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सोमवार, 4 जनवरी 2021

दुर्ग-कानपुर-दुर्ग एवं दो जोंड़ी दुर्ग-नौतनवा- दुर्ग द्वि-साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन की सुविधा,10 जनवरी से


दुर्ग-कानपुर-दुर्ग एवं दो जोंड़ी दुर्ग-नौतनवा-
दुर्ग द्वि-साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन की सुविधा,10 जनवरी से 

अनूपपुर रेलवे प्रशासन द्वारा यात्रियों की बेहतर यात्रा सुविधा हेतु दुर्ग-कानपुर-दुर्ग के मध्य अतिरिक्त द्वि-साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन, दुर्ग-नौतनवा-दुर्ग के मध्य 03 फेरे के लिए साप्ताहिक एवं दुर्ग-नौतनवा-दुर्ग के मध्य द्वि-साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है।

गाड़ी संख्या 08203 दुर्ग-कानपुर प्रत्येक रविवार और मंगलवार को 10 जनवरी से तथा गाड़ी संख्या 08204 कानपुर-दुर्ग प्रत्येक सोमवार और बुधवार को 11 जनवरी से अगली सूचना तक चलेगी। यह गाड़ी दुर्ग से प्रत्येक रविवार और मंगलवार को 20.10 बजे रवाना होगी  उसलापुर 22.55 बजे पहुंच कर 23.05 बजे छूटेगीं दूसरे दिन अनूपपुर में 01.15 बजे पहुंच कर 01.20 बजे छूटेगीं 13.20 बजे कानपुर पहुंचेगी।   

वापसी में गाड़ी संख्या 08204 कानपुर से प्रत्येक सोमवार और बुधवार को 17.40 बजे रवाना होकर दूसरे दिन अनूपपुर प्रात: 06.30 बजे पहुंच 06.35 बजे छूटेगी,  उसलापुर 09.35 बजे 13.00 बजे दुर्ग पहुंचेगी। 

दुर्ग-नौतनवा-दुर्ग के लिए द्वि-साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन

दुर्ग-नौतनवा-दुर्ग के मध्य द्वि-साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन का परिचालन गाड़ी संख्या 08201 दुर्ग से प्रत्येक बुधवार और शुक्रवार को चलेगीं जो दुर्ग से 13 जनवरी से प्रारंभ्भ होगी। तथा गाड़ी संख्या 08202 नौतनवा-दुर्ग प्रत्येक शुक्रवार और रविवार को 15 जनवरी 2021 से अगली सूचना तक चलेगी। 

दुर्ग से नौतनवा के लिए बुधवार और शुक्रवार को दुर्ग से 20.10 बजे रवाना होगी जो अनूपपुर रात 01.15 बजे पहुंचेगी। शहडोल 02.05, बीरसिंगपुर 02.42 बजे, उमरिया 03.10 दूसरे दिन 22.00 बजे नौतनवा पहुंचेगी।    

इसी प्रकार गाड़ी संख्या 08202 नौतनवा से दुर्ग प्रत्येक शुक्रवार और रविवार को नौतनवा से 11.30 बजे रवाना होकर दूसरे दिन उमरिया 04.56 बजे,बीरसिंगपुर 05.20 बजे,शहडोल 06.05 बजे,अनूपपुर 06.50 बजे पहुंचेगी। पेंड्रारोड,उसलापुर,भाटापारा,रायपुर होते हुये 13 बजे दुर्ग पहुंचेगी। 7   

दुर्ग-नौतनवा-दुर्ग के मध्य 03 फेरे के लिए साप्ताहिक

दुर्ग-नौतनवा-दुर्ग के मध्य 03 फेरे के लिए साप्ताहिक स्पेशल ट्रेन का परिचालन किया जा रहा है। गाड़ी संख्या 08205 दुर्ग-नौतनवा प्रत्येक गुरुवार को 14 से 28 जनवरी  तक तथा गाड़ी संख्या 08206 नौतनवा-दुर्ग प्रत्येक शनिवार को 16 से 30 जनवरी तक चलेगी।

गाड़ी संख्या 08205 दुर्ग से नौतनवा के लिए प्रत्येक गुरुवार को दुर्ग से 20.10 बजे रवाना होकर अनूपपुर रात 01.15 बजे,शहडोल 02.05 बजे, उमरिया 03.10 बजे होते हुये दूसरे दिन 22 बजे नौतनवा पहुंचेगी।   

इसी प्रकार गाड़ी संख्या 08206 नौतनवा से दुर्ग के लिए शनिवार को नौतनवा से 08.50 बजे रवाना होकर दूसरे दिन उमरिया प्रात: 04.05 बजे,शहडोल 05.30 बजे,अमलाई 06.03 बजे,अनूपपुर 06.30 बजे होते हुये 13 बजे दुर्ग पहुंचेगी। यह गाडिय़ा में पूरी तरह आरक्षित होगी,केवल कंफर्म टिकट यात्रियों को ही यात्रा करने की अनुमति रहेगी साथ ही यात्रा के दौरान कोविड-19 के नियमों का आवश्यक रूप से पालन होगा।

रविवार, 3 जनवरी 2021

बिजली, सड़क विहीन ग्राम पचड़ीपानी लायंस क्लब ने लगाया सहतार्थ शिविर


पूरे गांव को पहनाया चप्पल,
जूते ठड़ से बचाव के लिए दिये कम्बल,कपड़े और दवाइयां   

अनूपपुर लायंस क्लब अनूपपुर ने अभाव ग्रस्त ग्राम पचड़ीपानी में रविवार को शिविर लगाकर ग्रमीणों की समस्याओं को जाना और जिला प्रशासन से बात कर निदान की बात कहीं। यातायात प्रभारी अमित विश्वकर्मा ने सभी ग्रामीणों को चप्पल पहनाया, डॉक्टर के परामर्श अनुसार जरूरत की दवाइयों का वितरण व्यवस्था दीपक मेडिकल स्टोर के संचालक दीपक सोनी, डॉ असीम मुखर्जी ने किया। 


