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शनिवार, 12 मई 2018

राजस्व मामलों के निराकरण मे अनूपपुर देश में दूसरे स्थान पर कमियाँ दूर कर बने अव्वल-कलेक्टर

अनूपपुर। जनता को प्रदान की जा रही सेवाओं को और सहूलियत से प्रदाय करने के लिए शासन नई तकनीकि एवं व्यवस्था के विकास के लिए सदैव तत्पर रहता है। नागरिकों को बहुतसी सुविधाए घर बैठे प्राप्त होर ही है, इसके साथ ही नागरिकों के फीडबैक एवं समस्याओं के निराकरण के लिए भी नवीन व्यवस्थाए की गयी है। सीएम हेल्प लाइन, जनसुनवाई, लोक सेवा गारंटी, समाधान एक दिन, एम पी ऑनलाइन किओस्क आदि के माध्यम से सरकार जनता के बेहद करीब पहुँच चुकी है। इसी क्रम में सुविधाओं के विकास में वृद्घि के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की संकल्पना भी की गयी है। सेवाओं के प्रदाय के संबंध में उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों एवं जिलो को चिन्हित कर पुरुष्कृत भी किया जा रहा है।
इसी क्रम में राजस्व मामलो के निराकरण में विभिन्न जिलो के प्रदर्शन को दर्शाने वाली रैंकिंग राजस्व विभाग द्वारा जारी की गयी है। इस सूची में राजस्व मामलों के निराकरण में उत्कृष्ट कार्य के फलस्वरूप अनूपपुर ५७६.५२ के स्कोर के साथ दूसरे स्थान पर है। दमोह ५९२.०१ अंक के साथ प्रथम स्थान पर है। यह रैंकिंग आर सी एम एस, लोक सेवा गारंटी, सीएम हेल्प लाइन, राजस्व वसूली, विधानसभा प्रश्न, सीएमटीएस एवं भूअभिलेख  में जिलों के प्रदर्शन के आधार पर तैयार की गयी है।
कलेक्टर के मार्गदर्शन एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मेहनत, लगन एवं समर्पण से जिले को राजस्व मामलों के निराकरण मे यह उपलब्धि प्राप्त हुई है। इससे पहले भी इंडिया टूडेे समूह की स्टेट ऑफस्टेट कॉनक्लेव मे नागरिकों को सेवा प्रदाय मे उत्कृष्ट सुधार के लिए सम्मानित किया जा चुका है। कलेक्टर ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि अपनी कमियों को दूर कर प्रथम स्थान पर काबिज होने के लिए प्रयासरत रहे एवं कार्य में ऐसी ही उत्कृष्टता बनाए रखे।



स्वरोजगार सम्मेलन मे ११८ हितग्राहियों का हुआ पंजीयन

अनूपपुर। जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र के द्वारा जनपद पंचायत कोतमा में एक दिवसीय स्वरोजगार शिविर का आयोजन किया गया।  शिविर मे जिला व्यापार उद्योग केंद्र, अन्तव्यवसायी विभाग,औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कोतमा, पिछडा वर्ग अल्पसंख्यकएनआरएलएम के अधिकारियों के द्वारा शिक्षित बेरोजगारों को स्वयं का उद्यम स्थापित करने हेतु हितग्राहियों को मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना, मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना, आर्थिक कल्याण विकास, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, सावित्री बाई फुले स्वसहायता समूह योजना, आचार्य विद्यासागर गोसंवर्धन योजना आदि के बारे में जानकारी दी गई। एक दिवसीय शिविर में जिव्याउ के ४१, अत्याव्यवसायी के १२, पिछडा एवं अल्प संख्यक विभाग के २०, औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान कोतमा के ४५, हितग्राहियों के पंजीयन किये गयें। 

जमुना-कोतमा क्षेत्र के गोविंदा टाउनशिप में गहराया जलसंकट, पानी की नहीं वैकल्पिक व्यवस्था

