद आरटीओ शहडोल, अनूपपुर ने सोमवार को शहडोल-अनूपपुर सडक़ मार्ग सहित अनूपपुर बसस्टैंड में बसों का निरिक्षण के दौरान 11 बसों से 29 हजार 500 रुपए का जुर्मना वसूला गया हैं।

जिले में चल रहे अवैध वाहनों के संचालन, ओव्हरलोड एवं बकाया वाहनों से मोटरयानकर की वसूली के संबंध में क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी आशू सिंह द्वारा प्रवर्तन अमले के साथ सोमवार को को शहडोल-अनूपपुर सडक़ मार्ग  शहडोल,राजेन्द्रग्राम एवं अनूपपुर बसस्टैंड में 11 बसों से 29 हजार 500 रुपए वसूले गयें हैं। शहडोल में 4 वाहनों से 11 हजार अनूपपुर में 7 वाहनों से 29 हजार 500 रुपए  की चलानी कार्यवाई की गई।

निरिक्षण के दौरान अनूपपुर में 7 वाहनों की जांच की गई जिनमें से 1 बस में परिचालक नियमित ड्रेस में नहीं होने पर एवं 6 वाहनों में कई कमियां पाई गई जिनमे आपातकालीन द्वार ठीक नहीं होने एवं वाहन में फस्टएड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र नहीं मिलने पर मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा के अनुसरण में उक्त वाहन का फिटनेस प्रमाण पत्र रद्द किया गया है। उक्त यानों के संबंध में प्रदान किया गया कोई परमिट भी उस समय तक निलंबित समझा जायेगा जब तक कि नवीन फिटनेस प्रमाण पत्र अभिप्राप्त नहीं कर लिया जाता है।

चैकिंग अभियान जारी रहेगा

क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी आशू सिंह ने बताया कि चैकिंग की कार्यवाही में विशेष रूप से बकाया टैक्स, ओव्हर लोडिंग, वाहन चालक एवं परिचालक से संबंधित दस्तावेजों का परीक्षण, परमिट, स्पीड गर्वनर, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र संबंधी दस्तावेजों का परीक्षण जांच दल द्वारा किया गया। इस दौरान कई वाहन चालकों के चालान बनाकर जुर्माना वसूला गया। साथ ही समस्त वाहन स्वामियों को हिदायत दी है कि अपने वाहनों के संचालन के दौरान वाहन से संबंधित समस्त दस्तावेज अनिवार्य रूप से साथ में रखे। साथ ही बकाया टैक्स, अवैध संचालन, ओव्हर लोडिंग से संबंधित चैकिंग निरंतर जारी रहेगी।

रविवार, 21 फ़रवरी 2021

आरपीएफ गुप्तचर शाखा के निरीक्षक पर दुष्कर्म का मामला पंजीबद्ध,फरार


अनूपपुर
रेल सुरक्षा बल गुप्तचर शाखा के निरीक्षक राणा प्रताप सिंह पर 26 वर्षीय युवती ने वर्ष 2011 से लगातार शारीरिक शोषण किए जाने व अवैध तरीके से गर्भपात कराकर जान से मारने की धमकी दिए जाने की शिकायत 13 फरवरी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से की थी। जिस पर जिला विधि प्राधिकरण के पत्र पर पुलिस अधीक्षक एमएल सोलंकी ने संज्ञान में लेते हुए कोतवाली अनूपपुर में आरोपी के खिलाफ मामला पंजीबद्ध करने के निर्देश दिए गए। जिस रविवार को कोतवाली निरीक्षक खेम सिंह पेद्रो ने मामला पंजीबद्ध करते हुए आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।

जानकारी के अनुसार युवती ने बताया कि रेलवे सुरक्षा बल गुप्तचर शाखा के निरीक्षक राणा प्रताप सिंह से उसकी पहचान रेलवे स्टेशन अनूपपुर में हुई थी। वर्ष 2011 में रेलवे स्टेशन अनूपपुर से शाम को ट्रेन का इंतजार करते हुए अकेली बैठी, तभी रेलवे सुरक्षा बल गुप्तचर शाखा के निरीक्षक राणा प्रताप सिंह सिविल ड्रेस में आया और मुझे अपने साथ प्लेटर्फाम के पश्चिम दिशा में रेलवे केबिन के एक कमरे में ले जाकर मेरे साथ दुष्कर्म किया और मेरा अश्लील वीडियो बनाकर किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दिया, जहां डर के कारण उक्त घटना के बारे में किसी को नही बताई। वर्ष 2018 में फिर से राणाप्रताप सिंह ने मुझे देखा और उसने मेरा बनाया हुआ अश्लील वीडियो दिखाकर जबरजस्ती दुष्कर्म किया। युवती ने जिला विधिक प्राधिकरण से लिखित शिकायत करते हुए कार्यवाही की मांग और विधिक सहायता दिलाए जाने की मांग की थी, जहां जिला विधिक प्राधिकरण अनूपपुर द्वारा पुलिस अधीक्षक को तत्काल कार्यवाही किए जाने के लिए पत्र लिखा था। जिस पर रेलवे सुरक्षा बल अनूपपुर के गुप्तचर शाखा निरीक्षक राणा प्रताप ङ्क्षसह पिता रामविलास ङ्क्षसह निवासी चंदौली उ.प्र. के खिलाफ धारा 323, 506, 376, 376 (2)(एन, 376 (2), 1, 312, 3, 1, डब्ल्यू (आई)  तथा 3,2,5 एससीएसटी एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध करते हुए आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।

भीषण गर्मी: प्राइमरी कक्षा तक की छुट्टी, 6वीं से 12वीं तक की कक्षाएं यथावत

अनूपपु्र। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले मे गर्मी का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। वही इस भीषण गर्मी से विद्यालय के ...