लायंस के डिस्ट्रिक्ट के निर्देशानुसार प्रोजेक्ट प्रकाश के अंतर्गत विकास से कोसो दूर बैगा जाति बाहुल्य ग्राम पचड़ीपानी जहां पहुंचने के लिये सड़क नही हैं। बिजली नही गरीबी के अभाव में अपनी गुजर बसर कर रहें लोगों के बीच लायंस क्लब अनूपपुर की पूरी टीम ने ग्रामीणों के साथ मिलकर कैंलेंडर नववर्ष मनाया। अध्यक्षता लायंस क्लब अध्यक्ष अन्नपूर्णा शर्मा, विशिष्ट अतिथि सरपंच रामखेलावन सिंह, रीजन चैयरमेन लायन अशोक शर्मा, उपसरपंच लखन पटेल, वन समिति अध्यक्ष अनूप सिंह सचिव अजय पटेल शिक्षक हरिहर जी वनरक्षक हीरामणि पटेल पंच फूल सिंह,शशिधर अग्रवाल,राजेंन्द्र यादव उपस्थिति रहें। अशोक शर्मा ने कहा कि भारत देश की वास्तविक जिंदगी गांव में ही निवास करती है एवं बिजली, सड़कों को मुख्यमार्ग से जुडऩा ही आज मूलभूत समस्या है जो इस ग्राम में नही हैं।

दुर्गेन्द्र सिंह भदौरिया ने ग्रमीणो की समस्याओं को जिला प्रशासन को अवगत कराते हुए सम्बंधित विभाग प्रमुख से गंगी बाई, एवं सरहि बैगा का वृद्धावस्था पेंशन दिलवाने की बात कहीं। अन्य समस्याओं को लेकर सरपंच से मिलकर जिला प्रशासन से चर्चा कर निदान की कोशिश की जायेगी। 

इस दौरान यातायात प्रभारी अमित विश्वकर्मा ने सभी ग्रामीणों को चप्पल पहनाई,डॉक्टर के परामश अनुसार  दवाई दीपक मेडिकल स्टोर के संचालक एवं डॉ असीम मुखर्जी ने वितरण किया। कार्यक्रम में शारीरिक रूप से अक्षम 51 वर्षीय मंझलु सिंह को स्पोर्ट्स जूता चन्द्रकान्त पटेल एवं राकेश गौतम ने पहनाया। इस दौरान ग्रमीणों को मिठाई की व्यवस्था शिव कुमार गुप्ता एवं राजा बियानी ने की।

अंत मे पूरे गांव के साथ लायंस क्लब के सदस्यों ने समूहिक भोज किया। कार्यक्रम में सचिव लायन अमरदीप सिंह, कोषाध्यक्ष सरला भदौरिया,संतोष अग्रवाल, पीएस, राउत रॉय,मुकेश ठाकुर,उमेश गुप्ता,एमके दीक्षित,मोहित तोमर, निरुपमा पटेल,ऋतु सोनी,लक्ष्मी गुप्ता,सरोज बियानी, पुष्पा गौतम,रीता सिंह,रंजीता तोमर,साकेत पटेल, गीत पटेल,सूर्यान्श भदौरिया, राघव बियानी, अदिति  बियानी, प्रांजल सोनी, प्रेक्षा सोनी,अनुभव तोमर उपस्थित रहें।

बुधवार, 30 दिसंबर 2020

लायंस क्लब अनूपपुर ने चाइल्ड कैंसर जागरूकता शिविर में होने वाले लक्षणों की दी जानकारी


अनूपपुर
। लायंस क्लब अनूपपुर टाऊन द्वारा बच्चों में तेजी से फैल रहे चाइल्ड कैंसर के लिए जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन बुधवार को भारत ज्योति स्कूल एवं यूथ कंप्यूटर सेंटर में आयोजित किया गया।

इस दौरान बच्चों को होने वाले लक्षण के बारे में बताया गया। जिसमें पीलापन,रक्त रिसना,हड्डियों दर्द और वजन उठाने में परेशानी जैसे अन्य होने वाले लक्षण के बारे में हुए बताया गया कि इसकी जानकारी अपने अभिावकों को दे ताकि समय से चिकित्सक बता दवाई ले सकें।


जगरूकता कार्यक्रम को बढ़ावा देने के सम्बंध में सीनियर एवं जूनियर समूह में निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा जिसमें प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रमाण पत्र दिया जाएगा। छात्र निहाल गुप्ता ने चाइल्ड कैंसर के बारे में प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम में लायन चन्द्रकान्त पटेल, अशोक शर्मा रीजन चैयरमेन, संतोष अग्रवाल, शिवकुमार गुप्ता,  डॉ शिव गुप्ता ने चाइल्ड कैंसर के संबंध अपने विचार रखे।

अध्यक्ष लायन अन्नपूर्णा शर्मा ने स्कूल प्रशासन एवं यूथ कंप्यूटर के समस्त स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त किया। इस दौरान सचिव अमरदीप सिंह,पीएस रॉउतरॉय,दुर्गेन्द्र सिंह भदौरिया, दीपक सोनी,राकेश गौतम,पुष्पा गौतम उपस्थित रही।         


हलचल अनूपपुर की खबर का असर: कलेक्टर ने जल भराव पर सघन निगरानी के दिए निर्देश

श्रद्धालु घर बैठे भी कर सकेंगे माँ के दिव्य दर्शन, लाइव स्ट्रीमिंग की व्यवस्था

अनूपपुर नर्मदा उद्गम से पुष्कर बांध तक जलभराव की स्थिति में नियमित रूप से नजर रखी जाए ताकि आवश्यकतानुसार कार्यवाही की जा सके। क्षेत्र में साफ- सफाई बनाई रखी जाए। स्वच्छता के अभियान में स्थानीय निवासियों को शामिल किया जाय। आगंतुक पर्यटकों को भी क्षेत्र की रमणीयता सुनिश्चित करने हेतु जागरूक किया जाय। बुधवार को अमरकंटक में पुष्कर बांध में जल भराव की वस्तुस्थिति का निरिक्षण करते हुए कलेक्टर चंद्रमोहन ठाकुर ने कहीं।