भालूमाडा। जमुना-कोतमा क्षेत्र के गोविंदा टाउनशिप में पिछले माह से जलसंकट गहराया हुआ है। जल आपूर्ति बाधित है। पिछले माह से मात्र 4 घंटे ही पानी फिल्टर प्लांट से दिया जा रहा था। अब तो यह स्थिति हो गई कि पिछले तीन-चार दिनों से सिर्फ डेढ़ घंटे ही जलापूर्ति कराई जा रही है। जिसके कारण कंपनी आवास परिसर में लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। बताया जाता है कि जमुना-कोतमा क्षेत्र को आवश्यक जल केवई नदी से प्राप्त होता आ रहा है। जहां केवई नदी में एक जल संधारण के लिए छोटा डैम का निर्माण कोतमा नपा क्षेत्र को पर्याप्त पानी सुविधा प्रदाय के उद्देश्य से वर्तमान में निर्माणाधीन है। जिसमें डैम की जैसे-जैसे ऊंचाई बढ़ती गई, केवई नदी का पानी बहाव थमता गया। जहां डैम बनाया जा रहा है वहां से लगभग 500 मीटर कि दूरी पर आगे कि ओर एसईसीएल ने अपना मोटर पंप जमुना और गोविंदा में जल-आपूर्ति के लिए लगाया हुआ है। अब परिस्थितियां ऐसी बन गई है कि गर्मी के दिनों डैम सेपानी रोके जाने से नाम मात्र का भी पानी नदी से बहकर नहीं आ रहा है। जबकि इससे पूर्व स्थानीय श्रमिक संगठनों ने क्षेत्र के प्रबंधन से लिखित और मौखिक रूप में जल संकट से निपटने की तैयारी के लिए ध्यानाकर्षण कराया था। बावजूद कॉलरी प्रशासन द्वारा अनसुना कर दिया गया। लोगों का कहना है कि पसान नपा के द्वारा समस्त जमुना और भालूमाड़ा में जल आपूर्ति कि समुचित व्यवस्था है, लेकिन गोविंदा कॉलोनी में कोतमा नगर पालिका द्वारा ऐसा कोई प्रबंध नहीं किया गया है। जबकि डैम निर्माण के पूर्व ही ऐसी व्यवस्था का प्रबंध नगरपालिका द्वारा कर देना चाहिए था।  

नशा से मुक्ति दिलाने पांच दिवसीय नशामुक्ति सद्भावना जनजागरण परिवर्तन यात्रा

भमाकसं केन्द्रीय महासचिव ने कहां 20 लाख लोगों को नशामुक्त से दूर रखने कही बात


अनूपपुर'हर पिता नशे के आदी होने के बावजूद अपने बच्चों को नशा से दूर रखने का प्रयास करता, लेकिन खुद इस नशा से अपने को मुक्त नहीं कर पाता। क्योंकि उसमें इच्छाशक्ति की कमी है। उसमें खुद की जानकारी का अभाव तथा जागरूकता की कमी है। यह कमी सबसे ज्यादा कम पढ़े लिखे लोगों खासकर आदिवासी परिवारों में बनी है, जहां नशे के हालत में ऐसे लोग सड़क हादसे का शिकार, घर में कलह का कारण तथा सभ्य समाज में बुराईयों की पहचान बनते हैं। इसे सिर्फ और सिर्फ हृदय परिवर्तन तथा संकल्प से ही दूर किया जा सकता है। यह बात भगवती मानव कल्याण संगठन के केन्द्रीय महासचिव अजय अवस्थी ने शनिवार को स्थानीय प्रेसवार्ता के दौरान कही। उन्होंने बताया जबतक मानव अपने हृदय का परिवर्तन नहीं करेगा तबतक नशामुक्त भारत का संकल्प अधूरा रहेगा। इसके लिए ही भगवती मानव कल्याण संगठन गांव-गांव घूम लोगों के बीच उन्हें नशा से दूर रखने जनजागरूकता पैदा करने का कार्य करती है। जिसमें ग्रामीणों के बीच नशा से होने वाले नुकसान को बताते हुए उन्हें नशा से दूर रखने का प्रयास किया जाता है। अभी तक संगठन द्वारा देश के 165 जिलों में यह अभियान चलाया जा रहा है। मप्र. में भी 30-32 जिलों में यह अभियान चल रहा है। इसी क्रम में जनजागरूकता को फैलाने शहडोल सम्भाग के अनूपपुर, डिंडौरी तथा शहडोल में पांच दिवसीय जनजागरूकता परिवर्तन यात्रा का आयोजन किया जाएगा। जिसमें 16 मई से ब्यौहारी से यात्रा आरम्भ होकर 17 मई की शाम को अमरकंटक पहुंचेगी तथा 18 मई की शाम अनूपपुर में विश्राम करेगी। अजय अवस्थी के अनुसार इस अभियान में 20 लाख लोगों को नशा से मुक्त कराया गया है की बात भी कही।

