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बुधवार, 9 मई 2018

उज्जवला योजना से वंचित पसान नपा की महिलाए



भालूमाडा। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के माध्यम से महिलाओ को सशक्त बनाने के साथ धुंए से निजात दिलाने के लिए पूरे देश मे लागू है। लेकिन पसान नगर पालिका क्षेत्र मे महिलाओ को उक्त योजना का लाभ पूरी तरह से मिलता नजर नही आ रहा बताया जाता है कि पसान नपा मे १२० महिलाओ के द्वारा दिये गये आवेदन मे मात्र १७ महिलाओ को योजना से जोड़ा गया जिससे अन्य महिलाओ मे मायूसी देखी जा रही है। पसान नगर पालिका उपाध्यक्ष शालिनी जायसवाल ने बताया कि पसान नपा के नाम से संचालित एजेन्सी १० किलोमीटर दूर कोतमा मे चलाई जा रही है जिससे उपभेक्ताओ को भारी परेशानी का सामना करना पड रहा है साथ ही दस्तावेजो को जमा कराने के लिए भटकना पडता है। उपाध्यक्ष ने जिला प्रशासन एंव खाद्य अधिकारियो से समस्या को निराकरण की मांग की है।  

भाजपा के लिये करो य मरो,कांग्रेस में विधायक की प्रतिष्ठा दांव पर



विधानसभा कोतमा
अनूपपुर। विधानसभा चुनाव की आहट से कोतमा विधानसभा क्षेत्र में दिखने लगी है अटकलो का दौर जारी है। विधानसभा क्षेत्र मे किसका परचम लहराएगा क्या पंजा वापस आएगा या इस बार केसरिया परचम लहराएगा कोतमा विधानसभा शहडोल संसदीय की इकलौती सामान्य सीट है ऐसे मे माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में उक्त सीट पर जमकर घमासान देखने को मिलेगा। जंहा एक ओर कांग्रेस इस सीट पर दोबारा जीत दर्ज कराना चाहेगी वही दूसरी ओर भाजपा के लिये करो य मरो कि स्थित होगी। किन्तु दोनो दलो के लिए आसान नही होगी जहा एक ओर भाजपा को अपनो से चुनौती मिलेगी वही दूसरी ओर कांग्रेस का कमजोर संगठन जो बीते 5 वर्षो में मौजूदा बिधायक की कार्यप्रणाली कांग्रेस के लिए मुसीबत का सबब बन सकती है। स्मरणीय है कांग्रेस के मौजूदा विधायक ने बीते चार वर्षो में संगठन को दर किनार किया है तो दूसरी ओर जनहित के मुद्दो से कोई खास सरोकार रहा है। ऐसे में कंाग्रेस को चौतरफा चुनौतियो का सामना करना पडेगा। कार्यकर्ताओ की माने तो मौजूदा विधायक ने गुुटबाजी को बढ़ावा दिया है,संगठन के समनात्तर अपना संगठन बना कर अपनी  चलाई है। जिससे क्षेत्र के कार्यकर्ताओ में विधायक के प्रति खासे नाराज है,वैसे भी कार्यकर्ताओ की कमी से जूझ रही है ऐसे में कांग्रेस की विजय पताका लहराएगी यह कहना जल्दबाजी होगी। कार्यकर्ताओ का आक्रोश कांग्रेस के लिए भारी पड़ सकता है वही दूसरी ओर कोतमा और बिजुरी के स्थानिय निकाय चुनावो में हार का सामना करना पडा है। लोकसभा उपचुनाव मे भी कोतमा विधानसभा क्षेत्र मे कांग्रेस पराजय का मुह देखना पड़ा है। तो वही भाजप में जमकर गुटबाजी देखने को मिल रही है,जिसे देखो वही दावेदारी ठोक रहा हैै किन्तु अभी तक ऐसा कोई नही जो पार्टी के काम में खरा उतरा हो सभी कही न कही पार्टी को अधेरें में रख कार्य को अंजाम दिया है चाहे कोतमा और बिजुरी के स्थानिय निकाय चुनावो हो सबने अपनी राजनीतिक रोटी सेकीं है। इसका विषलेशण अभी नही किया जा सकता आने वाले दिनो में होगा।
वैसे भी कोतमा विधानसभा क्षेत्र में भाजपा के  उम्मीदवारो की फेहरिस्त लंबी है यहा पर एक अनार सौ बीमार की कहावत चरितार्थ होती है, भाजपा के  लिए उम्मीदवारो की सर्वसम्मति बनाकर उपयुक्त उम्मीदवार का चयन करना आसान नही होगा। विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस की अपेक्षा भाजपा का संगठन बहुत मजबूत स्थिति में है। मगर गुटबाजी भाजपा के नेताओ के लिए परेशानी का सबब बन सकती है।