ज्ञात हे कि 27 दिसंबर को हलचल अनूपपुर  ने पुष्कर बांध पर प्रशासन की अनदेखी पर लिखते हुए ध्यान आकृष्ट कराया था जिस पर कलेक्टर पुष्कर सरोवर का निरिक्षण के दौरान कहा कि गत मानसून अवधि में पुष्कर बांध में आयी क्षति को दुरुस्त करने के लिए त्वरित मरम्मत करना आवश्यक था। जिससे बांध के गेट खोल दिए गए एवं मरम्मत कार्य किया गया। मरम्मत कार्य नवम्बर माह में पूर्ण हुआ एवं उसके बाद से गेट बंद कर दिए गए। आगामी माहों में उक्त क्षेत्र में पानी का पुन:भराव होगा।


इस दौरान एसडीएम पुष्पराजगढ़ अभिषेक चौधरी ने बताया कि अमरकंटक माँ नर्मदा उद्गम मंदिर के सौंदर्यिकरण का कार्य भी युद्धस्तर पर किया जा रहा है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं को घर बैठे माँ नर्मदा के दर्शन उपलब्ध कराने हेतु सीसीटीवी कैमरे के स्थान पर लाइव स्ट्रीमिंग की व्यवस्था भी की जा रही है। उन्होंने बताया कीं माँ नर्मदा मंदिर परिसर में उच्च गुणवत्ता का इक्स्टीरीअर इमल्शन एवं अंदरूनी दीवारों पर आयल पेंट किया जा रहा है। इसके साथ ही मुख्य मंदिर में वॉटरप्रूफिंग का कार्य भी किया गया। कार्यों में सौंदर्यिकरण के साथ-साथ परिसर की मजबूती एवं निर्माण कार्य की सुरक्षा को दृष्टिगत रखते हुए कार्य किए जा रहे हैं। लकड़ी की दान पेटियों को स्टेनलेस स्टील की दान पेटी से परिवर्तित किया गया है। माँ नर्मदा उद्गम मंदिर एवं माई की बगिया में आगंतुक श्रद्धालुओं की सुविधा हेतु नए टिकट घर बनाए गए हैं।

माँ नर्मदा उद्गम ट्रस्ट से श्रद्धालुओं ने खरीदी 6.4 लाख की प्रसाद सामग्री

नवीन टिकट घर के माध्यम से श्रद्धालु सहजता से माँ नर्मदा मंदिर उद्गम ट्रस्ट के माध्यम से स्थानीय स्वसहायता समूहों द्वारा निर्मित सामग्रियों का क्रय कर सकते हैं। एसडीएम पुष्पराजगढ़ ने अवगत कराया कि विगत 3 माह में आगंतुक श्रद्धालुओं द्वारा 6.4 लाख कीमत की प्रसाद सामग्री का क्रय किया गया। इनमे 1000 बॉटल नर्मदा उद्गम जल, 1000 पैकेट नारियल लड्डू एवं 4000 पैकेट भोग प्रसाद शामिल है। नारियल लड्डूओं का निर्माण श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए नारियल का उपयोग करके स्थानीय स्वसहायता समूहों द्वारा किया जा रहा है। आगामी माह में माँ नर्मदा उद्गम मंदिर की आय में सकारात्मक वृद्धि का अनुमान है।

मां नर्मदा के सौंदर्यीकरण की बनी रूपरेखा,जल्दी निखरेगा स्वरूप


अनूपपुर
। गहरीकरण एवं सफाई के लिए परम पूज्य श्री कल्याण दासजी महाराज द्वारा 15 लाख रुपएं देने की घोषणा के बाद बुधवार को पुष्कर बांध में रामघाट के क्षतिग्रस्त घाटो की मरम्मत के लिए रेत और गिट्टी के साथ दो सौ बोरी सीमेंट भी देने की बात कहीं हैं। 

श्री कल्याण सेवा आश्रम के प्रबंध न्यासी हिमाद्री मुनि महाराज, स्वामी जगदीशानंद महाराज एवं पुष्पराजगढ़ एसडीएम अभिषेक चौधरी ने स्थल निरिक्षण कर नर्मदा नदी की सुंदर बनाने, साफ सफाई, गहरीकरण कर घाटों के निर्माण विषय में विस्तृत रूप से चर्चा की। जिसमे शासन व समाज के सहयोग लोगों से नदी को सुंदर और स्वस्थ बनाया रखने के विषय में गहन चर्चा की गई। साथ ही सौंदर्यीकरण कार्य शीघ्र कराने की सहमति बनी।

मंगलवार, 29 दिसंबर 2020

सोन नदी में पर्यावरण की अनुमति के विरुद्ध उत्खनन रोकने कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन


अनूपपुर
। रेत खदान में अवैध उत्खनन व परिवहन रोकने एवं सीतापुर सोननदी में पर्यावरण की अनुमति के विरूद्ध उत्खनन रोकने 29 दिसम्बर को मप्र कांग्रेस कमेटी महासचिव रमेश सिंह सहित अन्य कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।

जिसमें मानपुर और सीता पुर में रेत का उत्खनन लगातार होने की बात कहते हुए सीतापुर रेत खदान की स्वीकृति को वन मार्ग से परिवहन होने पर अवैधानिक बताया। जबकि मानपुर रेत खदान से पूर्ण रूप से अवैध रेत का उत्खनन और परिवहन होने की बात कही। सीतापुर में वन भूमि का उपयोग किया गया है, जिसमें शासकीय नियमों के अनुसार वन विभाग के भूमि के उपयोग के बदले कोई भुगतान नहीं किया गया है। वहीं मानपुर रेत खदान की पर्यावरण स्वीकृति नहीं होने के बावजूद वहां से भारी मात्रा में रेत का उत्खनन किया जा रहा है। इससे सरकार को भारी क्षति हो रही है।

