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शनिवार, 3 अक्टूबर 2026

गुम ईव्हीएम मशीने मिली बंद फाईलो में, काउंटिंग व रिकॉर्ड मिलान में सामने आई थी कमी, प्रशासन ने ली राहत की सांस


कोतवाली में दर्ज कराई गई थी एफआईआर; भोपाल भेजी गई थीं मशीनें

अनूपपुर। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) के गुम होने का राज शनिवार को खुल गया। ईव्हीएम मशीनों का रिकॉर्ड मिलान के दौरान ज्ञात हुआ कि वह वास्तव में निर्वाचन कार्यालय भोपाल भेजी गई थीं। संबंधित पुराना पत्र मिलने के बाद पूरा मामला स्पष्ट हुआ है, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली है। तत्कालीन उप जिला निर्वाचन अधिकारी सरोधन सिंह वर्ष 2021 में खराब ईव्हीएम मशीने भोपाल जहां से हैदराबाद भेजी गई थी। रिकॉर्ड मिलान के दौरान सभी राजनैतिक दल के लो शामिल थे।

जानकारी के अनुसार, निर्वाचन प्रक्रिया के बाद ईव्हीएम की काउंटिंग और रिकॉर्ड मिलान के दौरान कुछ मशीनों का सही ढंग से मिलान नहीं हो पाया था। रिकॉर्ड में मशीनें उपलब्ध नहीं मिलने के बाद उनके गुम होने की आशंका सामने आई थी। मामला गंभीर होने के कारण अनूपपुर कोतवाली में एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी। इसके बाद निर्वाचन संबंधी पुराने अभिलेखों की जांच की गई। जांच के दौरान वह पुराना पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें संबंधित ईव्हीएम मशीनों को निर्वाचन कार्यालय भोपाल भेजे जाने का उल्लेख था। पत्र मिलने के बाद यह स्पष्ट हुआ कि जिन मशीनों के गुम होने की बात सामने आई थी, वे कहीं गायब नहीं हुई थीं, बल्कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत भोपाल भेजी गई थीं। 

मामले के स्पष्ट होने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली है। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम ने निर्वाचन जैसे संवेदनशील कार्य में ईवीएम के रिकॉर्ड संधारण, काउंटिंग के बाद मिलान तथा मशीनों के आवागमन की निगरानी को लेकर सवाल जरूर खड़े किए हैं। समय पर रिकॉर्ड का सही मिलान नहीं होने के कारण जहां ईवीएम के गुम होने की स्थिति बनी, वहीं मामला पुलिस तक पहुंच गया और एफआईआर दर्ज कराने की नौबत आई। अब पुराने पत्र के सामने आने के बाद संबंधित अभिलेखों का मिलान कर पूरे रिकॉर्ड को दुरुस्त किए जाने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण होगी।

पुराना पत्र बना मामले की गुत्थी सुलझाने की अहम कड़ी

निर्वाचन कार्यालय भोपाल को ईव्हीएम भेजे जाने संबंधी पुराने पत्र के मिलने को पूरे मामले में अहम कड़ी माना जा रहा है। इससे यह स्पष्ट हुआ कि रिकॉर्ड में जिन मशीनों की उपलब्धता नहीं मिल रही थी, उनका निर्वाचन कार्यालय भोपाल भेजे जाने का दस्तावेजी उल्लेख मौजूद था। 

उप जिला निर्वाचन अधिकारी एवं अपर कलेक्टर अनूपपुर बलबीर सिंह ने शनिवार को बताया कि तत्कालीन उप जिला निर्वाचन अधिकारी सरोधन सिंह वर्ष 2021 में खराब ईव्हीएम मशीने भोपाल जहां से हैदराबाद भेजी गई थी इसका इसका पत्र फाइलों से मिलने पर जानकारी मिली। वही भोपाल में बैठे लोगों को कल ही इसकी जानकारी मिल गई थी। 


मानसिक विक्षिप्त ने मां सहित नाना- नानी व ममेरी बहन को डंडे से पीटकर उतारा मौत के घाट,चार घायल

अनूपपुर। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले की सरई पुलिस चौकी से 60 किलोमीटर दूर और उमरिया जिले के घनघुटी गांव से 16 किलोमीटर पहले छोटी तुम्मी ग्राम पंचायत के अमोदा गांव में शनिवार की सुबह दिल दहला देने वाली घटना में नाना-नानी के घर रह रहे 32 वर्षीय युवक प्रेम सिंह गोंड निवासी नौरोजाबाद उमरिया ने अचानक अपनी ही 70 वर्षीय नानी भन्नी बाई गोंड और बीच बचाव करने पहुंचे 75 वर्षीय नाना संपत सिंह गोंड पर डंडे से लगातार प्रहार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया, वहीं बीच बचाव करने पहुंची 50 वर्षीय मां अनूपिया बाई पर भी हमला कर घायल कर दिया। इस घटना में 4 की मौत हो गई। वहीं इस दौरान युवक ने अपने मामा सहित उनकी 4 अन्य पर भी डंडे से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिनका वर्तमान में शहडोल में इलाज कराया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब पहुंच कर मौके पर निरीक्षण कर जायाजा लिया। 

