दिल्ली एयरपोर्ट, कस्टम और पुलिस अधिकारी बनकर ऐंठी रकम, सिर्फ 80 हजार रुपये फ्रीज, बाकी राशि दर्जनों खातों में ट्रांसफर
अनूपपुर। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले की कोतवाली विदेशी गिफ्ट भेजने और दिल्ली एयरपोर्ट पर कस्टम द्वारा सामान पकड़े जाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने 64 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षिका डुम्मी पडवार को अपना शिकार बनाया। ठगों ने पहले महिला को इंग्लैंड में रहने वाला कारोबारी बताकर बड़ी बहन का रिश्ता बनाया और रक्षाबंधन पर महंगा गिफ्ट भेजने की बात कही। इसके बाद दिल्ली एयरपोर्ट, कस्टम और आगरा पुलिस के अधिकारी बनकर अलग-अलग बहानों से रकम जमा कराते रहे। करीब दो सप्ताह में महिला से 23 लाख 70 हजार 900 रुपये ठग लिए गए।
पीड़िता अनूपपुर निवासी हैं और शासकीय माध्यमिक कन्या विद्यालय से 31 दिसंबर 2023 को सेवानिवृत्त हुई थीं। शिकायत के अनुसार सेवानिवृत्ति के बाद मिली राशि और पेंशन से उनका जीवन-यापन चल रहा था। साइबर ठगों ने जेल जाने और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर उनकी जमा पूंजी तक अपने खातों में ट्रांसफर करा ली।
पहले बनाया बहन का रिश्ता, फिर शुरू हुआ ठगी का खेल
महिला के अनुसार करीब चार माह पहले अमनप्रीत नामक युवक ने फोन कर खुद को इंग्लैंड में रहने वाला कारोबारी बताया। उसने कहा कि उसके माता-पिता नहीं हैं और वह महिला को अपनी बड़ी बहन मानता है। इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए उसने रक्षाबंधन पर गिफ्ट भेजने की बात कही। कुछ समय बाद अलग-अलग मोबाइल नंबरों से फोन आने लगे। कॉल करने वालों ने खुद को दिल्ली एयरपोर्ट, कस्टम और आगरा पुलिस का अधिकारी बताते हुए कहा कि इंग्लैंड से भेजा गया गिफ्ट एयरपोर्ट पर पकड़ा गया है। ठगों ने गिफ्ट की कीमत करीब 1 करोड़ 75 लाख रुपये बताकर पहले रसीद नहीं होने के नाम पर 70 हजार रुपये जमा कराने को कहा। इसके बाद दस्तावेज, कस्टम शुल्क, टैक्स और सामान को जिले से बाहर ले जाने की अनुमति सहित अलग-अलग बहाने बनाए गए।
20 किस्तों में खाते खाली कराए
शिकायत के अनुसार 19 जून से 2 जुलाई के बीच महिला से अलग-अलग खातों में करीब 20 किस्तों में 23,70,900 रुपये जमा कराए गए। जब ठगों ने दोबारा बड़ी रकम की मांग की तो महिला को संदेह हुआ। इसके बाद उन्हें एहसास हुआ कि जिस व्यक्ति से उनकी बातचीत हुई थी, उससे उनकी कभी मुलाकात तक नहीं हुई और उसका वास्तविक नाम-पता भी उन्हें मालूम नहीं था।
दर्जनों खातों में पहुंची रकम, सिर्फ 80 हजार फ्रीज
थाना प्रभारी संजय अशोक एक्का ने गुरूवार को बताया कि शिकायत के बाद पुलिस ने रकम के ट्रांजेक्शन की पड़ताल शुरू की। जिन खातों में महिला ने राशि ट्रांसफर की थी, वहां से रकम आगे दर्जनों खातों में भेजी गई और कई खातों से राशि निकाल भी ली गई। पुलिस के अनुसार फिलहाल एक खाते में मिले 80 हजार रुपये को फ्रीज कराने की कार्रवाई की गई है। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 319(2) और 318(4) के तहत मामला दर्ज कर मोबाइल नंबरों और बैंक खातों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। साइबर ठगों ने भावनात्मक रिश्ता कायम करने के बाद सरकारी अधिकारियों का भय दिखाकर महिला की जीवनभर की जमा पूंजी पर हाथ साफ कर दिया।

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