 

उद्गम स्थली मां नर्मदा की सफाई के लिए बाबा कल्याण दासजी ने 15 लाख की दी आर्थिक मदद

अनूपपुर। मां नर्मदा की उद्गम स्थली अमरकंटक में मां नर्मदा नदी पर बना पुष्कर बांध की  दुर्दशा को देख परम नगर के लोगों ने मंगलवार को गहरीकरण एवं सफाई के को लेकर परम पूज्य श्री कल्याण दासजी महाराज से मिलकर अपनी बात रखी जिस पर बाबा कल्याण दासजी ने बांध का गहरीकरण एवं सफाई के लिए 15 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया साथ ही अतिशीघ्र सफाई का कार्य आरंभ करने का आदेश दिया।

नर्मदा भक्तों ने बताया कि पिछले कई वर्षों से बारिश में मिट्टी के अपरदन के कारण बांध में मलबा भर गया है जिसकी दुर्दशा देख बाबा कल्याण दासजी अत्यन्त व्यथित थे। चर्चा के दौरान उन्होंने नर्मदा नदी की सफाई के लिए 15 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने आश्वासन के साथ एवं शीघ्र सफाई का कार्य आरंभ करने का आदेश दिया।

बाबा कल्याण दासजी से मिलने रामगोपाल द्विवेदी(दादू महराज),कामता प्रसाद द्विवेदी, वन्दे महाराज,नपाध्यक्ष प्रभा पनारिया, बबीता सिंह, अमित राजपूत, सैकी द्विवेदी, मुकेश वर्मा, संजय श्रीवास, रंजीत सिंह पहुंचकर महाराज जी से पुष्कर बांध की गहरीकरण एवं सफाई के लिए सहयोग हेतु आग्रह किया।

बर्फानी बाबा की अस्थियां मां नर्मदा में समाहित


अनूपपुर
। परम तपस्वी संत ब्रह्मर्षि बर्फानी दादाजी महाराज का विगत 23 दिसम्बर को अहमदाबाद में देहावसान के बाद अंतिम संस्कार 25 दिसम्बर को बर्फानी धाम मेंहदीपुर बालाजी राजस्थान में किया गाय है। बाबाजी का मां नर्मदा जी अमरकंटक के प्रति बहुत हमेंशा लगाओ रहा है। जिसके चलते बाबा जी की अस्तियों को अमरकण्टक के मां नर्मदा के पावन जल में मंगलवार को अरण्डि संगम एवं कपिला संगम घाट में संत महात्मा के मंत्रोंच्चारण के बीच समाहित किया गया।

बर्फानी बाबा के शिष्य बालयोगी लक्ष्मण दास उनकी अस्ति कलश लेकर अमरकंटक आये और उनको मंगलवार की सुबह 10 बजे अरण्डी संगम नर्मदा तट पर विधि विधान पूर्वक पूजन व पिंडदान कर विसर्जन किया गया, दादा जी के अन्य शिष्य अपने-अपने स्थानों में उनके अस्थि ले जाकर विसर्जन किया गया है।

इस दौरान पवित्र नगरी अमरकंटक के संत महात्मा गण श्री महंत रामभूषण दासजी, महामण्लेश्वर हरिहरानंदजी, महाराज स्वामी धर्मानंदजी महाराज, सहित अन्य भक्त उपस्थित होकर बाबाजी के अस्थियों को मां नर्मदा में प्रवाहित कर बाबा जी से आर्शीवाद मांगा।

रविवार, 27 दिसंबर 2020

मां नर्मदा उद्गम में प्रशासन की अनदेखी:-


महोत्सव में करोड़ो खर्च करने वाले एक घाट के जीर्णोद्वार का बीड़ा उठाने असक्षम

अनूपपुर प्रदेश की जीवन दायनी माँ नर्मदा नदी का उद्गम स्थल अनूपपुर जिले की पहचान है, सदियों से तपस्या कर ऋषि-मुनियों ने तपोभूमि की दृष्टि व जनजातियों ने कलाकृतियों और प्रकृति ने सौंदर्यबोधता को जन्म दिया है, माँ नर्मदा की पावन धरा, कलाकृतियां और वहां की सुंदर शांत हवाओं ने देश ही नही अपितु विदेशी सैलानियों और धार्मिक आस्था से दर्शन लाभ के लिए आने वाले श्रृद्धालुओं का मन मोहा है, लेकिन प्रशासनिक बेसुधी के कारण पवित्र नगरी उपेक्षित नजर जा रही है, जीर्णोद्वार और पैसे के अभाव में रामघाट सहित अन्य स्थल अपने अस्तित्व से जूझ रहे है, महोत्सव में करोड़ो खर्च करने वाले अब एक घाट का भी बीड़ा नही उठा पा रहे है।


जिम्मेदार और प्रशासनिक लोगों ने कभी नि:स्वार्थ भाव से  माता की धरा का सेवा ही नहीकर सकें। कभी राजनैतिक स्वार्थ ने तो कभी इनके कठपुतलियों ने यहां की रम्यता को तोडऩे के लिए हाथ आगे बढ़ाते रहे। फरवरी 2020 में पहली बार विशाल रूप से अमरकंटक में नर्मदा महोत्सव का आयोजन किया गया, जहां करोड़ो रूपए खर्च कर तीन दिन के लिए धरती को रंगीन बना दिया था।