नर्सेज मिस फ्लोरेंस की याद में आज मनाया जायेगा वल्र्ड नर्सेज डे

अनूपपुर। 'कहते हैं मां ही दुनिया की पहली नर्स है। ये विचार विश्व की पहली नर्स मिस फ्लोरेंस नाइट एंगल के हैं। विश्व में हर साल 12 मई को इनके जन्म दिवस को वल्र्ड नर्सेज डे के रूप में मनाया जाता है। इन्होंने ही संसार में मरीजों की देखभाल के आधुनिक तरीकों की खोज की थी। 12 मई को विश्व के करोड़ों नर्सेज मिस फ्लोरेंस को याद करते हुए उस शपथ को दोहराते हैं, जो मिस फ्लोरेंस ने 13 अगस्त 1910 को कीनिया में हो रहे युद्ध के दौरान बनाई पहली नर्सेज टीम को दिलाई थी। शनिवार १२ मई को जिला अस्पताल अनूपपुर में भी अस्पताल की समस्त स्टाफ नर्सो ने नर्स मिस फ्लोरेंस नाइट एंगल की याद में केक काट जन्मदिन के रूप में मनाया तथा मरीजों के बीच फल वितरण किया। इस दौरान सभी स्टाफ नर्सो ने अस्पताल आए मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य लाभ देने का संकल्प भी लिया। इस दौरान जिला अस्पताल आरएमओ डॉ. एसआरपी द्विवेदी, अस्पताल की मैंटर्नस, स्टाफ नर्स, सपोर्टिंग स्टाफ सहित अन्य लोग शामिल हुए।

अज्ञात वाहन की ठोकर में बाइक सवार घायल, मंडप कार्यक्रम से घर लौट रहा था

अनूपपुर राजेन्द्रग्राम थानांतर्गत हवेली गांव निवासी 23 वर्षीय कृष्णा सिंह पिता फूलचंद सिंह शुक्रवार की रात 11 बजे घर वापसी के दौरान अज्ञात वाहन की ठोकर में गम्भीर रूप से घायल हो गया। जिसे स्थानीय ग्रामीणों ने उपचार के लिए सामुदायकि स्वास्थ्य केन्द्र राजेन्द्रग्राम में भर्ती कराया। लेकिन डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। बताया जाता है कि कृष्णा सिंह अपने रिश्तेदार के पुत्री के मंडप कार्यक्रम में शामिल होने धरमदास गांव गया था। जहां से रात 11 बजे आपसी कर रहा था। बाइक के पीछे कुछ अन्य वाहनें भी चली आ रही थी। इसी दौरान किसी अज्ञात वाहन ने कृष्णा सिंह की बाइक को पीछे से ठोकर मार दी। जिसमें कृष्णा सिंह गम्भीर रूप से घायल हो गया। वहीं बाइक भी क्षतिग्रस्त हो गई।