पुलिस के अनुसार, प्रेम सिंह गोंड कुछ समय से अपनी मां के साथ नाना-नानी के घर रह रहा था। शुक्रवार रात उसने गांव के मंदिर के पुजारी की भी पिटाई की थी।

पुलिस अधीक्षक अनूपपुर विक्रांत मुराब ने बताया कि ग्रामीणों के अनुसार युवक प्रेम सिंह गोंड मानसिक विक्षिप्त है, जो अपनी मां के साथ किसी पारिवारिक कारणों में कुछ समय से अपने नाना-नानी के घर अमोदा में रह रहा था। शुक्रवार की रात करीब 1-2 बजे गांव के ही मंदिर पुजारी 62 वर्षीय गंगा सिंह पर अचानक डंडे से हमला किया था जिसमें पुजारी गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने परिजनों के साथ उन्हें उपचार के लिए अस्पताल के लिए भेजा था। इसके बाद ग्रामीणों ने प्रेम सिंह गोंड को हाथ पैर बांधकर घर के पास बैठा दिया था। कुछ देर शांत रहने के बाद सुबह करीब 4 से 5 के बीच मां को लगा कि अब वह किसी को नुकसान नहीं पहुंचाएगा उसके हाथ पांव की बंधी रस्सी की खोल दी। लेकिन कुछ समय बाद अचानक ही युवक पास रखे डंडे से अपनी नानी भन्नी बाई पर हमला कर दिया। इसी दौरान बीच बचाव के लिए उसके नाना संपत सिंह दौड़े, लेकिन युवक ने उसे पर भी ताबड़तोड़ डंडे से प्रहार करना शुरू कर दिया। दोनों वहीं जमीन पर गिर गए, घटना को देखकर मां अनूपिया बाई भी बीच बचाव के लिए दौड़ी लेकिन युवक ने उसे पर भी हमला कर दिया। यह क्रम पारिवारिक स्थिति में लगातार चलता रहा। इसके बाद युवक ने अपने मामा व उनकी 3 बेटियों पर भी डंडे से हमला किया जिसमें सभी को चोटे आई। प्राथमिक सूचना में नानी की मौत होने की जानकारी आई, लेकिन कुछ समय बाद मां और नाना की भी मौत होने की सूचना मिली। घटना के सूचना पर फॉरेंसिक टीम को भी गांव बुलाया गया जहां साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं। घटनास्थल की घेराबंदी कर दिया गया है। शवों का पंचनामा तैयार करते आगे की कार्रवाई की जा रही है। आरोपी को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। 

घायल चैन सिंह ने बताया कि पास में घर होने के बावजूद डर की वजह से लोग मदद के लिए आगे नहीं आए। हमले के दौरान बड़ी बेटी किसी तरह वहां से निकलकर जंगल की तरफ भागी। उसने चैन सिंह को पूरी घटना बताई। चैन सिंह घर की तरफ दौड़े। वहां पहुंचते ही प्रेम सिंह ने उन पर भी हमला कर दिया। शोर सुनकर गांव के लोग मौके पर पहुंचे। प्रेम सिंह को पकड़कर दोबारा रस्सी से बांध दिया। तब तक संपत सिंह, भन्नी बाई और अनुपिया की मौत हो चुकी थी। सभी घायलों को शहडोल मेडिकल अस्पताल ले जाया गया। यहां मोनिका ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। चैन सिंह के हाथ में फ्रैक्चर और सिर में चोट आई है। बच्ची भारती की हालत गंभीर है। उसे आईसीयू में रखा गया है।

चैन सिंह ने बताया कि उनकी बहन अनुपिया का ससुराल उमरिया जिले के नौरोजाबाद के पास मरदरी गांव में है। उनके पति की करीब पांच साल पहले मौत हो चुकी है। उनके दो बेटे हैं। प्रेम सिंह बड़ा बेटा है। प्रेम सिंह की मानसिक हालत ठीक नहीं है। अनुपिया भी तबीयत खराब होने के कारण करीब एक हफ्ते पहले इलाज कराने यहां आई थी। प्रेम सिंह तीन दिन पहले ही गांव आया था। प्रेम सिंह की शादी हो चुकी थी। वह अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता था। इसी वजह से करीब तीन साल पहले उसकी पत्नी उसे छोड़कर चली गई थी।

मौके पर मेडिकल टीम पहुंची

पुष्पराजगढ़ बीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह ने बताया- बेनीबारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मेडिकल टीम घटनास्थल पर पहुंच गई है। शवों की जांच और फोटोग्राफी की जा रही है। जरूरत पड़ने पर शवों को बेनीबारी में पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पोस्टमॉर्टम घटनास्थल पर संभव है या शवों को बेनीबारी लाया जाएगा, यह फॉरेंसिक टीम के निर्देश और मौके की स्थिति के आधार पर तय होगा।



गुम ईव्हीएम मशीने मिली बंद फाईलो में, काउंटिंग व रिकॉर्ड मिलान में सामने आई थी कमी, प्रशासन ने ली राहत की सांस

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