सूखे नाले को देखकर लौट रहें श्रद्धालु- पुजारी

नर्मदा नदी के पुजारी नीलू महराज का कहना हैं कि महाशिवरात्रि मेला नजदीक और अमरकंटक की हृदय स्थली पुष्कर सरोवर की दुर्दशा जहां प्रशासन का स्वच्छता पर ध्यान नही,नर्मदा महोत्सव का आयोजन का कुछ अंश

यहां के दार्शनिक स्थलों में खर्च किये जाते और समय रहते डैम व अन्य अव्यस्थाओं की तरफ ध्यान दिया जाता तो आज रामघाट जैसे पवित्र स्थल अपने अस्तित्व से न जूझ रहा होता।

नीलू महराज बताते हैं कि मां नर्मदा की पावन धरा इन दिनों अपने अस्तित्व के लिए जूझ रही है, महीनों पूर्व टूट चुके बांध के कारण मां नर्मदा के उद्गम स्थल में मौजूद पानी समाप्त हो चुका है, रामघाट में पहुंचने वाले श्रद्धालु महज सूखे नाले को देखकर लौट जा रहे हैं,एक समय लाखों लीटर पानी से मां नर्मदा के उद्गम स्थल लबालब दिखाई देता था वही आज पूरी तरह सूखा और चारागाह के रूप में दिखाई देने लगा है, कारण जो भी हो लेकिन यह दृश्य प्रशासनिक नाकामी को साबित करता है।

कायाकल्प के इंतजार में रामघाट

महोत्सव के समय जिस स्थल अर्थात रामघाट में संध्या के समय भव्य आरती का आयोजन किया जाता रहा है, वर्तमान में उस स्थल को श्रृद्धालू और निवासी देख कर हैरान है, कायाकल्प और पानी के अभाव में पूरे घाट में कचरे के सिवा कुछ नजर नही आ रहा है, कुछ माह पूर्व कचरा साफ करने पहुंचे दर्जनो प्रशासनिक अधिकारी मंत्री और जनप्रतिनिधि अब मुंह मोड़ लिया है, हालांकि बांध टूटने के बाद फिर से बना दिया गया है, धीरे-धीरे पानी का भराव हो रहा है,पर बिना जीर्णोद्वार के श्रृद्वालू महज पानी ही देख पायेंगे।

व्यवस्था छोड़ नपा में फेर बदल 

नगरीय और जिला प्रशासन विकास की तेजी दिखाते हुए तीन महीनें में तीन सीएमओ और इंजीनियर बदले डाले, उनके डिजिटल हस्ताक्षर तैयार होते ही उन्हे बदलने की योजना बन जाती है, बजट के अभाव में न तो कायाकल्प हो पा रहा है और न ही विधिवत परिषद का संचालन, परिषद के अध्यक्ष प्रभा पनारिया और उपाध्यक्ष रामगोपाल द्विवेदी द्वारा कई बार शासन-प्रशासन के पास समस्या को लेकर पत्र दिया और अवगत भी कराया, लेकिन किसी ने भी अभी तक नगर की समस्या पर ध्यान नही दिया।

कैसे होगी नर्मदा जयंती -नपध्यक्ष

नगर परिषद अध्यक्ष प्रभा पनारिया ने बताया कि मां नर्मदा की पावन धरा पर देश ही नहीं अपितु विदेशों से भी पर्यटक पहुंचते हैं, कुंड और नालों पर बहती स्वच्छ पानी में श्रद्धालु डुबकी लगाकर स्नान करते हैं वहां आज आचमन करने के लिए भी पानी नहीं बचा हुआ है, जिसको लेकर शासन प्रशासन से पत्राचार कर व्यवस्था के लिए लगातार मांग की। उन्होंने ने बताया कि परिषद के पास वेतन देने के लिए भी पैसे नही है, कोरोनाकाल से सब कार्य बंद है, जिसके बाद भी आज तक प्रशासन द्वारा किसी भी प्रकार से सुध नहीं ली गई है, अगले माह नर्मदा महोत्सव का आयोजन होना है, लेकिन मां नर्मदा की पावन धरा उपेक्षित नजर आ रही है। अगर समय रहते व्यवस्था ठीक नही किया गया तो शासन-प्रशासन सहित प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री को बुलवाकर यहां ही अनशन पर बैठ जाऊंगी।

आंदोलन के लिए होंगे विवश- उपाध्यक्ष

नगर परिषद अमरकंटक के उपाध्यक्ष राम गोपाल द्विवेदी के साथ वार्ड पार्षदों ने शासन प्रशासन को चुनौती देते हुए जल्द से जल्द मां नर्मदा को व्यवस्थित करने की मांग की है, श्री द्विवेदी ने कहा कि अगर समय रहते मां नर्मदा के पावन धरा को ध्यान नहीं दिया गया तो वह आंदोलन के लिए विवश होंगे। हमारे द्वारा कलेक्टर से लेकर मुख्यमंत्री तक इस अव्यवस्था को लेकर पत्र दिया है, उसके बाद भी किसी भी प्रकार से ध्यान नहीं दिया गया। परिषद में लगातार सीएमओ और इंजीनियर बदले जा रहे है, जिसके कारण अन्य कार्य भी प्रभावित हो रहे है, आगामी समय में महोत्सव का आयोजना होना है, अगर पवित्र नगरी की ऐसी स्थिति रही तो अमरकंटक का अस्तित्व समाप्त हो जायेगा।

शनिवार, 26 दिसंबर 2020

कांग्रेस विधायक का क्रेशर सील, कलेक्टर के आदेश पर खनिज,पर्यावरण विभाग की संयुक्त कार्यवाही

 


पर्यावरण नियमों के पालन एवं खनिज मानकों को पूरा न करने का बना कारण

अनूपपुर गत दिनों मंच पर कोतमा विधायक द्वारा कलेक्टर साहब आप तो अपनी कलेक्ट्ररी कीजिए हम देख लेंगे की धमकी शनिवार को भारी पड़ गई, प्रशासनिक अधिकारियों की टीम ने नियमों के विपरीत संचालित विधायक के क्रेशर को सील कर दिया। संयुक्त टीम में पर्यावरण विभाग की ओर प्रदूषण बोर्ड शहडोल और दूसरी कार्रवाई खनिज विभाग की ओर से की गई थी। इन दो विभागों की ओर से की गई कार्रवाई में खनिज विभाग ने क्रेशर की अनुज्ञप्ति निरस्त कर दी।