घर में लगी आग से जला युवक इलाज के दौरान तोड़ो दम , 80 फीसदी झुलसा था


अनूपपुर छिलपा गांव में 11 मई की शाम को घर में अज्ञात कारणों में लगी आग तथा उसमें झुलसकर गम्भीर रूप से घायल हुए 16 वर्षीय राकेश बैगा पिता रामरत्तू बैगा की आखिरकार उपचार के दौरान जिला चिकित्सालय में मौत हो गई। चिकित्सालय की सूचना पर पुलिस ने शनिवार की सुबह पंचनामा तैयार कर पीएम उपरांत शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस मर्ग कायम कर मामले की जांच कर रही है। घटना में किशोर राकेश बैगा लगभग 70-80 फीसदी झुलस गया था। जिसे प्राथमिक उपचार के तौर पर शुक्रवार की शाम 7 बजे जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। लेकिन रात के दौरान उसकी मौत हो गई। विदित हो कि फुनगा चौकी अंतर्गत छिलपा गांव निवासी रामरत्तु बैगा के घर में अचानक आग लग गई थी। जहां छानी के नीचे सो रहा१६ वर्षीय पुत्र राकेश बैगा गम्भीर रूप से आग की चपेट में आकर झुलस गया था। घर के सदस्य पास ही ईंट पथाई के काम में गए थे। शाम को अचानक घर में लगी आग में जबतक राकेश कुछ समझ पाता, आग उसके पूरे शरीर को अपनी चपेट में ले ली थी। वहंी अगजनी की घटना में पूरा घर जलकर खाक हो गया।  

असंगठित श्रमिकों के पंजीयन में जिला प्रदेश में प्रथम



अनूपपुर शासन की जनहितकारी योजनाओं को जनता तक पहुँचाने के लिए  जिला प्रशासन प्रतिबद्घ है  कलेक्टर अजय शर्मा के नेतृत्व में सेवा प्रदाय में नित नयी उत्कृष्टता  को अनूपपुर प्राप्त कर रहा है। असंगठित श्रमिकों के  पंजीयन हेतु उपलब्ध कुल आवेदन जिनमे नियोजन की जानकारी उपलब्ध है कुल २५६०५३ में से ९६ : आवेदनों कुल  २४६२८९  का सत्यापन उपरांत पंजीयन कर अनूपपुर असंगठित श्रमिकों के पंजीयन में प्रदेश मे प्रथम स्थान पर है। कलेक्टर ने पंजीयन कार्य मे लगे हुए समस्त जनपद, नगरपालिका के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ इस कार्य के क्रियान्वयन मे तकनीकि सहायता देने हेतु जिला एनआईसी टीम को बधाई देते हुए कहा कि  कोई भी पात्र पंजीयन से वंचित न रहे ऐसा प्रयास करते रहे।

घर में लगी आग से ७० प्रतिशत जला युवक, इलाज जिला चिकित्सक जारी

अनूपपुर  भालूमाड़ा थाना अंतर्गत ग्राम छील्पा में घर में आग लगने से एक 16 साल का युवक बुरी तरह से झुलस गया जिसे उपचार के लिए जिला चिकित्सालय में भर्ती किया गया है। घटना के संबंध में बताया गया कि शनिवार को ग्राम छील्पा निवासी राकेश बैगा पिता राम रतु बैगा उम्र 16 साल अपने घर में अकेला सोया था तभी अचानक उसके घर में आग लग गई जिस से घबराए हुए राकेश ने पहले तो आग बुझाने का प्रयास किया जिसमें वह स्वयं भी झुलस गया उसके बाद धुआं उठते देख आस पड़ोस के लोग भी पहुंचे गांव के सरपंच ने पुलिस को व फायर ब्रिगेड को सूचना दी जहां से अनूपपुर से फायर ब्रिगेड पसान नगर पालिका से फायर बिग्रेड भेजा गया और आग पर काबू पाया गया वहीं सरपंच की सूचना पर 100 डायल पहुंची जो घायल राकेश को लेकर जिला चिकित्सालय पहुंचाया बताया जाता है कि राकेश बैगा लगभग 70 फ़ीसदी जल गया है आग लगने का कारण घर में चूल्हे से होना संभावित है घटना की सूचना पर एसडीओपी कोतमा एस एन प्रसाद फुनगा एसआई आर.बी.शर्मा मौके पर पहुंचकर सुरक्षा कारणों का जायजा लिया वही फुनगा चौकी में मामला पंजीबद्ध करते हुए अग्रिम जांच कार्यवाही की जा रही है।