जल ही जीवन जल सा जीवन, जल्दी ही जल जाओगे,



अगर न बची जल की बूंदें, कैसे प्यास बुझाओगे।
अनूपपुर नदियों का सूखना निश्चित रूप से चिंता का विषय है। खासकर वे नदियां, जिनके जीवन का आधार जलस्रोत हैं।नदियों के जल स्तर में चिंताजनक ढंग से गिरावट आई है। इस सबका नतीजा ये हुआ कि राज्य पेयजल संकट से जूझ रहा हैं। विकास की अंधि दौड़ में जीवनदायिनी नदियों की अनदेखी की गई। सड़क बनी तो नदियों को जीवन देने वाले स्रोत ही खत्म हो गए तो कहीं जलसमेट क्षेत्र (कैचमेंट एरिया) तबाह कर दिए गए। अनियोजित विकास ने स्रोत तो खत्म किए, मगर इन्हें जीवनदान देने को गंभीरता से प्रयास नहीं किए गए। ऐसे में नदियां सूखती नहीं तो क्या होता। राज्य सरकार की नदियों को पुनर्जीवन की पहल उम्मीद जगाती है।
जन अभियान परिषद द्वारा आयोजित 15 दिवसीय कार्यक्रम नदी संरक्षण एवं पुनर्जीवन के तहत राज्य के तहसील स्तर पर एक-एक नदी अथवा बरसाती नाले के संरक्षण एवं पुनर्जीवन के लिए चुना गया है। नवांकुर संस्था, प्रस्फुटन समिति, सी एम सी एल डी पी के छात्र एवं ग्रामीण जनों की सहभागिता से जिले के जैतहरी विकास खंड में ग्राम खुरसा (भेलमा) से उद्गमित नदी हँसिया में श्रमदान कर नदी के संरक्षण एवं पुनर्जीवन के लिए कार्यरत है। सोन शिव सेवा संस्था अध्यक्ष देवेन्द्र पांडेय एवं सचिव दिलीप शर्मा के संस्था अनुसार प्राकृतिक सम्पदाओं के संरक्षण एवं उनके पुनर्जीवन के पक्ष में सदैव कार्यरत रहा है। जन अभियान परिषद द्वारा चयनित जिले के जैतहरी विकास खंड में ग्राम खुरसा (भेलमा) से उद्गमित नदी हँसिया नदी जिसकी लंबाई लगभग 23 कि. मी. और चौड़ाई 20 मी. है। नदी अनेक गांवों से होते हुए जैतहरी के पास तूफान नदी में मिलती है। जिसमे सेवा संस्था जन अभियान के 15 दिवसीय कार्यक्रम नदी संरक्षण एवं पुनर्जीवन में गामीण जनो की सहभागिता से 6 से 25 मई तक श्रमदान कर नदियों के पुनर्जीवन हेतु कार्यरत है।

आदिवासी साहित्य को संवेदना के साथ परखने की आवश्यकता-प्रो.गंगा प्रसाद विमल



इंगांराजवि में लुप्तप्राय:भाषा और हिंदी विभाग की दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी संपन्न
अनूपपुर आदिवासी साहित्य को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकटंक के लुप्तप्राय:भाषा केंन्द्र और हिंदी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के आयोजन में हाशिये का समाज और आदिवासी क्रेंद्रित साहित्य विषयक संगोष्ठी में आदिवासी साहित्य को संवेदना के साथ परखने पर जोर दिया गया।
विशिष्ट अतिथि प्रो.गंगा प्रसाद विमल ने कहा कि भारत की जड़ें आदिवासी जीवन से संबंधित हैं जिससे काफी कुछ सीखा जा सकता है। ऐसे में आदिवासी साहित्य को पूरी संवेदना के साथ देखने और परखने की आवश्यकता है। प्रो.विभूति नारायण राय ने आदिवासियों की सामाजिक और आर्थिक समस्याओं पर कहा कि आदिवासी समाज की चुनौतियां काफी अलग हैं और इन चुनौतियों को सभी के सामने प्रस्तुत करना नए साहित्यकारों का कर्तव्य है।
लुप्त भाषा केंन्द्र के निदेशक प्रो.दिलीप सिंह ने आदिवासी लोक साहित्य और भारतीय भाषाओं में लिखित आदिवासी केंद्रित साहित्य पर नई दृष्टि से विचार करने का सुझाव दिया। कुलपति प्रो.टी.वी. कटटीमनी ने आदिवासी साहित्य में उनकी दैनिक दिनचर्या,खानपान और लोक कलाओं को भी समाहित करने पर जोर दिया। इस अवसर पर प्रो. दिलीप सिंह की दो पुस्तकों कहां-कहां से गुजर गया और उजडे दायरों का बेबाक अफसाना का विमोचन भी हुआ।
दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में शशि नारायण स्वाधीन, बाबूराव देसाई, डॉ.संजीव रायप्पा, डॉ.संजय यशवंत लोहकरे, डॉ. हरि प्रसाद दुबे, डॉ. सुरेंद्र कुमार नायक, डॉ. भावेश जाधव, डॉ. राम अहलाद चौधरी आदि ने अपने आलेख और विचार प्रस्तुत किए। संगोष्ठी में महाराष्ट्र, गुजरात, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के आदिवासी साहित्य के प्रमुख लेखकों ने भाग लिया। इससे पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. रेनू सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। संगोष्ठी में डॉ.आशुतोष सिंह, डॉ.वीरेंद्र प्रताप सहित हिंदी विभाग के शिक्षकों, छात्रों और शोधार्थियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया।