जिले के कोतमा विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस पार्टी विधायक सुनील सराफ का कोतमा नगर में स्थित क्रेशर को जिला प्रशासन की गठित टीम द्वारा शनिवार को सीज कर दिया गया। यह कार्रवाई प्रदूषण नियंत्रण विभाग एवं खनिज विभाग के मानकों के विरुद्ध क्रेशर संचालित होने पर हुई। विधायक का यह क्रेशर कोतमा नगर पालिका क्षेत्र में हैं, क्रेशर के 100 मीटर जद में सरकारी अस्पताल, छात्रावास और बसाहट है। नगर पालिका कोतमा की परिषद ने विधायक के क्रेशर से ध्वनि और वायु प्रदूषण उत्पन्न होने से क्षेत्र के नागरिकों को होने वाली समस्या एवं पर्यावरण प्रदूषण को लेकर जिला कलेक्टर के यहां शिकायत की गई थी। शनिवार को हुई कार्रवाई के दौरान विधायक सुनील सराफ भोपाल में हैं।


कलेक्टर द्वारा गठित कार्रवाई टीम में अनूपपुर एसडीएम कमलेश पुरी, तहसीलदार अनूपपुर भागीरथी लहरे, खनिज निरीक्षक राहुल सांडिलय व निशा वर्मा एवं कोतमा थाना प्रभारी आरके वैश्य व पुलिस बल मौजूद रहा। जानकारी अनुसार नगर पालिका कोतमा के वार्ड क्रमांक 4 काली मंदिर निगवानी रोड पर क्रेशर संचालित है जिसके 100 मीटर के आसपास सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, 3 छात्रावास, स्कूल और बस्ती स्थित है। कार्यवाई करीब 2 घंटे तक चली इस दौरान क्रेशर में केवल कर्मचारी ही मौजूद थे। इस दौरान पंचनामा कार्रवाई कर प्रशासनिक टीम ने क्रेशर को सीज करने की कार्रवाई की।

कार्रवाई को लेकर अनेक मत

विधायक कोतमा के क्रेशर पर हुई कार्रवाई को प्रशासन पर्यावरण नियमों की अवहेलना को लेकर किया जाना बता रहा है तो वहीं कांग्रेस विधायक के क्रेशर पर कार्रवाई को लेकर कहा जा रहा है कि 20 दिसंबर को कोतमा नगर पालिका में विकास कार्यों के लोकार्पण अवसर के दौरान मंच पर विधायक सुनील सराफ ने कैबिनेट मंत्री बिसाहूलाल सिंह के मौजूदगी में कार्यक्रम के दौरान भाषण ना दिए जाने से नाराज होकर मंच पर ही भारतीय जनता पार्टी और कलेक्टर अनूपपुर पर अपना गुस्सा जाहिर किया था इस कार्रवाई को इसी कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है।

एसडीएम अनूपपुर कमलेश पुरी ने बताया कि प्रदूषण नियंत्रण विभाग शहडोल के द्वारा यहां संचालित क्रेशर में प्रदूषण के मानकों को पूरा ना करने की जानकारी नगर पालिका कोतमा के शिकायत पत्र के आधार पर जिला प्रशासन को दी गई थी जिस पर कलेक्टर द्वारा यह टीम गठित की गई और क्रेशर को सीज किया गया।

 नगर पालिका कोतमा अध्यक्ष महेंद्र मोहिनी वर्मा का कहना हैं कि नगर पालिका क्षेत्र में संचालित यह क्रशर प्रदूषण का पर्याय बन चुका था। 22 जून को नगर परिषद में समस्त पार्षदों की उपस्थिति में संकल्प पारित किया गया था। 30 जून को कलेक्टर के यहां शिकायत की गई थी। क्षेत्र के निवासी आवाज व स्टोन डस्ट से प्रभावित हो रहे थे।

प्रजातंत्र में मेरी आवाज दबाने का प्रयास- सुनील सराफ

कोतमा विधायक सुनील सराफ  ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि क्रेशर का संचालन 15 वर्षो से किया जा रहा था। अचानक से आज खनिज विभाग को याद कि मेरा क्रेशर उनके मापदंडों का पालन नहीं करता है। अचानक कल रात को मेरे क्रेशर की खदान का लीज समाप्त कर दिया गया और शनिवार को क्रेशर को सीज कर दिया गया। प्रजातंत्र में विपक्ष या मेरी आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है क्योंकि मैंने खुले मंच में इनका विरोध किया था। जिसके फलस्वरूप कलेक्टर द्वारा मेरे क्रेशर पर राजनीति से प्रेरित कार्यवाही है।

गुरुवार, 24 दिसंबर 2020

माटी सत्याग्रह के आधार पर पेसा और वन अधिकार अधिनियम को लागू कराने गोंगपा ने सौंपा ज्ञापन


अनूपपुर
माटी सत्याग्रह के आधार पर पेसा अधिनियम और वन अधिकार अधिनियम को पूरी तरह से लागू कराने जैतहरी में गोंडवाना गणतंत्र पार्टी ने गुरुवार को जिलाध्यक्ष ललन सिंह परस्ते के नेतृत्व में मुख्यमंत्री के नाम 11 सूत्रिय मांगों का ज्ञापन अनुविभागिय अधिकारी राजस्व को सौंपा।