शुक्रवार, 11 मई 2018

नही रुक रही नदी की जल चोरी,दबंगों के आगे नतमस्तक प्रशासन

अनूपपुर  भीषण गर्मी शुरू होते ही गांव सहित नदी, तालाबों पर जल संकट गहराया हुआ है। लोग पानी के लिए दर-दर भटक रहे हैं। किंतु प्रशासन के उदासीन रवैए के कारण कुछ दबंगों द्वारा धड़ल्ले से पानी की चोरी की जा रही है। जिस पर प्रशासन व ग्राम पंचायत लगाम लगाने में नाकाम नजर आ रहा है। जानकारी अनुसार ग्राम पंचायत बकेली के ग्राम कोदैली स्थित कठना नदी के मोतीदहरा से एक व्यक्ति द्वारा मनमाने तरीके से मोटर पंप लगाकर पानी की चोरी की जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार समझाइश देने के बावजूद भी उस व्यक्ति द्वारा मोटर पंप न निकालकर ग्रामीणों से लड़ाई-झगड़े पर उतारू है। जबकि जिला जल अभाव ग्रस्त घोषित है जिसके बाद भी उस व्यक्ति द्वारा 12 माह नदी में मोटर पंप लगाकर सब्जी की सिंचाई व फसल उगा रहा है। जिसकी वजह से नदी में स्थित जल सतह काफी नीचे चला गया है।
मोतीदहरा में नहीं आती अन्य धार
बताया गया मोतीदहरा का पानी स्थाई रूप से एक ही स्थान पर है। इस जगह कोई अन्य धार भी नहीं आती जिसके कारण पानी का सतह बना रहे। वहीं शादी जैसे अन्य समारोह में ग्रामीणों के द्वारा बैलगाड़ी व टैंकर के माध्यम से इसी स्थान से पानी की कमी पूरी हो पाती है पर अब यहां भी जल संकट की समस्या मंडराने लगी है।
15 दिन में सूख सकता है मोतीदहरा
अगर यही हाल रहा तो मोतीदहरा का पानी 15 दिन के भीतर सूख जाएगा। यही कारण है कि अब मवेशियों को पानी पीने के लिए भी पत्थरों के बीच जाकर कठिनाइयों में अपनी प्यास बुझानी पडती हैं। आने वाले माह में गर्मी का तापमान और ज्यादा जा सकता है जिसके कारण पूरी तरह जल स्तर सूख सकता है। जिससे वहां के ग्रामीणों के साथ-साथ मवेशियों को भी पानी की किल्लत से जूझना पड सकता है।
इनका कहना है
पूर्व में पंप हटाने के लिए कहा गया किंतु वह व्यक्ति बात नहीं मान रहा। मैं जनप्रतिनिधि हूं इस नाते ज्यादा दबाव नहीं डाल सकती।