मंगलवार, 8 मई 2018

हिन्दुस्थान समाचार के निदेशक मंडल का पुनर्गठन, आरके सिन्हा फिर बने अध्यक्ष


नई दिल्ली (हि.स.)। हिन्दुस्थान समाचार बहुभाषी न्यूज एजेंसी की मंगलवार को एक विशेष आमसभा की बैठक संपन्न हुई। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र में आयोजित इस बैठक में निदेशक मंडल का पुनर्गठन हुआ। बोर्ड के नव निर्वाचित निदेशकों ने सर्व सम्मति से राज्यसभा सदस्य रविन्द्र किशोर सिन्हा को अगले कार्यकाल के लिए दोबारा अध्यक्ष निर्वाचित किया। नागपुर के अरविन्द मार्डीकर को उपाध्यक्ष चुना गया। इस विशेष आमसभा में वर्ष 2018-2023 तक के लिए 21 सदस्यीय निदेशक मंडल का चुनाव सर्व सम्मति से हुआ। उल्लेखनीय है कि वर्तमान निदेशक मंडल का कार्यकाल 9 मई को समाप्त हो रहा था। इसलिए देशभर से अंशधारकों ने एकत्र होकर नए निदेशक मंडल का चुनाव किया। चुनाव की प्रक्रिया राजन के. मेडेकर ने सम्पन्न कराई। हिन्दुस्थान समाचार के नये निदेशक मंडल में अब निम्नलिखित सदस्य होंगे- आर. के. सिन्हा (अध्यक्ष), अरविन्द मार्डीकर (उपाध्यक्ष), रामबहादुर राय, अच्युतानंद मिश्र, जगदीश उपासने, केशव गोविंद परांडे, बलबीर दत्त, इंद्रजीत प्रसाद सिंह, आर. बालाशंकर, श्रीमती सुषमा अग्रवाल, राजकुमार भाटिया, रतिन्द्र मोहन बनर्जी, अमलेन्दु कुंडु, अमर सांवले, राजन कुमार, राजनाथ सिंह सूर्य, बिशन नारायण खन्ना, देवेन्द्र भसीन, चन्द्रमोहन अग्रवाल, ब्रजेश कुमार और देवदत्त आपटे। इनमें से अधिकांश सदस्य पहले भी निदेशक मंडल के सदस्य रहे हैं। कुछ नए सदस्य जुड़े हैं, जिनका परिचय बोर्ड की पहली बैठक में कराया गया। इससे पहले पिछले 2 साल की गतिविधियों और उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए और अपने सहयोगियों को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए रविन्द्र किशोर सिन्हा ने कहा कि हमें चुनौतियों को अवसर में बदलने का हुनर आता है। हमें विश्वास है कि हम हिन्दुस्थान समाचार को बिना किसी बैसाखी के अपने बल पर खड़ा करेंगे। समाचार जगत के सामने उत्पन्न चुनौतियों की चर्चा करते हुए श्री सिन्हा ने कहा कि नए जमाने में नई तकनीक का इस्तेमाल कर नए क्षेत्रों में प्रयोग करने की आवश्यकता है। यह करते हुए भी हम इस बात का पूरा ध्यान रखेंगे कि हिन्दुस्थान समाचार की साख और विश्वसनीयता ज्यों की त्यों बनी रहे।

भीषण गर्मी: प्राइमरी कक्षा तक की छुट्टी, 6वीं से 12वीं तक की कक्षाएं यथावत

अनूपपु्र। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले मे गर्मी का प्रकोप बढ़ता ही जा रहा है जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। वही इस भीषण गर्मी से विद्यालय के ...