गोंगपा ने 11 सूत्रिय ज्ञापन में कहा हैं कि अनुसूचित क्षेत्रों में प्रत्येक विकासखण्ड स्तर में पेसा अधिनियम की तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन कराया जाने, प्रत्येक ग्राम पंचायत के ग्रामों के चांदा-मुन्नारा को सुव्यवस्थित सीमांकन कराया जाना जिसमें ग्राम सभा का अनुमोदन हो,ताकि ग्रामों के पास उपलब्ध भूमि का सदुपयोग हो सके। पेसा अधिनियम के अनुसार अनुसूचित क्षेत्रों में ग्रामों की समस्त प्रकार के शासकीय-अशासकीय कार्य एवं गतिविधि करने से पूर्व ग्राम सभा का अनुमोदन लेकर सार्वजनिक जगह पर चस्पा कराया जाए। आमजन की आपत्ति दर्ज कराने 1 माह का समय देने,जनजातियों की धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुये ग्रामों के विकास हेतु कार्य कराये जाएं। अनुसूचित क्षेत्रों में खनिज सम्पदा संसाधनों का खनन, व्यापार, उपयोग यहां तक माटी का भी प्रयोग अनुसूचित क्षेत्रों जनजातियों द्वारा होना चाहिये। केन्द्रीय कानून पंचायत उपबन्धअधिनियम 1996 का पालन हो,वनाधिकार अधिनियम के तहत सर्वे कराकर वन भूमि पर काबिज कास्तकारों को वनाधिकार पत्रक दिया जाये,मोजर वेयर निजी कम्पनी के लिये ग्राम अमगवां की अतिरिक्त निजी भूमियों का जो अधिग्रहण किया गया है, उसे निरस्त कर मूल भू-स्वामियों को वापस किया जाये। म.प्र.भू.रा.सं. 1959 की धारा 170 (ख) के तहत अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) को यह अधिकार है कि आदिवासी के खेत पर गैर आदिवासी को अतिक्रतणकारी मानते हुये बेदखल कर खेत का कब्जा असली भू-मालिक यानी आदिवासी को दिलावें। स्वरूप पिता भोंगलू गोंड़ निवासी कल्याणपुर के खेत का पट्टा गैर आदिवासी अमरदीन पिता भूरा जाति राठौर के द्वारा छल-कपट कूट-रचना करके पट्टा बनवा लिया गया है, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जैतहरी के कार्यालय में विचाराधीन है। इसे निरस्त कर मूल भू-स्वामी स्वरूप सिंह को वापस किया जाये। ग्राम पंचायत लपटा के अन्तर्गत ग्राम सभा जरेली और वनविभाग, खनिज विभाग के बीच विवाद की स्थिति निर्मित है, ग्राम सभा जरेली में प्रशासनिक अधिकारीगण विवाद के स्थिति का निराकरण कराने एवं जिले में अवैध शराब बिक्री एवं सट्टा कारोबार बन्द कराया जाये।

हिन्दुस्थान समाचार/ राजेश शुक्ला

बुधवार, 23 दिसंबर 2020

रक्तदान सबसे पवित्र कार्य,ढिंढोरा पिटवाऊं तो दान शब्द का महत्व ही नहीं


रक्तदान करते युवक ने फोटो लेने से किया मना

अनूपपुर रक्तदान सबसे पवित्र कार्य है। यदि इसका मैं ढिंढोरा पिटवाऊं तो दान शब्द का महत्व ही नहीं रह जाएगा। बुधवार को जिला चिकित्सालय में कोतमा विधानसभा अन्तर्गत ग्राम कोठी के एक मरीज के लिये बी पॉजिटिव रक्त की जरुरत थी। जो जिला चिकित्सालय में नहीं था। पुरानी बस्ती अनूपपुर निवासी कमलेश तिवारी ( पिन्टू) से सम्पर्क पर एक युवक रक्त देने को राजी हुआ वह पहली बार रक्तदान कर रहा था। रक्त परीक्षण के बाद जैसे ही उसके रक्तदान की प्रक्रिया शुरु हुई तो मौके पर उपस्थित कुछ पत्रकारों ने उनकी तस्वीर खींचने की कोशिश की तो उसने विनम्रता से फोटो लेने से मना कर दिया। पत्रकारों ने उन्हे समझाया कि रक्तदान बड़ा कार्य है, आप पहली बार रक्तदान कर रहे हैं,समाचार प्रकाशन से अन्य लोगों को प्रेरणा मिलेगी। लेकिन इसके बावजूद रक्तदाता ने पुन: यह कहते हुए फोटो खिंचवाने से मना कर दिया कि रक्तदान सबसे पवित्र कार्य है। यदि इसका मैं ढिंढोरा पिटवाऊं तो दान शब्द का महत्व ही नहीं रह जाएगा।

फोटो, सेल्फी, सोशल मीडिया के इस प्रचार - प्रसार वाले दौर में जब लोग नाखून कटवा कर शहीद बन जाते हैं तो महज 22 साल के एक युवक की ऐसी भावना देख कर हम सभी हतप्रभ थे। यह बडप्पन,उनके माता - पिता द्वारा दिये गये संस्कार,समझ से सभी अभिभूत थे। सबने उनका हृदय से अभिनन्दन किया। नि:स्वार्थ मदद का भाव सर्वश्रेष्ठ होता है। इतनी कम उम्र में यदि उन्हे इसका अहसास है तो निश्चित रुप से यह उनके माता- पिता, गुरु द्वारा दी गयी शिक्षा-संस्कार का प्रभाव ही है।

बिलासपुर-इंदौर सहित अन्य टे्रन का जैतहरी रेलवे स्टेशन में ठहराव न होने से नगरवासियों में आक्रोश