चैतीबाई सरपंच ग्राम पंचायत बकेली 

टैंक न होने हितग्राही शौचालय उपयोग से वंचित

शौचालय में लकड़ी-कंडे व पैरा रखने का बना साधन
अनूपपुर जिले को शौचमुक्त बनाने के लिये प्रशासनिक स्तर पर तमाम कोशिशें जारी हैं जिसके बाद भी शौचालय निर्माण में हितग्राही रूचि नहीं दिखा रहे हैं। शासन शौचालय निर्माण के पश्चात हितग्राहियों को 12 हजार रुपए की अनुदान राशि भी दे रही है, फिर भी हितग्राही शौचालय बनाने के बाद इसका उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। जिसके कारण अब भी शौचालय निर्माण का कार्य पूर्ण नहीं हो सका है। वहीं प्रशासनिक दबाव के कारण कई हितग्राही जल्दबाजी में शौचालय का निर्माण तो कर लिए हैं पर उसका उपयोग नहीं किए। उसकी जगह शौचालय में लकड़ी-कंडे व पैरा रखने का साधन बनाए हुए हैं। कई स्थानों में शौचालय तो कागजों में पूर्ण हो गया किंतु अब तक गड्ढों की स्थिति दयनीय है। सेप्टिक टैंक न होने के कारण भी कई हितग्राही शौचालय उपयोग से वंचित हैं। ऐसा ही मामला ग्राम पंचायत पयारी क्रमांक 1 का है जहां शौचालय तो बनाए गए किंतु शौचालय का उपयोग मात्र कुछ हितग्राही ही कर रहे हैं और बाकी शौचालय अधर में पड़े हैं।
गड्ढे तक नहीं पर निकल गई पूरी राशि
पयारी क्रमांक 1 में पंचायत द्वारा आबादी के अनुसार लगभग 300 शौचालय पूर्ण किए गए थे और उम्मीद थी कि अगले सत्र में शौचालय निर्माण की प्रक्रिया पूर्ण कर ली जाएगी पर शौचालय निर्माण पूर्ण नहीं हो सका। निर्माण हुए शौचालयों में आधे परित्यक्त हो गए। वहीं आधे शौचालयों में गड्ढे भी पूर्ण नहीं हो सके हैं। गड्ढे तो बनाए गए पर उसमें मानक के अनुसार ढलाई आदि प्रक्रिया पूर्ण नहीं हो सकी है और राशि की निकासी हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि गांव के वार्ड क्रमांक 5 सहित सभी वार्डो में ऐसी ही स्थिति बनी हुई है। जिसके कारण ग्रामीण आज भी खुले में शौच करने को मजबूर हैं। इस पर पंचायत को ध्यान देना चाहिए था किंतु पंचायत की उदासीनता व संबंधित रोजगार सहायक द्वारा बिना गड्ढे की स्थिति देखे ही फोटो अपलोड किया गया जिसके कारण ऐसी स्थिति बनी हुई है।
ग्रामीणों ने मनमाने तरीके से कराया निर्माण
शौचालय निर्माण के लिए ग्रामीणों को बार-बार कहा गया जिसके बाद भी ग्रामीण शौचालय का निर्माण मनमाने तरीके से किए, जिसके कारण शौचालय गुणवत्ताविहीन व अनुपयोगी होता जा रहा है। कई जगह शौचालय के दरवाजे टूटे हैं तो कई जगह सेप्टिक टैंक का निर्माण न किए जाने से ग्रामीण उसका उपयोग लकड़ी-कंडे तथा पैरा व अन्य सामग्री रखने के लिए कर रहे हैं। पानी की समस्या के कारण भी ग्रामीण शौचालय पूर्ण होने के बाद भी उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। वहीं शौचालय निर्माण के बाद प्रथम व द्वितीय किश्त के द्वारा प्राप्त 12 हजार रुपए की राशि का भी ग्रामीण सदउपयोग नहीं कर सके। जिस वजह से शौचालय की आधी-अधूरी स्थिति बनी हुई है।
समूह द्वारा कराए गए निर्माण भी गुणवत्ताहीन
शौचालय निर्माण की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूर्ण कराए एवं जो हितग्राही आर्थिक रूप से कमजोर हैं उन्हे शौचालय निर्माण कराए जाने के लिए ग्राम पंचायत में संचालित स्वसहायता समूह को भी इस कार्य में लगाया गया था। किंतु संबंधित स्वसहायता समूह द्वारा घटिया शौचालय निर्माण कराया गया जहां प्राप्त राशि को बचाने के चक्कर में समूह संचालक द्वारा गुणवत्ताहीन शौचालय बनाया गया। जहां कई जगह गड्ढे पूर्ण नहीं हुए तो कई जगह दीवार की छपाई व पानी टंकी का भी निर्माण नहीं कराया गया। वहीं कई शौचालय में टायलेट सीट को भी नहीं बैठाया गया दिखावे के लिए उस स्थान पर रख दिया गया है एवं सीमेंट में भी रेत की मात्रा ज्यादा होने से छपाई के बाद परत भी निकलने लगे हैं जिसके कारण आज भी स्थिति लोटाप्रथा की स्थिति बनी हुई है।
इनका कहना है
हितग्राहियों के बताए अनुसार ही शौचालय निर्माण कराए गए हैं। जनपद पंचायत द्वारा फोटो देखने के बाद ही शौचालय निर्माण का अनुदान हितग्राही के खाते में भेजे गए हैं। सभी निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण हैं। यह हितग्राहियों की मानसिकता है कि वह शौचालय का उपयोग न कर सामग्री रखने का कार्य कर रहे है।

के.पी.रजौरिया मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत अनूपपुर 

एमबी पावर एवं ओरियंट पर 91 करोड से अधिक का जलकर बकाया


सोन नदी से आवंटित जल के उपयोग पर राशि बकाया
अनूपपुर दो सबसे बडे औद्योगिक संस्थान एमबी पावर जैतहरी एवं ओरियंट पेपर मिल अमलाई द्वारा सोन नदी से पानी का उपयोग किए जाने का अनुबंध जल संसाधन विभाग से किया गया था, जिस पर दोनो ही संस्थानो की 91 करोड 54 लाख 90 हजार 879 रूपए जलकर की राशि का भुगतान बकाया है। जिस पर एमबी पावर प्लांट के जनसंपर्क अधिकारी तरूण कुमार एवं ओरियंट पेपर मिल के जनसंपर्क अधिकारी रामलखन शुक्ला से इस संबंध में जानकारी चाही गई जिस पर दोनो अधिकारियो ने अपनी अनभिज्ञता जताते हुए बाहर होने की बात कही।
एमबी पावर प्लांट जैतहरी एवं ओरियंट पेपर मिल अमलाई द्वारा किए जा रहे सोन नदी के जल के उपयोग किए जाने पर जल संसाधन विभाग द्वारा एमबी पावर को वार्षिक 80.176 मिलीयन घन मीटर तथा ओरियंट पेपर मिल को 12.46 मिलीयन घन मीटर जल आवंटित किया गया है, जिसमें दोनो ही औद्योगिक संस्थान में विभाग 1.55 रूपए प्रति क्यूबी मीटर दर के हिसाब से एमबी पावर द्वारा 16 करोड 18 लाख ६२ हजार 830 रूपए तथा ओरिएंट पेपर मिल अमलाई की 75 करोड 36 लाख 28 हजार 49 रूपए की जलकर राशि बकाया है।
ओरिएंट पेपर मिल का 75 करोड बकाया
जल संसाधन विभाग के कार्यपालन यंत्री ने जानकारी देते हुए बताया कि अमलाई में संचालित ओरियंट पेपर मिल के जलकर की बकाया राशि वर्ष अक्टूबर 2017 तक 75 करोड 36 लाख 28 हजार 49 रूपए है जिस पर 61 करोड 74 लाख 296 रूपए सिर्फ ब्याज की राशि है। वहीं ओरियंट पेपर मिल द्वारा जून 1998 से दिसम्बर 2003 तक जलकर की एक भी राशि नही जमा की गई, वहीं जनवरी 2004 से जहां प्रत्येक महीने की राशि जमा की जा रही है।
एमबी पावर पर 16 करोड की राशि बकाया
वहीं जैतहरी में संचालित एमपी पावर प्लांट द्वारा सोन नदी के जल के उपयोग पर जनवरी 2018 तक जल संसाधन की 16 करोड 18 लाख 62 हजार 830 रूपए जलकर की राशि बकाया जिस पर अनुबंध की शर्तो के अनुसार प्रतिमाह जलकर की राशि समय पर जमा नही करने पर 3 करोड 78 लाख 75 हजार 904 रूपए ब्याज लगा है। जबकि संसाधन विभाग द्वारा इन औद्योगिक संस्थानो पर समय पर जलकर की राशि का बिल प्रत्येक माह भेजा जा रहा है।
इनका कहना है
एमपी पावर तथा ओरियंट पेपर मिल का लगभग 91 करोड से अधिक की जलकर राशि बकाया है। वहीं पेपर मिल का वर्तमान समय का देयक तो नियमित आ रहा है किन्तु पुराने देयक के भुगतान का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है।
सी.एम. शुक्ला, कार्यपालनयंत्री जल संसाधन अनूपपुर