अनूपपुर
22 मार्च से विश्व व्यापी कोविड 19 संक्रमण महामारी के बढ़ते खतरे को देखते हुए पूरे देश में यात्री ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया था, जिसे अक्टूबर माह से अम्बिकापुर-दुर्ग बाया अनूपपुर स्पेशल सहित अमरकंटक एक्सप्रेस स्पेशल, सारनाथ एक्सप्रेस लम्बी दूरी तय करने वाले ट्रेनों का पुन: परिचालन प्रारम्भ हो गया। यह ट्रेनें देर रात्रि जैतहरी, अनूपपुर होकर गुजरती है। लेकिन किसी भी ट्रेन का ठहराव जैतहरी रेलवे स्टेशन पर नहीं किया गया है। जबकि अम्बिकापुर- दुर्ग ट्रेन का पूर्व में ठहराव होता था। लेकिन कोविड-19 के कारण बन्द कर दिया गया। जिसके कारण जैतहरी नगर सहित आसपास के दो दर्जन से अधिक गांवों में बसने वाले ग्रामीणों को रेल परिचालन का लाभ नहीं मिल रहा है। ट्रेनों के स्टॉप जैतहरी रेलवे स्टेशन पर नहीं होने के कारण यात्रियों को अनूपपुर मुख्य रेलवे स्टेशन आना-जाना पड़ रहा है। जबकि जैतहरी में हिंदुस्तान पॉवर प्लांट आने के बाद से नगर में विकास तीव्र गति से बढ़ी, यात्रियों की तादाद बढ़ी। लेकिन ट्रेनों का ठहराव नहीं होने से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीण अंचलों के लोगो को अनूपपुर पेंड्रारोड सहित अन्य स्थानों के लिए आवाजाही के लिए वैकल्पिक व्यवस्था बनानी पड़ रही है। वहीं आगामी 26 दिसंबर से बिलासपुर-इंदौर नर्मदा एक्सप्रेस 08234-08233 से संचालन किया जा रहा, लेकिन इस ट्रेन का भी ठहराव जैतहरी रेलवे स्टेशन पर नहीं किया गया है। जिसके कारण नगरवासियों में आक्रोश बना हुआ है। 

बेटियां अभिभावकों बिना हेलमेट बाइक लेकर बाहर न जाने दें-यातायात प्रभारी अमित विश्वकर्मा


 कन्या हासें स्कूल में छात्राओं को सड़क हादसों से बचने के उपायों व यातायात नियमों की दी जानकारी

अनूपपुर सड़क पर बिना सुरक्षा उपकरणों के तेज वाहनों से होने वाली दुर्घटनाओं को देखते हुए जिला यातायात विभाग द्वारा जागरूकता अभियान चलाया गया। जिसमें बुधवार को शासकीय कन्या हायर सेंकेडरी स्कूल में छात्राओं को सड़क हादसों से बचने के उपायों की जानकारी दी गई।

 यातायात प्रभारी अमित विश्वकर्मा ने यातायात नियमों से अवगत करातें हुए छात्राओं से अपील की बेटियां किसी भी माता-पिता की सबसे प्यारी सदस्य होती है। बेटियों की बातों को अभिभावक नहीं टालते। इसलिए बेटियों का भी फर्ज बनता है कि वे अपने अभिभावकों को बिना हेलमेट बाइक लेकर बाहर नहीं जाने दें। उन्हें निर्धारित गति और सुरक्षा उपायों के साथ बाइक चलाए। खुद सुरक्षित रहें और दूसरे को भी सुरक्षित रहने प्रेरित करने की बात कही। छात्राओं ने संकल्प लेते हुए इसका पालन की बात दोहराई।

दुकानदारों को दी हिदायत

बुधवार को साप्ताहिक बाजार होने और दुकानदारों द्वारा सड़कों पर लगाई जा रही दुकानों से बनने वाली जाम पर यातायात अमला ने मोर्चा सम्भालते हुए दुकानों को हटाया। साथ व्यापारियों को सड़क किनारे ही दुकान लगाने की हिदायत दी।

परीक्षा परिणाम पर बर्खास्त करने की नीति को समाप्त करने की मांग अध्यापक संगठन ने सौंपा ज्ञापन


अनूपपुर
लोक शिक्षण संचालनालय के आदेश में 40 फीसदी से कम परीक्षा परिणाम आने पर परीक्षा लेकर सेवा से बर्खास्त करने की नीति को समाप्त करने की मांग लेकर शासकीय अध्यापक संगठन अनूपपुर ने बुधवार को मुख्यमंत्री के नाम डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। जिसमें बताया कि पूर्ववर्ती सरकार द्वारा प्रारम्भ की गई 30 फीसदी से कम परीक्षा परिणाम आने पर परीक्षा लेकर शिक्षको को बर्खास्त करने की नीति के भांति इस वर्ष भी लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा कक्षा 10वीं और 12वीं की कक्षाओं में 30 से 40 फीसदी से कम परीक्षा परिणाम आने पर सम्बंधित विषय शिक्षक और कैचमेंट शालाओं के शिक्षकों की परीक्षा 2728 दिसम्बर को ली जा रही है। जिसमें अनुर्तीण होने वाले शिक्षकों पर कार्रवाई के रूप में सीधे सेवा से बर्खास्त किया जाना उचित नहीं है। 2018 कार्यकाल तक 30 फीसदी से कम परीक्षा परिणाम आने पर सम्बंधित विषय के शिक्षकों की वार्षिक वेतन वृद्धि रोकने का दंड दिया जाता रहा है। इसमें मात्र शिक्षक को दोषी ठहराना उचित नहीं है। परिणम सुधार के लिए शिक्षकों को प्रशिक्षण देना, दक्षता बढ़ाने परीक्षा लेना बुरी बात नहीं है। लेकिन बर्खास्त किए जाने की नीति को समाप्त किया जाना चाहिए।  

दोहरे हत्याकांड का का खुलासा: एक प्रेमिका दो प्रेमी बना हत्या का कारण

नबालिक सहित दो गिरफ्तार, भेजे गये न्यायिक अभिरक्षा  अनूपपुर। एक प्रेमिका दो प्रेमी के विवाद में एक प्रेमी युवक ने अपने नाबालिग साथी के साथ म...