नल-जल नही हुआ शुरू, पानी के लिए ग्रामीण परेशान



टैंकरो के माध्यम से पानी खरीद बुझा रहे प्यास
कोतमा। जनपद पंचायत कोतमा अंतर्गत ग्राम पंचायत बुढ़ानपुर के ग्रामीण सहित जानवर भीषण गर्मी में पेयजल की समस्या से जूझ रहे है। वहीं ३ हजार २०० आबादी वाले इस ग्राम में पेयजल उपलब्ध कराने किसी तरह की व्यवस्था नही की गई है। गांव में २ दर्जन से अधिक हैण्डपंप सहित २१ तालाब है जो पूरी तरह से सूख चुके है। वहीं भीषण गर्मी में पेयजल संकट से निपटने के लिए प्रशासन भले ही हरसंभव प्रयास  कर रही है, लेकिन मैदानी हकीकत इसके विपरीत है। बुढ़ानपुर गांव मे नलजल योजना अब तक प्रारंभ नही हुई। वही गांव मे लगे 2 दर्जन हैंडपंपो मे से 7 हैण्डपंप पानी की जगह हवा उगल रहे है। वहीं कुछ ग्रामीण प्राईवेट पानी टैंकरो के माध्यम से पानी खरीद अपनी प्यास बुझाने मजबूर है।  वहीं जो हैण्डपंप चालू है उनमें भी ग्रामीणो को घंटो मशक्कत करने के बाद पानी उपलब्ध हो पाता है। गांव के कृष्ण कुमार सोनी, संतोष, दीपक, वीरेन्द्र ने बताया कि पिछले 10 वर्षो से गांव में पेयजल की समस्या बनी हुई है। वहीं 6 माह पूर्व गांव में नलजल योजना स्वीकृत तो हुई जिसके बाद विभाग द्वारा 5 से 6 बोर भी करवाए गए लेकिन जल स्तर नीचे होने के कारण बोर फेल हो गया और नलजल योजना संचालित नही हो सकी। वहीं ग्राम पंचायत में ग्रामीणो को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए पानी टैंकर की व्यवस्था है लेकिन उनकी हालत जर्जर हो चली है। वहीं ग्रामीणो को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जहां प्रशासन अनेको बैठक कर रहा है, लेकिन हकीकत में यह बैठक सिर्फ कागजी कोरम पूरा करने के लिए बना हुआ दिखा रहा है।
इनका कहना है
ग्राम पंचायत बुढानपुर मे नलजल योजना के लिए बोर करवाया गया था, जो की फेल हो गया है।
एसपी द्विवेदी, उपयंत्री पीएचई विभाग


भीषण गर्मी: प्राइमरी कक्षा तक की छुट्टी, 6वीं से 12वीं तक की कक्षाएं यथावत

अनूपपु्र। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले मे गर्मी का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। वही इस भीषण गर्मी से विद्यालय के ...